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फैसला / कहीं आपका फोन भी तो नहीं हो रहा टैप, आरटीआई से कर सकते हैं पता; ट्राई खुद देगा जवाब



trai give info on phone tapping under rti act says delhi high court
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trai give info on phone tapping under rti act says delhi high court

वोडोफोन ने कॉल रिकॉर्डिंग की जानकारी देने से इनकार किया तो वकील ने लगाई थी कोर्ट में याचिका

कोर्ट का आदेश- निजी टेलिकॉम कंपनी से जानकारी लेना ट्राई का हक

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 11:28 AM IST

गैजेट डेस्क. अगर किसी को लगता है कि उसके फोन कॉल टैप किए जा रहे हैं, तो वह इसकी जानकारी आरटीआई के जरिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ट्राई से मांग सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट ने वकील शंकर बोस की याचिका पर फैसला देते हुए कहा, "हर किसी को अपने फोन की ट्रैकिंग, टैपिंग या सर्विलांस की जानकारी लेने का अधिकार है।"

 

जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने अपने फैसले में कहा, "आरटीआई एक्ट की धारा 2 (एफ) के तहत ट्राई के पास प्राइवेट बॉडी से जानकारी हासिल करने का अधिकार है। इसलिए ये ट्राई की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों को प्राइवेट कंपनियों से जानकारी लेकर दे।"

 

वोडाफोन ने जानकारी देने से किया था इनकार

  • यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के वकील शंकर बोस की याचिका पर दिया गया। उन्होंने फोन टैपिंग को लेकर टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन से जानकारी मांगी थी, लेकिन वोडाफोन ने इसकी जानकारी देने से मना कर दिया था।
  • वोडाफोन के इनकार के बाद शंकर बोस ने सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (सीईसी) से इसकी शिकायत की। सीईसी ने ट्राई से जानकारी देने को कहा था। लेकिन वोडाफोन ने खुद को प्राइवेट कंपनी बताते हुए आरटीआई के दायरे से बाहर होने का तर्क दिया था।
  • इसके बाद ट्राई ने भी जानकारी देने से मना करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में सीईसी के फैसले को चुनौती दी और कहा कि आरटीआई एक्ट के तहत ट्राई वह जानकारी नहीं दे सकता, जो उसके पास है ही नहीं।
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