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कोरोना पर राजनीति:तृणमूल का आरोप- राजनीतिक संक्रमण फैलाने आई थी केंद्र की टीम; मोदी के मंत्री बोले- सच सामने आया तो बौखला गईं ममता

कोलकाताएक वर्ष पहले
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राज्य में संक्रमण की स्थिति जानने के लिए केंद्र सरकार ने इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों में भेजी थी। ममता इससे सख्त खफा हैं। (फाइल)
  • केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में संक्रमण से बनी स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा था इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम
  • आईएमसीटी ने राज्य सरकार से पूछा था कि राज्य में हो रहीं मौतों का कारण जानने के लिए कौन सा तरीका अपनाते हैं

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण से उपजे हालात का जायजा लेने के लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) भेजी थी। ममता बनर्जी सरकार इससे नाराज है। शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि  आईएमसीटी राजनीतिक फैलाने राज्य आई थी, इसके अलावा उसके पास कोई काम नहीं था। भाजपा की तरफ से इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री देबश्री चौधरी ने पलटवार किया। कहा- ममता संक्रमण की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहीं हैं। सच्चाई छिपा रही हैं। सच सामने आया तो बौखलाने लगीं।

आईएमसीटी ने कई गंभीर सवालों के जवाब मांगे
शुक्रवार को आईएमसीटी ने निरीक्षण के बाद बंगाल के मुख्य सचिव से कई गंभीर सवालों के जवाब मांगे। मुख्य सचिव से पूछा गया कि  राज्य में मौतें कोरोना से हुई हैं, यह बात तय करने के लिए डॉक्टरों की कमेटी ने किस प्रणाली का इस्तेमाल किया है। जो भी प्रणाली इस्तेमाल की गई, क्या वह इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईएमसीआर) की गाइडलाइन के हिसाब से सही है। आईएमसीटी ने कहा- कोलकाता में टेस्ट नतीजों के लिए कुछ मरीजों को 5 दिन से भी ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। आपको रोजाना 2500 से 5000 तक टेस्ट करने चाहिए। आईएमसीटी का कहना है कि राज्य सरकार को 4 पत्र लिखे जा चुके हैं। लेकिन, वहां से अब तक कोविड-19 अस्पतालों, क्वारंटीन सेंटर और कंटेनमेंट जोन की सटीक जानकारी नहीं दी गई। 

‘केंद्र के काम में दखल ना दें’
आईएमसीटी को बंगाल भेजे जाने पर ममता नाराज हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार को अंधेरे में रखा गया और यह प्रोटोकॉल के खिलाफ है। सीएम ने मोदी को भी चिट्‌ठी लिखी। इसमें आरोप लगाया कि आईएमसीटी ने राज्य सरकार को अपनी गतिविधियों के बारे में नहीं बताया। इन टीमों ने सीधे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से संपर्क किया और राज्य सरकार को सूचना दिए बगैर दौरा करने लगीं। दूसरी तरफ, आईएमसीटी ने भी बंगाल सरकार से सहयोग न मिलने की शिकायत की। इधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय  ने साफ कर दिया कि बंगाल सरकार केंद्र के काम में दखल न दे। 

गुजरात और यूपी क्यों नहीं जातीं केंद्र की टीमें

टीएमसी सांसद ओ’ब्रायन ने दो दिन पहले भी केंद्र पर तंज कसा था। कहा था, “मैं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से पूछना चाहता हूं कि गुजरात में ये टीमें क्यों नहीं भेजी गईं। वहां पांच हॉटस्पाट और 1850 केस हैं। तमिलनाडु क्यों नहीं भेजा गया? वहां 22 हॉटस्पॉट और 1477 केस हैं। यूपी क्यों नहीं भेजा गया। वहां नौ हॉटस्पॉट और 1900 केस हैं।” इस पर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा था- हम सिर्फ कोविड-19 से ही नहीं लड़ रहे हैं। हम उससे भी ज्यादा खतरनाक वायरस से लड़ रहे हैं, जो पश्चिम बंगाल में है।