• Hindi News
  • National
  • Two Lashkar e Taiba Terrorists Handed Over Police By Villagers In J&K Reasi District

जम्मू कश्मीर में ग्रामीणों ने पकड़े 2 आतंकी:इनमें से एक बीजेपी का आईटी सेल चीफ रह चुका, AK-47 और ग्रेनेड बरामद

एक महीने पहले

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के तुकसन गांव में रविवार को ग्रामीणों ने दो आतंकियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं। आतंकियों की पहचान तालिब हुसैन शाह और फैजल अहमद डार के रूप में हुई है, दोनों लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं। एनडीटीवी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले से बताया कि राजौरी जिले का रहने वाला तालिब हुसैन शाह जम्मू में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा का सोशल मीडिया प्रभारी रह चुका है।

वहीं, फैजल अहमद डार पुलवामा जिले का रहने वाला है। फैजल हाल ही में हुए आईईडी विस्फोटों का मास्टरमाइंड था।

रविवार को तुकसन गांव में पकड़े गए आतंकी तालिब और फैजल के पास से बरामद हुई दो AK 47 राइफल, सात ग्रेनेड और एक पिस्तौल।
रविवार को तुकसन गांव में पकड़े गए आतंकी तालिब और फैजल के पास से बरामद हुई दो AK 47 राइफल, सात ग्रेनेड और एक पिस्तौल।

गोला बारूद भी बरामद, ग्रामीणों को मिलेगा इनाम
अधिकारियों ने बताया कि इनके पास से दो एके 47 राइफल, सात ग्रेनेड और एक पिस्तौल बरामद हुए हैं। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने ग्रामीणों को उनकी बहादुरी के लिए 2 लाख रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की है। वहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बहादुर ग्रामीणों को 5 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की है।

ग्रामीणों ने आतंकियों को रस्सी से बांधा
ये दोनों आतंकी गांव में घूम रहे थे, संदिग्ध नजर आने के बाद गांवों वालों ने दोनों को पकड़ा और रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद लोकल पुलिस को सूचना दी। गौरतलब है कि राजौरी जिले के कोटरंका में 26 मार्च, 19 अप्रैल और 24 अप्रैल को बुद्धल के शाहपुर गांव में हुए विस्फोट मामले में जांच के बाद 28 जून को पुलिस ने दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था।

दो नए मॉड्यूल का 10 दिन पहले पता लगा था
जम्मू जोन के एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में लश्कर चिनाब घाटी और राजौरी-पुंछ में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। वह कुछ आतंकियों को दोबारा एक्टिव करने में कामयाब रहा है। इनके 2 मॉड्यूल बनाए गए थे। पहला उधमपुर विस्फोट के लिए एक महीने पहले और दूसरा राजौरी जिले में विस्फोटों के लिए जिम्मेदार था, जिसका भंडाफोड़ लगभग 10 दिन पहले हुआ था, लेकिन मुख्य आतंकी तालिब हुसैन फरार था। हम उसके पीछे थे और ग्रामीणों ने इन 2 आतंकवादियों को पकड़ने में हमारी मदद की।

अमरनाथ यात्रा मार्ग के करीब हुई थी मुठभेड़
इससे पहले 30 जून को भारतीय सेना की चिनार कोर ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में ऑपरेशन 'कतरन' के दौरान दो आतंकियों का सफाया किया था। बुधवार को कुलगाम में हुई मुठभेड़ अमरनाथ यात्रा मार्ग के बेहद करीब थी। पुलिस ने कहा कि बुधवार को जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। एक एके 47 राइफल, एक पिस्टल बरामद किए गए।

खबरें और भी हैं...