एविएशन / जेट एयरवेज के खिलाफ दो कंपनियां दिवालिया अदालत पहुंचीं, 13 जून को सुनवाई होगी



two operational creditors take jet airways to nclt hearing on june 13
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two operational creditors take jet airways to nclt hearing on june 13

  • शमन व्हील्स, गागर इंटरप्राइजेज की याचिका पर एनसीएलटी ने जेट और बैंकों को नोटिस जारी किए
  • जेट एयरवेज पर 8000 करोड़ रुपए का कर्ज, वेंडर और कर्मचारियों के 13000 करोड़ रुपए बकाया

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2019, 09:16 AM IST

मुंबई. संकटग्रस्त जेट एयरवेज के फिर से उड़ान सेवा शुरू करने की संभावनाओं को करारा झटका लगा है। दो वेंडर कंपनियां शमन व्हील्स और गागर इंटरप्राइजेज अपने बकाए की वसूली के लिए एनसीएलटी पहुंच गई हैं। ट्रक-ट्रेलर बेचने वाली कंपनी शमन व्हील्स के मुताबिक उसे जेट एयरवेज से 6.28 करोड़ रुपए वसूलने हैं।

बैंक जेट के लिए खरीदार तलाश रहे हैं

  1. गागर एंटरप्राइजेस एयरलाइन को पीने के पानी की बोतल सप्लाई करती थी। उसका जेट पर कितना बकाया है फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। इन दोनों कंपनियों की याचिका पर एनसीएलटी ने जेट और उसका स्वामित्व रखने वाले बैंकों को नोटिस जारी किए हैं। इस पर अगली सुनवाई के लिए 13 जून की तारीख तय की गई है। इसमें एनसीएलटी तय करेगा कि याचिका स्वीकार कर जेट के खिलाफ दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाए या फिर यह याचिका रद्द कर दी जाए।

  2. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बैंक जेट के कर्ज संकट का समाधान तलाश रहे हैं। जेट पर बैंकों का 8,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। एयरलाइन का कुल बकाया बढ़कर 13,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। 10,000 करोड़ रुपए वेंडर्स के और कर्मचारियों की सैलरी के 3,000 करोड़ रुपए बकाया है।

  3. कई कंपनियों ने हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई

    बैंकों को अब तक जेट की 75% हिस्सेदारी के लिए कई कंपनियों ने बोली लगाने की इच्छा जताई थी। इसमें एतिहाद एयरवेज, दो प्राइवेट इक्विटी प्लेयर टीपीजी कैपिटल और इंडिगो पार्टनर्स, एक सॉवरेन वैल्थ फंड एनआईआईएफ शामिल हैं। लेकिन इनमें से किसी ने अब तक औपचारिक बोली नहीं लगाई थी। बैंकर जेट को दिवालिया होने से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। एतिहाद ने जेट को खरीदने के लिए हिंदुजा ग्रुप के साथ साझेदारी की है।

  4. हिंदुजा-एतिहाद की बोली पर हो रहा विचार: स्टेट बैंक

    भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि वह सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही हिंदुजा ग्रुप-एतिहाद एयरवेज की प्रस्ताव पर कोई निर्णय लेगा। एसबीआई जेट को कर्ज देने वाली बैंकों के समूह की अगुवाई कर रहा है। हिंदुजा ग्रुप और एतिहाद ने जेट में 75% हिस्सेदारी खरीदने के लिए जो पेशकश की है उसके अनुसार बैंकों को अपने कर्ज में 85% तक की कमी लानी है। प्रधानमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद ही इस बारे में कोई अंतिम निर्णय लेंगे। बैंक अधिकारी ने बताया कि मंजूरी मिली तो जुलाई तक जेट एयरवेज के विमान फिर से उड़ान भरते नजर आ सकते हैं।

  5. सौदे के बाद की मुकदमेबाजी से बचना चाहता है हिंदुजा ग्रुप

    ब्रिटेन का हिंदुजा ग्रुप जेट के सौदे को लेकर बेहद सुरक्षित तरीके से बोली लगाना चाहता है। वह नहीं चाहता कि बाद में उसे जेट से जुड़े मामलों में कोर्ट-कचहरी का सामना करना पड़े। इतना ही नहीं, वह जेट के सारे स्लॉट और ट्रैफिक अधिकार भी वापस चाहता है। अब तक विमानन नियामक डीजीसीए जेट की 99 उड़ान सवाओं का पंजीयन रद्द कर चुका है। इससे इन हवाई जहाजों के बेचे जाने या फिर देश के बाहर ले जाने का रास्ता साफ हो गया है। जेट संकट शुरू होने के समय इस प्रीमियर एयरलाइन के बेड़े में कुल 120 हवाई जहाज थे।

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