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संकट में उद्धव सरकार:एकनाथ BJP से गठबंधन की शर्त पर अड़े, बागी विधायकों को देर रात सूरत से गुवाहाटी ले जाने की तैयारी

मुंबई/सूरत5 महीने पहलेलेखक: गुवाहाटी से मनीषा भल्ला, मुंबई से आशीष राय और सूरत से देवेन चित्ते

महाराष्ट्र में शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों को देर रात किसी भी वक्त एयरलिफ्ट कर गुवाहाटी ले जाने की तैयारी है। इनमें शिवसेना के 33 और 4 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। इन्हें देर रात सूरत हवाई अड्डे पर बसों से पहुंचाने की तैयारी है।

सूरत में ला मेरिडियन होटल के बाहर तीन बसें भी आ चुकी हैं, जिनमें से एक होटल परिसर में जा चुकी है जबकि दो बसें अभी भी होटल परिसर के बाहर हैं। बता दें कि असम में भाजपा की सरकार है और यहां हिमंत बिस्वा सरमा CM हैं। सरमा केंद्रीय नेतृत्व के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं। सरमा भी किसी समय कांग्रेस में रह चुके हैं।

सूरत में ला मेरिडियन होटल के बाहर तीन बसें आ चुकी हैं। इन्हीं बसों से विधायकों को सूरत एयरपोर्ट लाया जाएगा। यहां से एयरलिफ्ट कर इन विधायकों को गुवाहाटी भेजा जाएगा।
सूरत में ला मेरिडियन होटल के बाहर तीन बसें आ चुकी हैं। इन्हीं बसों से विधायकों को सूरत एयरपोर्ट लाया जाएगा। यहां से एयरलिफ्ट कर इन विधायकों को गुवाहाटी भेजा जाएगा।

शिंदे ने उद्धव के सामने भाजपा से गठबंधन की शर्त रखी
महाराष्ट्र के 37 विधायकों के साथ गुजरात में डेरा डालकर बैठे एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के सामने भाजपा से गठबंधन की शर्त रख दी है। उद्धव ने शिंदे से बातचीत के लिए मिलिंद नार्वेकर को भेजा था। नार्वेकर और शिंदे के बीच करीब एक घंटे मुलाकात चली। नार्वेकर ने फोन पर उद्धव से शिंदे की बातचीत कराई।

सूत्रों का कहना है कि करीब 20 मिनट चली इस बातचीत में उद्धव ने मुंबई आकर बातचीत का प्रस्ताव रखा। पर, शिंदे भाजपा से गठबंधन पर अड़े रहे। यह भी कहा कि पहले उद्धव अपना रुख स्पष्ट करें और अगर गठबंधन पर राजी हैं तो पार्टी टूटेगी नहीं।

अमृता ने लिखा- एक 'था' कपटी राजा
इस मुलाकात के बाद अब भाजपा भी एक्टिव नजर आ रही है। सू्त्रों का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस आज रात सूरत जा सकते हैं। वे अभी दिल्ली में हैं। इस बीच महाराष्ट्र को लेकर सबसे बड़ा संकेत दिया फडणवीस की पत्नी अमृता ने उन्होंने ट्वीट किया- एक 'था' कपटी राजा। ट्वीट में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, पर इसे महाराष्ट्र में बदलाव का इशारा माना जा रहा है।

सूरत के जिस होटल में विधायक ठहरे हैं, वहां की दो तस्वीरें सामने आई हैं। ये थोड़ी धुंधली हैं। इनमें पुलिसवाले और बैठक करते विधायक नजर आ रहे हैं।
सूरत के जिस होटल में विधायक ठहरे हैं, वहां की दो तस्वीरें सामने आई हैं। ये थोड़ी धुंधली हैं। इनमें पुलिसवाले और बैठक करते विधायक नजर आ रहे हैं।

खेमेबंदी के बाद 2 संभावनाएं
सुबह बताया गया कि सूरत के ली मेरिडियन होटल में शिंदे के साथ 15 शिवसेना, एक एनसीपी और 14 निर्दलीय विधायक हैं। पूरी टोली में 30 MLA और 3 मंत्री हैं। इस खेमेबंदी के बाद 2 संभावनाएं भी जाहिर की जा रही हैं। पहली- विधायकों को एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया जा सकता है और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के पास ले जाया जा सकता है यानी सत्ता के समीकरण में भाजपा की एंट्री हो सकती है। दूसरी- विधायकों को अहमदाबाद के किसी रिसॉर्ट में ले जाया जा सकता है और उद्धव से बातचीत के रास्ते खुले रखे जा सकते हैं। हालांकि देर रात 37 विधायकों के होटल में होने की खबर सामने आई।

सबसे जरूरी 4 अपडेट्स...

1. सीएम आवास पर उद्धव और डिप्टी सीएम अजित पवार के बीच लंबी मीटिंग हुई। बचे हुए शिवसेना विधायकों को लोअर परेल के रिसॉर्ट में शिफ्ट करने का फैसला किया गया। कल मंत्रिमंडल की बैठक।

2. कांग्रेस ने कल अपने विधायकों की बैठक बुलाई। कमलनाथ को महाराष्ट्र के लिए ऑब्जर्वर बनाया। उद्धव सरकार बचाने के लिए कमलनाथ ही क्यों? पढ़ने के लिए क्लिक करें...

3. कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई, दावा किया गया कि कोई भी टूट नहीं रहा है।

4. भाजपा ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने सरकार को लेकर कोई प्रपोजल नहीं भेजा है और न ही हमने ऐसा कोई प्रस्ताव उन्हें भेजा है।

महाराष्ट्र की सियासी उठापटक देखिए हमारे कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी की नजर से...

सियासी संकट पर 4 सबसे बड़े बयान

1. ऊद्धव ठाकरे बोले- भरोसा है, शिंदे मेरी बात सुनेंगे
सीएम उद्धव ठाकरे ने बैठक में शिवसेना विधायकों से कहा कि अब वे (एकनाथ) भाजपा से हाथ मिलाने की बात कह रहे हैं। जब आप भाजपा के साथ थे तो क्या आपको कम परेशानी हुई? अब बीजेपी के साथ कैसे जाएं? मुझे विश्वास है कि एकनाथ शिंदे मेरी बात सुनेंगे। सभी विधायक जल्द ही आपके साथ होंगे। राकांपा-कांग्रेस हमारे साथ है।

2. एकनाथ शिंदे बोले- पक्के शिवसैनिक हैं, धोखा नहीं देंगे
बगावती कदम के बाद शिवसेना ने शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है। पार्टी के इस एक्शन के बाद शिंदे ने बयान दिया, जो उनके बागी तेवरों के एकदम उलट था। उन्होंने ट्वीट किया- हम बालासाहेब के सच्चे शिवसैनिक हैं। बालेसाहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया है। हम सत्ता के लिए कभी भी धोखा नहीं देंगे।

3. शरद पवार बोले- यह शिवसेना का अंदरूनी मामला
इन सभी हलचलों के बीच शरद पवार मीडिया के सामने आए। करीब 11 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनसे सवाल हुआ कि शिंदे क्या खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो बोले कि उन्होंने ऐसी इच्छा हमसे जाहिर नहीं की। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गिराने की साजिश पहले भी हुई है पर चिंता की बात नहीं... उद्धव सरकार चलती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार का मसला नहीं है, यह शिवसेना का अंदरूनी मामला है।

4. संजय राउत बोले- ऑपरेशन लोटस सफल नहीं होगा
शिवसेना सांसद संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सूरत में 30 विधायक नहीं हैं, शिंदे के साथ कुल 16 या 17 विधायक ही हैं। देर रात एक विधायक होटल से निकला चाहते थे। कुछ और विधायक भी लौटना चाहते हैं, लेकिन गुजरात पुलिस ने विधायकों को बंधक बना रखा है। भाजपा के लोग ऑपरेशन लोटस चला रहे हैं। पर ये सफल नहीं होगा।

सूरत के जिस होटल में विधायक रुके हुए हैं उसके बाहर गुजरात पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
सूरत के जिस होटल में विधायक रुके हुए हैं उसके बाहर गुजरात पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।

जिस विधायक को पीटने का आरोप शिवसेना ने लगाया, उससे मिलने पहुंचे एकनाथ
शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने साथी विधायक नितिन देशमुख से मिलने सूरत सिविल अस्पताल पहुंचे थे। नितिन देशमुख की होटल में तबियत बिगड़ गई थी। उन्हें सूरत सिविल हॉस्पिटल में दाखिल किया गया है। इसी बीच देर शाम एकनाथ शिंदे उनसे मिलने हॉस्पिटल पहुंचे थे। शिवसेना सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि सूरत पुलिस ने उनके दो विधायकों की पिटाई की है, जिसमें नितिन देशमुख का नाम शामिल है।

अगर विधायक बागी हुए, तो गिर जाएगी महाराष्ट्र सरकार?
महाराष्ट्र में सोमवार को हुए विधान परिषद चुनाव में महाविकास अघाडी का बहुमत 151 तक गिर गया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान महाविकास आघाडी के पास 162 विधायक थे, जबकि उससे पहले ये संख्या 170 थी। यानी राज्यसभा चुनाव के बाद महाविकास अघाडी के 11 विधायक कम हुए हैं।

परिषद चुनाव से पहले और बाद में तुलना करके देखा जाए तो कुल 19 विधायक महाविकास आघाडी से दूर हुए। दूसरी तरफ अब भाजपा को 134 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। सरकार टिकने के लिए 144 का बहुमत जरूरी है। ऐसे में महाविकास अघाडी और भाजपा की संख्या में अंतर बहुत कम रह गया है।

फिर भी, शिवसेना में बगावत होती है तो दल-बदल कानून सबसे बड़ा चैलेंज होगा। बगावत के लिए एकनाथ शिंदे को इन विधायकों की सदस्यता भी कायम रखनी होगी। महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के पास कुल 56 विधायक है। कानून के हिसाब से शिंदे को 2/3 विधायक यानी 37 विधायक जुटाने होंगे। फिलहाल शिंदे के पास कुल 30 विधायक होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें शिवसेना के 15 विधायक है।

एकनाथ राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद से चल रहे नाराज
एकनाथ शिंदे की गिनती शिवसेना के दिग्गज नेताओं में होती है। जब 2019 में चुनाव का रिजल्ट आया था, तो शिवसेना ने शिंदे को विधायक दल का नेता बनाया था। शिंदे ठाणे इलाके के बड़े नेता माने जाते हैं और बाला साहब ठाकरे के समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं। पिछले महीने महाराष्ट्र में राज्यसभा और सोमवार को विधान परिषद के चुनाव में शिवसेना में शिंदे की बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद से ही वे नाराज चल रहे थे।

राज्य में 10 विधान परिषद सीटों के लिए सोमवार को रिजल्ट जारी हुआ था, जिसमें 5 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं 2-2 सीट पर शिवसेना-एनसीपी और एक सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी। चुनाव में महाविकास अघाड़ी के कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद से ही सियासी सुगबुगाहट शुरू हो गई थी।

नवंबर 2019 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद काफी सियासी ड्रामा हुआ था। इसके बाद नवंबर 2019 में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने थे। उन्हें एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन मिला था। 2003 में उद्धव ठाकरे पहली बार शिवसेना में कार्यकारी अध्यक्ष बने थे। बाला ठाकरे के निधन के बाद उन्होंने 2013 में शिवसेना की कमान संभाली थी।