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बेरोजगारी दर 2017-18 में 6.1% रही, 45 साल में सबसे ज्यादा

3 वर्ष पहले
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  • नेशनल सैम्पल सर्वे ऑफिसेस ने लेबर वर्क फोर्स को लेकर रिपोर्ट तैयार की
  • सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरों में ज्यादा युवा बेरोजगार 
  • इससे पहले 1977-73 में बेरोजगारी दर सबसे कम रही थी

नई दिल्ली. देश में रोजगार से जुड़ी नेशनल सैम्पल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की एक रिपोर्ट लीक हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2017-18 में बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे ज्यादा 6.1% के स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, गुरुवार को नीति आयोग ने इन आंकड़ों को अपुष्ट बताया। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि अभी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह आंकड़े सरकार ने जारी नहीं किए। उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया- सरकार ने हर साल दो करोड़ रोजगार का वादा किया था। हाउ इज द जॉब्स।

 

राजीव कुमार ने कहा, \'\'रिपोर्ट तैयार होते ही सरकार आंकड़े सार्वजनिक करेगी। अब डाटा जुटाने की प्रक्रिया पहले से अलग है। नए सर्वे में पर्सनल इंटरव्यू भी शामिल किया जा गया है। दोनों आंकड़ों की तुलना करना सही नहीं होगा। यह आंकड़े प्रमाणिक नहीं है, इसलिए इसे अंतिम नहीं माना जाए।\'\'

 

शहरी क्षेत्र में युवा ज्यादा बेरोजगार 

रिपोर्ट के मुताबिक, 2017-18 में बेरोजगारी दर ग्रामीण क्षेत्रों में 5.3% और शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 7.8% रही। इनमें नौजवान बेरोजगार सबसे ज्यादा थे, जिनकी संख्या 13% से 27% थी। 2011-12 में बेरोजगारी दर 2.2% थी। जबकि 1972-73 में यह सबसे ज्यादा थी। बीते सालों में कामगारों की जरूरत कम होने से ज्यादा लोग काम से हटाए गए।

 

नोटबंदी के बाद रोजगार से जुड़ा पहला सर्वे

मोदी सरकार ने नवंबर 2016 में नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लिया था। तब कांग्रेस समेत विपक्ष पार्टियों ने इससे रोजगार खत्म होने का दावा किया था। नोटबंदी के बाद देश में बेरोजगारी को लेकर एनएसएसओ का यह पहला सर्वे सामने आया है।

 

सर्वे पर विवाद, एनएससी चेयरमैन समेत दो का इस्तीफा

बेरोजगारी के आंकड़ों पर विवाद के चलते राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के कार्यकारी चेयरमैन और सदस्य ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया था। उनका आरोप है कि आयोग से मंजूरी मिलने के बाद भी सरकार ने सर्वे अटका रखा है। मोहनन का कहना है कि रोजगार पर एनएससी के आंकड़े जारी नहीं करने के विरोध में उन्होंने इस्तीफा दिया। पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। 

 

सदस्यों के इस्तीफे पर सरकार ने दी थी सफाई

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा था कि दोनों ने पिछले कुछ महीने में अपनी चिंताओं को आयोग की बैठकों में नहीं रखा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने बयान में कहा, “सरकार न सिर्फ आयोग के लिए सम्मान रखती है, बल्कि उसके सुझावों को भी तरजीह देती है और उन पर उचित कदम उठाती है।\'\'

 

राहुल ने कहा- राष्ट्रीय आपदा का पता चला

एक अखबार की रिपोर्ट शेयर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, \'\'हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया गया था। 5 साल बाद रोजगार से जुड़ी रिपोर्ट लीक हुई, इसमें राष्ट्रीय आपदा का पता चला। बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अकेले 2017-18 में 6.5 करोड़ युवा बेरोजगार। #हाउ इज द जॉब्स\'\'

 

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