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एविएशन / जेट एयरवेज के हालातों पर उड्डयन मंत्री ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाने के लिए कहा



union minister suresh prabhu acts on jet airways crisis and inconvenience faced by passengers
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union minister suresh prabhu acts on jet airways crisis and inconvenience faced by passengers

  • मंत्री सुरेश प्रभु ने नागरिक उड्डयन सचिव को दिए निर्देश
  • एयरलाइन द्वारा विमानों को खड़े करने, सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर बैठक होगी
  • आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने अब तक 41 विमान खड़े किए
  • जेट के एयरक्राफ्ट इंजीनियरों ने विमानों की सुरक्षा का रिस्क बताया

Dainik Bhaskar

Mar 19, 2019, 12:42 PM IST

मुंबई. जेट एयरवेज के पायलट ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च तक एयरलाइन के रेजोल्यूशन प्लान और उनकी सैलरी के भुगतान को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई तो वे 1 अप्रैल से विमान नहीं उड़ाएंगे। जेट के पायलट्स की बॉडी नेशनल एविएटर्स गिल्ड की सालाना बैठक में यह फैसला लिया गया।

 

पायलट्स और अन्य स्टाफ की तीन महीने की सैलरी बकाया है। एयरलाइन प्रबंधन से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर गिल्ड ने पिछले हफ्ते श्रम मंत्री संतोष गंगवार को चिट्ठी लिखकर दखल की मांग की थी। 

 

जेट एयरवेज को बैंकों से मिल सकती है पूंजी
आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज नकदी के इंतजाम की कोशिशों में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक बैंक इसमें नए सिरे से पूंजी डाल सकते हैं। जेट के चेयरमैन और एयरलाइन पार्टनर एतिहाद अपने शेयर गिरवी रखने के लिए तैयार होते हैं तो बैंक जेट एयरवेज को नया लोन दे सकते हैं। एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों का कंसोर्शियम जेट के रेजोल्यूशन प्लान पर काम कर रहा है।

 

मंत्री ने दिए इमरजेंसी मीटिंग बुलाने के निर्देश

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने जेट एयरवेज के हालात पर नागरिक उड्डयन सचिव को इमरजेंसी मीटिंग बुलाने के निर्देश दिए हैं। जेट एयरवेज द्वारा विमान खड़े (ग्राउंडेड) करने, एडवांस बुकिंग, कैंसिलेशन, रिफंड और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर यह निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने इन मुद्दों पर एविएशन रेग्युलेटर डीजीसीए से जेट एयरवेज की रिपोर्ट मांगने के लिए भी कहा है।

 

जेट के इंजीनियरों ने डीजीसीए को पत्र लिखा

सैलरी ना मिलने से नाराज जेट एयरवेज के एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरों की यूनियन ने डीजीसीए को पत्र लिखकर कहा है कि विमानों की सुरक्षा खतरे में है। यूनियन ने कहा है कि इंजीनियरों की 3 महीने की सैलरी बकाया है। इस वजह से वित्तीय जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में काम के दौरान इंजीनियरों की मानसिक स्थिति पर विपरीत असर पड़ा है। इस वजह से जेट एयरवेज के विमानों की सुरक्षा खतरे में है।

 

जेट एयरवेज पर 8,200 करोड़ रुपए का कर्ज
आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज मंगलवार को तीसरी बार डिफॉल्ट करने वाली है। एयरलाइन ने सोमवार को कहा कि उसे मंगलवार को डिबेंचर-धारकों को ब्याज चुकाना है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। एयरलाइन जनवरी से अब तक तीन बार भुगतान में चूक कर चुकी है। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि अभी कितने पैसे देने हैं। उधर, कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल ने 16,000 कर्मचारियों को पत्र लिखकर जल्द कोई हल निकलने का भरोसा जताया है। कंपनी पर 8,200 करोड़ रुपए का कर्ज है। 

 

लीज नहीं चुकाने के कारण 4 और विमान खड़े किए
जेट एयरवेज ने सोमवार को बताया कि लीज पर लिए विमानों का किराया नहीं चुका पाने के कारण उसके चार और विमान खड़े हो गए हैं। लीज नहीं चुकाने के कारण अब तक इसके 41 विमान खड़े हो चुके हैं। इनके अलावा कुछ विमानों को पैसे की कमी के कारण रख-रखाव नहीं होने से हटाया गया है। 

 

एतिहाद से 750 करोड़ मिलने की योजना खटाई में पड़ी 
बैंकों ने जेट एयरवेज की सहयोगी एतिहाद एयरवेज से कहा था कि या तो वह रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के मुताबिक जेट में निवेश करे या अपनी 24% हिस्सेदारी बेचकर बाहर हो जाए। इस पर एतिहाद ने कहा है कि वह जेट से किनारा करने के लिए तैयार है। इसके लिए 150 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से पैसे मांगे हैं। सोमवार को जेट के शेयर 0.8% बढ़कर 237 रुपए पर बंद हुए थे। एतिहाद जेट एयरवेज में 750 करोड़ रुपए निवेश करने वाली थी।

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