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यूपी / 2 लाख रुपए की बर्ड फ्लैट कॉलोनी; इसमें पक्षियों के 60 घोंसले, प्रत्येक फ्लोर पर 12 आशियाने

UP,GDA Vice-Chairperson,residence, Bird Flat Colony, 60 birds declared, 12 shelters on each floor
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UP,GDA Vice-Chairperson,residence, Bird Flat Colony, 60 birds declared, 12 shelters on each floor

  • जीडीए के वाइस चेयरपर्सन के आवास पर बर्ड हाउसिंग टॉवर शुक्रवार को तैयार हुआ
  • बर्ड्स टॉवर को छाते से सुरक्षा दी, इसमें छोटे पक्षी जैसे गौरैया, तोते, बुलबुल आदि रह सकते हैं

दैनिक भास्कर

Sep 21, 2019, 10:55 AM IST

नई दिल्ली. गाजियाबाद डेवलपमेंट ऑथोरिटी के वाइस चेयरपर्सन के आवास पर पांच मंजिला बर्ड्स हाउसिंग प्रोजेक्ट शुक्रवार को तैयार हो गया। 2 लाख रुपए की कीमत वाले इस बर्ड्स टॉवर में 60 आशियाने हैं। यानि प्रत्येक फ्लोर पर 12 पक्षी रह सकते हैं। धूप और गर्मी से बचाने के लिए इसे छाते से कवर किया गया है। वहीं, घोंसलों में लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। इस बर्ड अपार्टमेंट में छोटे पक्षी जैसे गौरैया, तोते, बुलबुल आदि रह सकते हैं।

 

जीडीए अधिकारियों के मुताबिक, यदि प्रोजेक्ट सफल रहा और इसमें पक्षी बसने लगे तो कई हाउसिंग कॉलोनी में इसे शुरू किया जाएगा। अगला बर्ड्स अपार्टमेंट चंद्रशिला अपार्ट में बनेगा। ऐसी संभावना है कि इसे देख कर निजी बिल्डर भी अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट में ऐसे प्रयास करेंगे।

 

दाना रखने के लिए व्यक्ति नियुक्त किया
जीडीए की वाइस चेयरपर्सन कंचन वर्मा ने बताया,  “किसी गार्डन के नजदीक और पानी स्रोत के पास तैयार किया यह पहला बर्ड्स हाउसिंग कंस्ट्रक्शन है। दाना आदि रखने के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदारी दी गई है। पक्षियों को बिल्ली और कुत्ते नुकसान न पहुंचा सके, इसीलिए बर्ड्स टॉवर को 10 फीट ऊंचे लोहे के खंभे के ऊपर तैयार किया गया है। टॉवर 7 फीट ऊंचा है। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। इस तरह के अन्य निर्माण जीडीए की दूसरी आवासीय योजनाओं में तैयार किए जाएंगे।”

 

पक्षियों के लिए प्राकृतिक परिवेश जरूरी
एनिमल एक्टिविस्ट रुचिन मेहरा ने कहा, “पक्षियों को आकर्षित करने के लिए उचित प्राकृतिक परिवेश होना जरूरी है। फिर भी यदि बर्ड्स कॉलोनी में पर्याप्त छाया है। पानी के स्रोत करीब हैं, तो संभावना है कि बुलबुल, गौरेया और दूसरे पक्षी यहां आने लगें। फिर भी ऐसी जगह पर उन्हें अपना घोसला बनाने और सुरक्षित महसूस करने में समय लगेगा। इस तरह की कॉलोनी से पक्षियों में बढ़ोतरी होगी। हम निजी बिल्डर्स से अपील करते हैं कि वे अपने प्रोजेक्ट में ऐसे निर्माण जरूर शामिल करें।”

 

दूसरे प्रोजेक्ट में भी शामिल होना चाहिए
संभागीय वन विभाग अधिकारी दीक्षा भंडारी ने कहा, “2016 में पक्षियों की संख्या बढ़ाने के लिए लकड़ी के बॉक्स बांटे गए थे। इन बॉक्स में पक्षियों के आशियाने बने। उनकी ब्रीडिंग भी हुई। जीडीए प्रोजेक्ट पक्षियों को आकर्षित कर सकता है। यदि यह सफल रहा तो दूसरे हाउसिंग प्रोजेक्ट में इसे शामिल किया जाना चाहिए।”

 

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