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नतीजे / उप्र में माया हुई मुलायम, भाजपा ने 9 सीटें गंवाईं; अखिलेश-मुलायम के अलावा परिवार के सभी सदस्य हारे



Uttar Pradesh Election Results 2019 Lok Sabha Live Updates of 80 seats: Rahul Gandhi Narendra Modi, Smriti Irani wins
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Uttar Pradesh Election Results 2019 Lok Sabha Live Updates of 80 seats: Rahul Gandhi Narendra Modi, Smriti Irani wins
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  • सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद भाजपा को 62 सीटें मिलीं; 2014 में 71 पर जीत हासिल की थी
  • मुलायम परिवार से डिपंल, धर्मेंद्र, अक्षय यादव हारे
  • मोदी वाराणसी से 4 लाख 79 हजार 505 वोटों से जीते, अमेठी में स्मृति ने राहुल को हराया

Dainik Bhaskar

May 24, 2019, 01:28 PM IST

लखनऊ. इस लोकसभा चुनाव में भाजपा उत्तरप्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी रही। उसने यहां 80 में से 62 सीटें जीतीं। हालांकि, 2014 के मुकाबले 9 सीटों का नुकसान हुआ। भाजपा के सहयोगी अपना दल को 2 सीटें मिलीं। गठबंधन ने 15 (बसपा- 10, सपा- 5) और कांग्रेस ने 1 सीट पर जीत हासिल की। सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद उप्र में भाजपा को इस बार 49.5% वोट मिले। 2014 लोकसभा चुनाव में 42.6% मिले थे। बसपा उप्र में पिछली बार खाता नहीं खोल पाई थी। उप्र में सबसे ज्यादा 80 लोकसभा सीटें हैं। 2014 में इनमें से एनडीए को 73 पर जीत मिली थी।

 

उत्तरप्रदेश में सबसे बड़ा उलटफेर अमेठी सीट पर हुआ। यहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। अब तक के इतिहास में कांग्रेस इस सीट पर तीसरी बार हारी है। इससे पहले 1977 में संजय गांधी इस सीट से हारे थे। उसके बाद 1999 में सतीश शर्मा को हार मिली थी।

 

अपडेट्स:

 

  • वाराणसी से नरेंद्र मोदी 4 लाख 79 हजार 505 वोटों से जीते। मोदी को 6 लाख 73 हजार 453 जबकि सपा उम्मीदवार शालिनी यादव को 1 लाख 94 हजार 763 वोट मिले। 
  • अमेठी में स्मृति ईरानी राहुल गांधी से 55 हजार 120 वोटों से जीतीं।
  • राजनाथ सिंह लखनऊ सीट पर 3 लाख 47 हजार 302 वोटों से जीते।
  • उन्नाव से साक्षी महाराज 4 लाख 956 वोटों से जीते। गोरखपुर से अभिनेता रविकिशन को 3 लाख 1 हजार 664 वोटों से जीत मिली।
  • रायबरेली से सोनिया गांधी 1 लाख 67 हजार 167 वोटों से जीतीं।
  • कन्नौज से भाजपा के सुब्रत पाठक ने डिंपल यादव को हराया।
  • पीलीभीत से वरुण गांधी 2 लाख 55 हजार 627 वोटों से जीते। मेनका गांधी 14 हजार 526 वोटों से जीतीं।
  • मुलायम सिंह मैनपुरी से 94 हजार 389 वोटों से जीते।
  • इलाहाबाद से रीता बहुगुणा जोशी 1 लाख 84 हजार 275 वोटों से जीतीं।
  • आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 2 लाख 59 हजार 894 वोटों से जीते।
  • बदायूं से मुलायम सिंह के भतीजे धर्मेंद्र यादव पीछे। भाजपा की संघमित्रा मौर्य 18 हजार 454 वोटों से जीतीं।
  • फतेहपुर से केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति 1 लाख 98 हजार 205 वोटों से जीतीं।
  • फतेहपुर सीकरी से राज बब्बर 4 लाख 95 हजार 65 वोटों से हारे।
  • गौतम बुद्ध नगर से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा 3 लाख 36 हजार 922 वोटों से जीते।
  • गाजियाबाद से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह 5 लाख 1 हजार 500 वोटों से जीते।

 

26 साल बाद सपा-बसपा का गठबंधन हुआ

मुलायम सिंह यादव ने 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया था। 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ। तब बसपा की कमान कांशीराम के पास थी। सपा 256 और बसपा 164 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। सपा को 109 और बसपा को 67 सीटें मिली थीं। हालांकि, 2 जून 1995 को गेस्ट हाउस कांड के बाद यह गठबंधन टूट गया। तब लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती के साथ सपा समर्थकों ने बदसलूकी की थी।
 

2014 के नतीजे

 

पार्टी    सीटें वोट प्रतिशत
भाजपा 71 42.6%
सपा 22.3%
कांग्रेस 7.5%
अपना दल 2 1%
बसपा 0 19.8%
आरएलडी 0 0.9%



कांग्रेस ने 73 सीटों पर लड़ा चुनाव, प्रियंका-सिंधिया को महासचिव बनाया
कांग्रेस और सपा 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ी थीं। हालांकि, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को गठबंधन में शामिल नहीं किया गया। गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली से उम्मीदवार न उतारने का फैसला किया था। वहीं, कांग्रेस ने भी सात सीटें गठबंधन के लिए छोड़ दी थीं। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का महासचिव बनाया था। प्रियंका ने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा और पूर्वी उत्तरप्रदेश की लगभग हर सीट पर प्रचार किया। 

उत्तरप्रदेश: मोदी ने 31, राहुल ने 17 जनसभाएं कीं
इस लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य फोकस उत्तरप्रदेश-बंगाल और ओडिशा में रहा, वहीं राहुल ने केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तवज्जो दी। मोदी ने उत्तरप्रदेश में 29 और राहुल गांधी ने 17 रैलियां कीं।

 

एक्सपर्ट व्यू:

 

  • वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल, समीरात्मज मिश्रा और श्रीधर अग्निहोत्री के मुताबिक, सरकारी योजनाओं में पीएम आवास योजना, किसान सम्मान निधि योजना, शौचालय योजना और उज्ज्वला योजना गेम चेंजर साबित हुई है। केन्द्रीय स्तर पर इन योजनाओं की मॉनिटरिंग से जनता में मोदी के प्रति विश्वास बढ़ा।
  • पूरे चुनाव में भाजपा ने मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति से खुद को अलग रखा और संदेश दिया कि भाजपा के लिए बहुसंख्यक समाज का हित सर्वोपरि है। इस परिपेक्ष्य में योगी आदित्यनाथ का अली और बजरंगबली वाला बयान देखा जा सकता है।
  • चुनाव प्रचार पूरी तरह से मोदी पर केंद्रित रहा। पार्टी ने मोदी की छवि का भरपूर लाभ उठाया। उनके भाषणों ने जनता को भाजपा के प्रति आकर्षित करने का काम किया।
  • सपा और बसपा का वोट आपस में ट्रांसफर न होना भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हुआ। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशियों ने भी गठबंधन के वोट काटे। इसका भी सीधा लाभ भाजपा को मिला।
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