जलती गेहूं की फसल बुझाने दौड़ीं स्मृति ईरानी; नल चलाकर ग्रामीणों की मदद, डीएम को फटकारा

3 वर्ष पहले
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  • मुंशीगंज के पश्चिम दुआरा गांव का मामला
  • स्मृति ईरानी ने महिलाओं को बंधाया ढांढस

अमेठी. यहां मुंशीगंज के पश्चिम दुआरा गांव स्थित खेतों में रविवार को अचानक आग लग गई। इसमें सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। इसकी खबर जैसे ही केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को पता चली तो वह तुरंत गांव पहुंच गईं। उन्होंने आग बुझाने में लोगों की मदद भी की।

 

सूचना देने के बाद भी जब एसडीएम मौके पर नहीं पहुंचे तो उन्होंने डीएम को फोन मिलाया। पता चला कि एसडीएम वीआईपी ड्यूटी में हैं तो स्मृति नाराज हो गईं। उन्होंने कहा कि जनता की मदद से लोग वीआईपी बनते हैं। जनता की मदद पहले होनी चाहिए।

 

स्मृति के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

स्मृति को जैसे ही खेतों में आग लगने की सूचना मिली वह अपना प्रचार छोड़कर वहां पहुंच गई। उनके पहुंचने के बाद फायर बिग्रेड की टीम आई। उन्होंने हैंडपंप चलाकर बाल्टियों में पानी भरा और रो रही महिलाओं को पानी भी पिलाया। उन्हें ऐसा करते देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भाजपा कार्यकर्ता भी आग बुझाने में जुट गए। अपना सब कुछ तबाह होता देख गांव की महिलाएं स्मृति ईरानी से लिपटकर रोने लगीं। ईरानी ने भी सांत्वना देते हुए महिलाओं को धैर्य रखने की बात कही।