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अंकिता भंडारी हत्याकांड:रिसॉर्ट के कर्मचारी ने बताया- 4 लोग आए थे, पुलकित इन्हें ही स्पेशल सर्विस देने अंकिता पर दबाव बना रहा था

देहरादून2 महीने पहलेलेखक: मनमीत
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उत्तराखंड के वनंतरा रिसॉर्ट से जुड़े अंकिता हत्याकांड को लेकर एक और खुलासा हुआ है। हत्याकांड से पहले चार वीआईपी मेहमान काली कार से रिसॉर्ट में आए थे। वीआईपी गेस्ट में इन लोगों के लिए ही मुख्य आरोपी पुलकित समेत दो अन्य अंकिता पर दबाव डाल रहे थे। दबाव के आगे न झुकने पर ही अंकिता की हत्या कर दी गई। अब पुलिस इन चारों मेहमानो की तलाश कर रही है।

काली लग्जरी कार से आए थे 4 लोग
रिसॉर्ट के कर्मचारी अभिनव ने बताया कि हत्याकांड वाले दिन दोपहर को काली लग्जरी कार रिसॉर्ट में आई थी। इसमें चार युवक थे, जिनकी उम्र लगभग 34 की थी। ये इससे पहले भी एक बार आए थे और उस दिन भी अंकिता और पुलकित का झगड़ा हुआ था। अभिनव ने बताया कि चारों दोबारा 18 सितंबर को आए थे। तब मैं उनकी कार से समान रूम में पहुंचा रहा था।

उस वक्त ऊपरी मंजिल से मैंने देखा की नीचे अंकिता मैडम रो रही हैं और जोर-जोर से चिल्लाते हुए इज्जत बचाने की गुहार लगा रही थीं। तभी अंदर से पुलकित आया और अंकिता काे हाथ से पकड़कर घसीटते हुए अंदर ले गया।

15 सितंबर से रिजॉर्ट में काम कर रहा था अभिनव
अभिनव के मुताबिक अंकिता और पुलकित की बहस के दौरान वो चार युवक दोबारा कार में बैठकर रिसॉर्ट से निकल गए। उसके कुछ देर बाद पुलकित, सौरभ और भास्कर भी अंकिता को लेकर बाहर कहीं निकल गए। अभिनव ने बताया कि उसने 15 सितंबर को रिजॉर्ट में नौकरी शुरू की थी। इसलिए इसके पहले हुए घटनाक्रम के बारे में जानकारी नहीं है।

एक मोबाइल फोन बरामद
जांच टीम को चीला नहर के पास से एक मोबाइल फोन मिला है। इसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। अभी तक एसआईटी को अंकिता का मोबाइल फोन नहीं मिला है। इसके मिलने पर एसआईटी को कई अहम सुराग मिल सकते हैं। हालांकि, इस मामले के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य का भी एक मोबाइल गायब है। यह जांच के बाद ही पता चलेगा कि बरामद हुआ ये फोन किसका है। बरामद फोन अहम कड़ी साबित हो सकता है।

पटवारी को एसआईटी ने किया गिरफ्तार
हत्याकांड में पटवारी वैभव प्रताप को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले उसे इस कांड में लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया था। सीएम पुष्कर सिंह धामी इस मामले की जांच के लिए आईपीएस पी रेणुका देवी के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित कर चुके हैं।

अभी तक की जांच में यह बात सामने आई कि अंकिता के पिता जब सबसे पहले राजस्व पुलिस व्यवस्था के स्थानीय पटवारी और रेवेन्यू इंस्पेक्टर वैभव प्रताप सिंह के पास गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उनकी सुनवाई नहीं हुई है। शिकायत पर रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गई।

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साढ़े 8 घंटे प्रदर्शन के बाद अलकनंदा के घाट पर अंकिता का अंतिम संस्कार हुआ था।
साढ़े 8 घंटे प्रदर्शन के बाद अलकनंदा के घाट पर अंकिता का अंतिम संस्कार हुआ था।

उत्तराखंड का डोभ श्रीकोट गांव। श्रीनगर से पौड़ी के रास्ते पर 22 किमी आगे बढ़ने पर बसे इसी गांव में अंकिता भंडारी का घर है। अंकिता ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं और गेस्ट को स्पेशल सर्विस देने से इनकार करने पर उनकी हत्या कर दी गई थी। पहली सैलरी मिलने से पहले ही अंकिता की जिंदगी खत्म हो गई। पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट...