सरकार की मंजूरी / सीएनजी-डीजल के मिक्स फ्यूल से चल सकेंगे वाहन



Vehicles can run from CNG-Diesel mixed fuel
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Vehicles can run from CNG-Diesel mixed fuel

  • एम 1 ग्रेड के वाहनों में डुअल फ्यूल इंजन लगाने की अनुमति होगी, इस ग्रेड में 9 या 9 सीटर से कम सीट वाले डीजल वाहन शामिल
  • 20 फीसदी खर्च कम होगा, डीजल से चलने वाली छोटी गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण में 40 फीसदी की कमी आएगी

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2018, 02:48 AM IST

नई दिल्ली. देश में डीजल से चलने वाले वाहन अब सीएनजी के मिक्स फ्यूल से भी चल सकेंगे। सरकार ऐसे वाहनों को चलाने की मंजूरी देने जा रही है, जो डीजल, पेट्रोल के साथ सीएनजी, बायो सीएनजी और एलएनजी के मिक्स फ्यूल से चलेंगे। 

 

इसका फायदा देशभर के ढाई करोड़ डीजल वाहन स्वामियों को हो सकेगा। सरकार इसी सप्ताह डुअल फ्यूल इंजन को मंजूरी संबंधी नोटिफिकेशन जारी करने वाली है। एम 1 ग्रेड के वाहनों में डुअल फ्यूल इंजन लगाने की अनुमति होगी। इस ग्रेड में 9 या 9 सीटर से कम सीट वाले डीजल वाहन शामिल हैं। 

 

उदाहरण के लिए अभी गाड़ियों में सीएनजी की रेट्रो फिटिंग होती है, जिससे एक समय में एक ही ईंधन सीएनजी या पेट्रोल से गाड़ी चलती है। लेकिन डुअल फ्यूल इंजन में दोनों फ्यूल एक साथ खर्च होंगे। इससे वाहन स्वामियो का 20 फीसदी खर्च कम हो सकता है और डीजल से चलने वाली छोटी गाड़ियों से होने वाले कुछ प्रदूषण में 40 फीसदी कम हो सकता है।

 

ऐसे समझें- कैसे कम होगा खर्च
फिलहाल किसी वाहन को 25 किमी चलाने में एक लीटर डीजल लगता है। इसमें 75 रुपए का खर्च आता है। लेकिन डुअल फ्यूल इंजन से 60 फीसदी डीजल और 40 फीसदी सीएनजी खर्च होगा। डीजल 75 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से 60 फीसदी का खर्च 45 रुपए आता है और सीएनजी 40 फीसदी के लिए 40 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 15 रुपए खर्च हुए। इस तरह दोनों मिलाकर 60 रुपए के खर्च में 25 किमी का सफर किया जा सकेगा। अभी डीजल गाडिय़ां मिक्स फ्यूल से नहीं चलती हैं।

 

देश में वाहनों की संख्या

  • 21 करोड़ रजिस्टर्ड वाहन
  • 7 करोड़ बस, ट्रक व कारें
  • 2.5 करोड़ डीजल कारें
  • 60% कारें, ट्रक, बस और ट्रैक्टर डीजल से चलते हैं
  • राजस्थान में 25 लाख, जयपुर में 4 लाख डीजल के वाहन चलते हैं।
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