माल्या इम्पैक्ट / सेबी की सरकार से अपील- अयोग्य घोषित निदेशक को तुरंत पद छोड़ने का प्रावधान हो



vijay mallya defiance prompts sebi to seek changes to companies act
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vijay mallya defiance prompts sebi to seek changes to companies act

  • विजय माल्या को सेबी ने अयोग्य ठहराया था लेकिन, उसने आदेश नहीं माना था
  • सेबी ने अब कंपनी एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव दिया है, वित्त मंत्रालय उससे सहमत

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2019, 09:25 AM IST

नई दिल्ली. मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने सरकार से कंपनी एक्ट में बदलाव की अपील की है। सेबी चाहता है उसके द्वारा अयोग्य घोषित डायरेक्टर को तत्काल पद छोड़ने का प्रावधान हो। डिफॉल्टर घोषित किए जा चुके विजय माल्या ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।

सेबी को कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री को भेजना होगा प्रस्ताव

  1. वित्त मंत्रालय के अफसरों ने कहा कि मंत्रालय सेबी के प्रस्ताव से सहमत है। मंत्रालय ने सेबी से कहा कि वह इस प्रस्ताव को बोर्ड से स्वीकृति दिलाए और फिर कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को भेजे। वही कंपनी एक्ट को देखता है।

  2. कंपनी एक्ट के मुताबिक अगर कोर्ट या ट्रिब्यूनल किसी डायरेक्टर को अयोग्य घोषित करता है तो उसका पद खाली माना जाएगा। लेकिन हजारों कंपनियों को रेग्युलेट करने वाले सेबी के आदेश के मामले में ऐसा उल्लेख नहीं है।

  3. सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि कंपनी एक्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख हो कि अगर वह किसी डायरेक्टर को अयोग्य घोषित करता है तो उसे पद छोड़ना होगा। सेबी ने अपने प्रस्ताव में 25 जनवरी, 2017 को पारित आदेश का उल्लेख किया है।

  4. सेबी ने उस आदेश में माल्या और छह अन्य को अगले आदेश तक किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में डायरेक्टर का पद संभालने पर रोक लगाई थी। सेबी के आदेश के बाद यूनाइटेड स्पिरिट्स में धन के अवैध डायवर्जन की जांच शुरू हुई थी।

  5. माल्या ने सेबी का आदेश न मानते हुए कई महीनों तक अपने ग्रुप की एक अन्य सूचीबद्ध कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज के डायरेक्टर पद से हटने से इनकार कर दिया था। माल्या पर लोन डिफॉल्ट सहित धोखाधड़ी के कई आरोप हैं।

  6. माल्या के आदेश नहीं मानने से उधेड़बुन की स्थिति बनी: सेबी

    • कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 167 के मुताबिक सेबी का डायरेक्टर पद छोड़ने का आदेश किसी व्यक्ति के लिए बाध्यकारी नहीं है। सेबी इसे बदलवाना चाहता है। 
    • धारा 164, 167 और 169 के तहत डायरेक्टर पद पर नियुक्ति या हटाने की प्रक्रिया से जुड़े फैसले सिर्फ कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के जरिए केंद्र सरकार ले सकती है। 
    • आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में सेबी सिर्फ जुर्माने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है, आदेश मानने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

  7. माल्या ने सेबी के कहने पर नहीं, डायरेक्टरों के दबाव में पद छोड़ा

    • माल्या ने ट्वीट कर सेबी के आरोपों को गलत बताया और कहा था कि उसे जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। 
    • माल्या को आखिरकार अगस्त 2017 में पद छोड़ना पड़ा था। तब कंपनी के कई अन्य डायरेक्टरों के भारी दबाव में वह पद छोड़ने के लिए मजबूर हुआ था। 
    • यूनाइटेड स्पिरिट्स मामले में कंपनी के नए प्रमोटर डिआजियो ने उसे अप्रैल 2015 में ही पद छोड़ने को कह दिया था। तब माल्या ने पद छोड़ा था।

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