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कोरोना कुंभ न बन जाए गंगा सागर मेला:26% पॉजिटिविटी रेट के साथ बंगाल में संक्रमण बेकाबू, फिर भी लाखों की भीड़ जुटाने की तैयारी

कोलकाता4 महीने पहले

पश्चिम बंगाल के गंगा सागर द्वीप में हर साल मकर संक्रांति पर लगने वाला गंगा सागर मेला आज से शुरू हो रहा है। यह मेला 16 जनवरी तक लगेगा। देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऐसा लग रहा था कि यह मेला रद्द हो जाएगा, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मेले को आयोजित करने की अनुमति दे दी। हालांकि, कोर्ट ने शर्तें रखी हैं कि मेले के दौरान कोरोना नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

बंगाल में मेले का आयोजन करने के खतरे ज्यादा हैं। देश में कोरोना की तीसरी लहर जारी है। रोजाना लाखों की संख्या में केस आ रहे हैं। शुक्रवार को देश में 1.41 लाख केस दर्ज हुए। गुरुवार को 15,421 मामले सामने आए थे। शुक्रवार को कोरोना के चलते अस्पताल में 2,444 लोग भर्ती हुए। गुरुवार को 2,228 लोग एडमिट हुए थे।

बंगाल में शुक्रवार को 18,213 नए केस मिले, जो कि महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे सबसे ज्यादा हैं। टेस्ट पॉजिटिविटी रेट के मामले में बंगाल 26.34% रेट के साथ सबसे आगे है। टेस्ट पॉजिटिविटी रेट का मतलब है 100 टेस्ट में से कितने पॉजिटिव आए हैं।

हाईकोर्ट ने संक्रमण फैलने की आशंका जताई
मकर संक्रांति पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक गंगा नदी और सागर के संगम में डुबकी लगाते हैं और कपिल मुनि मंदिर में प्रार्थना करते हैं। कोर्ट ने इस बात की चिंता जताई थी कि इतने सारे लोगों के डुबकी लगाने से कोरोना का वायरस मुंह और नाक के जरिए नदी के पानी में फैलेगा और इससे अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका है।

पिछले साल 14 जनवरी से 27 अप्रैल तक चले महाकुंभ मेले में करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में गंगा में डुबकी लगाई थी। तब देश में दूसरी लहर शुरू हो रही थी। मेले में शाही स्नान के समय 10 से 15 अप्रैल के बीच 1200 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। ऐसे में गंगा सागर में भी कोरोना ब्लास्ट होने का खतरा है।

सरकार ने बताया- गंगा सागर में सबको लगे वैक्सीन के दोनों डोज
कोर्ट की इस चिंता के जवाब में पश्चिम बंगाल सरकार के एडवोकेट जनरल एसएन मुखर्जी ने कोर्ट को जानकारी दी कि गंगा सागर द्वीप के सभी लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज लगाए जा चुके हैं और यहां टेस्ट पॉजिटिविटी रेट नियंत्रण में है।

सरकार ने कोर्ट को बताया कि उम्मीद है इस साल मेले में आने वाले लोगों का आंकड़ा 5 लाख से ज्यादा नहीं होगा। अब तक करीब 30 हजार लोग मेले में भाग ले चुके हैं और देशभर से करीब 50 हजार लोग अभी गंगा सागर पहुंचे हुए हैं।

कोरोना नियंत्रण में रखने के लिए कोर्ट के निर्देश

  • कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सदस्यीय पैनल बनाने का आदेश दिया है। इसमें विधानसभा में विपक्ष के नेता, राज्य सरकार का प्रतिनिधि और पश्चिम बंगाल ह्यूमन राइट्स कमीशन के चैयरमैन शामिल होंगे। तीनों मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि गंगा सागर द्वीप में कोरोना मानकों का पालन हो रहा है।
  • अगर नियमों के पालन में कोई ढील होती है तो कमेटी बिना किसी देरी के राज्य सरकार को अपने सुझाव सौंपेगी, ताकि द्वीप में एंट्री बंद हो सके। कोर्ट ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल ह्यूमन राइट्स कमीशन के सचिव कमेटी सदस्यों के साथ इस मामले में तालमेल करेंगे।
  • कोर्ट ने सभी एंट्री पॉइंट्स पर कम से कम 5 RT-PCR टेस्टिंग फैसिलिटी और रैपिड एंटीजन टेस्टिंग सेंटर लगाने का निर्देश दिया है। इसके साथ सरकार से कहा है कि वह सागर द्वीप को 24 घंटों के अंदर ‘नोटिफाइड एरिया’ घोषित करे। ऐसा करने पर राज्य जरूरत के हिसाब से तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े कदम उठा सकेगी।
  • कोर्ट ने राज्य को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि मेले में आने वाले सभी लोग मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। मेले के प्रबंधन में लगे पुलिस कर्मचारियों, मीडिया के लोगों, स्वयंसेवी और सरकारी अधिकारियों के लिए भी यह सारे प्रोटोकॉल मान्य रहेंगे।