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शिक्षक घोटाले में आरोपी पार्थ की बेटी के घर चोरी:चोरों को पड़ोसियों ने ED अफसर समझा, बोले- अर्पिता के साथ मंत्रीजी भी आते थे

4 महीने पहले

शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी मंत्री पार्थ चटर्जी के साउथ 24 परगना के वाले फ्लैट पर बुधवार दोपहर में चोरी हो गई। पार्थ का यह घर बरुईपुर थाना के बेगमपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र के पुरी गांव में है, जिसमें चोर ताला तोड़कर घुसे। आस-पास रहने वालों ने जब इन चोरों को घर से बड़े-बड़े बैग ले जाते हुए देखा तो उन्होंने ये समझा कि ED के अधिकारी हैं।

लोगों के मुताबिक पार्थ चटर्जी कभी-कभी इस घर के बगीचे में जाते थे और अर्पिता भी उनके साथ रहती थीं।

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28 जुलाई को उत्तर 24 परगना के बेलघरिया फ्लैट पर ED ने छापेमारी की। पहले दिन 26 घंटे की रेड में 21 करोड़ कैश और दूसरे दिन 18 घंटे की रेड में करीब 28 करोड़ कैश ED ने बरामद किया था।
28 जुलाई को उत्तर 24 परगना के बेलघरिया फ्लैट पर ED ने छापेमारी की। पहले दिन 26 घंटे की रेड में 21 करोड़ कैश और दूसरे दिन 18 घंटे की रेड में करीब 28 करोड़ कैश ED ने बरामद किया था।

लोगों ने ताला तोड़ने की वजह पूछी तो धमकाया
चार लोगों के इस गिरोह ने बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे घर पर धावा बोला। ताले टूटने की आवाज सुनकर बाहर आए लोगों ने इन चारों से वजह पूछी। तब इन लोगों ने उन्हें धमकाया और उस घर से निकलने को कहा। रहवासियों का कहना है कि इसके कुछ देर बाद कार में सामान डालकर वे सभी बदमाश वहां से निकल गए।

पार्थ की बेटी के नाम है घर, अब उठ रहे सवाल
कंटाखल-उत्तभाग रोड के किनारे बने घर के बाहर चार लोग कार से उतरे। इसके बाद वे घर में घुसे। ये घर पार्थ की बेटी सोहिनी के नाम है। पार्थ, पिछले एक हफ्ते से ED की हिरासत में हैं। ऐसे में बेगमपुर के गार्डन हाउस में हुई इस चोरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पार्थ की करीबी अर्पिता के घर से लगभग 50 करोड़ कैश और 5 किलो सोना मिलने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया। गौरतलब है कि अर्पिता के घर मिले कैश को ED 10 ट्रंक में भरकर ले गई। पढ़ें पूरी खबर...

20 बीघा में बना है घर

लोगों का कहना है कि चोरी करने आए लोगों के पास ज्यादातर कागजात ही दिखाई दिए थे।
लोगों का कहना है कि चोरी करने आए लोगों के पास ज्यादातर कागजात ही दिखाई दिए थे।

बेगमपुर में बने गार्डन हाउस की नेमप्लेट पर 'सोहिनी' लिखा है। यह करीब 20 बीघा जमीन पर बना है। जिसमें कभी कई नौकर-चाकर रहते थे, लेकिन कोरोना वायरस के दौरान सभी की नौकरी चली गई। फिलहाल यहां कोई नौकरानी या गार्ड नहीं है।

पार्थ ने बॉडीगार्ड के रिश्तेदारों को भी नौकरी दिलाई थी
मामला तब सामने आया, जब कलकत्ता हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की गई। विश्वंभर मंडल नाम का यह शख्स पार्थ का बॉडीगार्ड था। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर इलाके के रहने वाले मंडल पर अपने भाइयों को नौकरी दिलाने के लिए पार्थ के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल करने का आरोप है।

मंडल के भाइयों बंगशागोपाल और देवगोपाल और उनके 8 चचेरे भाइयों को कथित तौर पर 'मनगढ़ंत और मनगढ़ंत कागजात' का उपयोग करके विभिन्न पूर्वी मेदिनीपुर स्कूलों में नौकरी मिली थी। बंगशागोपाल तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नेता भी हैं।