बंगाल / ममता की मुश्किलें बढ़ीं; डॉक्टरों के बाद अब शिक्षकों का प्रदर्शन, 13 नेताओं ने पार्टी छोड़ी



पश्चिम बंगाल में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन। पश्चिम बंगाल में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन।
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पश्चिम बंगाल में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन।पश्चिम बंगाल में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन।

  • तृणमूल के विधायक सुनील सिंह ने कहा- बंगाल में भी मोदी सरकार बनना चाहिए
  • सभी शिक्षक वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे

Dainik Bhaskar

Jun 17, 2019, 04:36 PM IST

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले एक हफ्ते से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल पर समझौते की बात बनी, तो सोमवार से शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभी शिक्षक अपनी वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर तृणमूल के नौपारा से विधायक सुनील सिंह और 12 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए।

 

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कोलकाता में बिकास भवन पर धरना दिया। यहां पुलिस ने उन्हें बैरिकेट्स लगाकर रोकने की कोशिश की। इससे पहले एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 11 जून को जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में देशभर के डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। हालांकि, राज्य में बाधित हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर मुख्यमंत्री से बातचीत को तैयार हो गए। ममता ने भी डॉक्टरों से माफी मांग ली थी।

 

तृणमूल के एक विधायक और 12 पार्षद भाजपा में शामिल
सोमवार को तृणमूल के नौपारा विधायक सुनील सिंह की अगुआई में 12 पार्षदों ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय ने सभी नेताओं को सदस्यता दिलाई। भाजपा में शामिल होने से पहले सुनील ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल की जनता भी सबका साथ, सबका विकास चाहती है। हम चाहते हैं कि बंगाल में भी मोदीजी की सरकार बने। तभी पश्चिम बंगाल का विकास संभव हो पाएगा।’’

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