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निपाह वायरस / क्या होता है निपाह, कैसे फैलता है ये और क्या है इसके लक्षण?

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2019, 04:11 PM IST



Nipah Virus: All You Need To Know About Nipah Virus and How Nipah Virus Spreads
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Nipah Virus: All You Need To Know About Nipah Virus and How Nipah Virus Spreads

  • केरल में फिर सामने आया निपाह वायरस का मामला, एक संक्रमित, दूसरे का सैंपल भेजा
  • चमगादड़ से फैलता है वायरस, 1998 में पहली बार मलेशिया में बीमारी का पता चला था

नई दिल्ली. निपाह वायरस ने एकबार फिर भारत में अपनी दस्तक दे दी है। ये वायरस क्या है और इससे पीड़ित मरीज के शरीर में किस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, इस खबर में हम आपको इसी बारे में बता रहे हैं। निपाह वायरस (NiV) मुख्य रूप से जानवरों में पाया जाता है, और उनके जरिए ही इंसानों में फैलता है। इस वायरस को खत्म करने के लिए फिलहाल किसी तरह का कोई टीका (वैक्सीन) या अन्य दवाई नहीं बनी है। ऐसे में इससे पीड़ित मरीजों का बेहद सुरक्षित तरीके से ध्यान रखते हुए उनका इलाज किया जाता है।

 

सबसे पहले मलेशिया में मिला था ये वायरस

 

- WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुताबिक साल 1998 में मलेशिया के सुंगई निपाह गांव में पहली बार निपाह वायरस का पता चला था। इसी गांव के नाम पर ही इसका नाम निपाह पड़ा। तब सुअर पालने वाले किसान इस वायरस से संक्रमित मिले थे। 
- मलेशिया मामले की रिपोर्ट के मुताबिक पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली, बकरी, घोड़े से भी इंफेक्शन फैलने के मामले सामने आए थे।  मलेशिया में सामने आने के बाद उसी साल इस वायरस का पता सिंगापुर में भी चला था। 

- इसके बाद साल 2001 में बांग्लादेश में भी इस वायरस से संक्रमित मरीज मिले। कुछ वक्त बाद बांग्लादेश से जुड़ी भारतीय सीमा के आसपास भी निपाह वायरस के मरीज मिलने लगे।

 

इन तरीकों से फैलता है ये वायरस

 

- विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस चमगादड़ के अलावा सुअर से फैलता है। इसके अलावा ये मानव से मानव में भी फैल सकता है। इस वायरस से पीड़ित चमगादड़ जब किसी फल को खा लेते हैं, और उसी फल या सब्जी को कोई इंसान या जानवर खाता है तो संक्रमित हो जाता है। 
- फ्रूट बैट्स (चमगादड़) इस वायरस को एक जगह से दूसरी जगह फैलाने का काम करते हैं। निपाह वायरस इंसानों के अलावा जानवरों को भी प्रभावित करता है। इसकी शुरुआत तेज सिरदर्द और फीवर से होती है। इससे संक्रमित व्यक्ति का डेथ रेट 74.5 प्रतिशत होता है।
- 2013 के ICMR रिसर्च पेपर के अनुसार ये वायरस कंबोडिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका और घाना में मिल चुका है। इनमें से ज्यादातर मामलों में इसके फैलने का कारण चमगादड़ का कुतरा हुआ फल ही था।

 

चमगादड़ से ही क्यों फैलता है वायरस

 

- चमगादड़ एकमात्र ऐसा स्तनधारी (मैमल) है जो उड़ सकता है। यह वायरस को एक से दूसरी जगह तेजी से फैलाता है। दरअसल चमगादड़ का मेटाबॉलिज्म तेज होने के कारण वायरस इनके शरीर में बिना नुकसान पहुंचाए काफी समय तक जिंदा रह सकता है। चमगादड़ का खाया हुआ फल या सब्जी खाने से इस खास तरह का फंगल इंफेक्शन भी हो सकता है जो फेफड़ों के साथ स्प्लिीन और बोनमैरों को नुकसान पहुंचाता है।

 

ये सब होते हैं निपाह के लक्षण

 

- विशेषज्ञों के मुतबिक निपाह वायरस सिर्फ जानवरों से नहीं बल्कि एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैलता है। इससे इंफेक्शन होने के बाद कुछ खास लक्षण देखे जाते हैं। वायरल फीवर होने के साथ सिरदर्द, उल्टी जैसा लगना, सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो अलर्ट होने की जरूरत है। ये लक्षण लगातार 1—2 हफ्ते दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में जाकर चिकित्सक से मिलना चाहिए।
- निपाह वायरस का संक्रमण चमगादड़ (फ्रूट बैट) से फैलता है। जानकारों का कहना है कि निपाह वायरस के इंफेक्शन से बचने के लिए सुअर, घोड़े, पेड़ से गिरे फल और ताड़ी का सेवन नहीं करना चाहिए। फल और सब्जी खरीदते वक्त ध्यान रखना चाहिए कि वो कहीं से कटा या खुरचा हुआ न हो।

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