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  • Ban on travel to Pakistan extended for three months in view of rising polio outbreak, 134 cases registered last year

डब्ल्यूएचओ / पोलियो के बढ़ते प्रकोप के कारण पाकिस्तान जाने पर प्रतिबंध 3 महीने बढ़ा, वहां बीते साल 134 मामले दर्ज हुए

पोलियो के सबसे ज्यादा मामले पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दर्ज हुए। -फाइल पोलियो के सबसे ज्यादा मामले पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दर्ज हुए। -फाइल
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पोलियो के सबसे ज्यादा मामले पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दर्ज हुए। -फाइलपोलियो के सबसे ज्यादा मामले पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दर्ज हुए। -फाइल

  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक- पाकिस्तान में सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा
  • ‘पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान और नाईजीरिया जैसे देशों में यात्रा प्रतिबंध लगाया गया है’

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2020, 03:28 PM IST

इस्लामाबाद. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पाकिस्तान के सभी प्रांतों में डिराइव्ड पोलियो वायरस टाइप-2 के लगातार बढ़ते प्रकोप और वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप-1 के खतरे को देखते हुए पाकिस्तान में यात्रा करने को लेकर 3 महीने का प्रतिबंध और बढ़ा दिया है। पाकिस्तानी अखबार डॉन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ ने सिफारिश की कि पाकिस्तान में पोलियो के रोकथाम कार्यक्रम और रणनीति को तुरंत शुरू करने की आवश्यकता है। पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान और नाईजीरिया जैसे देशों में भी यात्रा करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

डब्ल्यूएचओ का निर्णय अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम की आपातकालीन समिति की सिफारिशों पर लिया गया है। पाकिस्तान को इसकी जानकारी कुछ दिन पहले ही दे दी गई है। वहां 2019 में पोलियो वायरस के 134 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2018 में यह संख्या सिर्फ 12 थी। पाकिस्तान में सबसे ज्यादा पोलियो प्रभावित प्रांतों में पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा का नाम शामिल है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, “हाल ही के वर्षों में हुई प्रगति बिल्कुल उलट दिखाई देती है। समिति के आकलन के मुताबिक, 2014 के बाद से पोलियो वायरस के अंतरराष्ट्रीय प्रसार का खतरा सबसे अधिक बढ़ा है।”

भारत 2014 में पोलियोमुक्त घोषित हुआ

डब्लूएचओ ने भारत समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के 11 देशों को 27 मार्च 2014 को पोलियोमुक्त घोषित किया था। इनमें बांग्लादेश, भूटान, कोरिया, इंडोनेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाइलैंड और तिमोर-लेस्ते शामिल थे। हालांकि, बाद में भी भारत में पोलियो के गिने-चुने मामले सामने आए थे। डब्ल्यूएचओ ने सबसे पहले 1994 में अमेरिका को, 2000 में पश्चिमी प्रशांत (वेस्टर्न पैसिफिक) जोन को और 2002 में यूरोपीय क्षेत्र को पोलियोमुक्त घोषित किया था।

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