पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

याकुटिया दुनिया का सबसे ठंडा क्षेत्र, यहां सर्दी में सूरज सिर्फ 3 घंटे निकलता है

9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
याकुटिया में यदि कार को बाहर छोड़ना पड़े तो उसे चालू ही रखना पड़ता है, वरना ईंधन जम जाता है।
  • याकुटिया की आबादी 3 लाख है, यहां स्कूल, डाकघर, बैंक और रनवे भी हैं
  • पारा -58 डिग्री तक गिरता है, इलाका सोना, हीरा, कोयले जैसी प्राकृतिक नेमतों से समृद्ध है

याकुटिया (रूस) से भास्कर के लिए (ऐलेना प्रसोलोवा). पूर्वोत्तर रूस का साखा जिला (याकुटिया) दुनिया का सबसे ठंडा इंसानी बसेरा है। यहां एक गांव है ओम्यकॉन। साइबेरिया की ‘सम’ बोली में ओम्यकॉन का मतलब है- ऐसा पानी, जो जमा हुआ न हो। हालांकि, इस इलाके में साल के अधिकांश दिन नदियां जमी ही रहती हैं। यह जगह आर्कटिक सर्किल से सिर्फ 350 किमी दूर है। सर्दी में सूरज यहां सिर्फ तीन घंटे निकलता है तो गर्मियों में दिन 21 घंटे तक हो जाता है। इतनी ठंड में भी यहां कभी जिंदगी नहीं रुकती। ठंड जितनी भी हो, बच्चे रोज स्कूल जाते हैं।


इस बार भी स्कूलों में छुट्टी तभी होगी, जब तापमान -52 डिग्री से नीचे जाएगा। आजकल पारा-44 डिग्री पर है। इसलिए सबकुछ सामान्य है। याकुटिया की आबादी 3 लाख है। स्कूल, डाकघर, बैंक, यहां तक कि रनवे भी है। हर गांव में अस्पताल और डॉक्टर हैं। इलाका दुनिया से बेशक कटा हुआ है, लेकिन यहां जरूरत की सभी चीजें मौजूद हैं।

बर्फ के नीचे मिट्‌टी भी जमी हुई, कब्र तक खोदने में कई दिन लग जाते हैं
ओम्यकॉन मास्को से लगभग 3,300 मील पूर्व में है। यहां सर्दी में पारा -58 डिग्री तक गिरता है। इतना होने पर भी यह शानदार पर्यटन स्थल है। इस बार भी लोग यहां हिरण का शिकार करने आए हुए हैं। बर्फ की कमी नहीं, इसलिए आर्टिस्ट बर्फ के पुतले बनाते देखे जा रहे हैं। मॉस्को से कार से यहां पहुंचने में दो दिन लगे। यहां सबसे बड़ी चुनौती है, मृतकों को दफनाना। जमी हुई मिट्टी इतनी सख्त है कि कब्र खोदने में कई दिन लगते हैं। जमीन पर अलाव जलाकर मिट्‌टी नर्म करनी पड़ती है। कुछ इंच खुदाई के बाद फिर से अलाव जलाना पड़ता है।

जूते से लेकर कपड़े तक, सबकुछ  हिरन की खाल से बनाया जाता ह
याकुटिया में कारों का ईंधन जम जाना आम बात है। गिअर अचानक जाम हो जाते हैं। इसीलिए जगह-जगह हीट गैरेज बने हुए हैं। अगर कार को बाहर छोड़ना पड़े तो उसे चालू ही रखना पड़ता है। पेन की स्याही तक जम जाती है। लोगों को गर्मी मिलती है सिर्फ जानवरों की खाल से बने कपड़ों से। जूते भी फर से बनते हैं। इसमें हिरण की खाल इस्तेमाल होती है। यहां सभी गांवों में दुकानें, स्कूल, स्पोर्ट सेंटर और कैफे हैं। याकुटिया गैस, सोना, हीरा और कोयले जैसे प्राकृतिक नेमतों से समृद्ध है। इसी वजह से लोग समृद्ध हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का दिन पारिवारिक व आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदाई है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ विश्वास से पूरा करने की क्षमता रखे...

और पढ़ें