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जिंदा लौटे ‘मृतक’ की पत्नी बोली- पुलिस ने शव दिखाकर कहा, यही तुम्हारा पति है; कर्ज लेकर श्राद्ध कराया

3 वर्ष पहले
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नौबतपुर में जिंदा लौटा कृष्णा मांझी अपनी पत्नी के साथ। - Dainik Bhaskar
नौबतपुर में जिंदा लौटा कृष्णा मांझी अपनी पत्नी के साथ।
  • कोर्ट में कृष्णा का बयान नहीं हो सका दर्ज, आईजी ने सिटी एसपी वेस्ट को मामले में जांच के आदेश दिए
  • मामला नौबतपुर में मॉब लिंचिंग में मारे गए कृष्णा मांझी के जिंदा लौटने का

पटना. मॉब लिंचिंग में हत्या का केस दर्ज होने और 23 आरोपियों के जेल जाने के तीन महीने बाद ‘मरने वाला युवक’ जिंदा लौट आया। पत्नी का आरोप है कि तब पटना पुलिस ने एक शव दिखाकर कहा था- यही तुम्हारे पति हैं। चेहरा साफ नहीं दिख रहा था। पुलिस के कहने पर शव लेकर चली गई। घर के बर्तन बेचने के साथ ही कर्ज लेकर पति का श्राद्ध किया। प्रशासन की ओर से कुछ नहीं मिला। पांच महीने से लापता पति जिंदा लौट आए। फिलहाल, पुलिस मृतक के कपड़े का हवाला दे रही है। 

मॉब लिंचिंग के मामले में भी पुलिस की जांच और चार्जशीट की क्या हालत है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपियों के गिरफ्तार हुए तीन माह से अधिक हो गए, पर चार्जशीट तक नहीं हुई। चार्जशीट नहीं होने का मतलब है कि पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई। जिन आरोपियों को जेल भेजा गया, उन पर तफ्तीश चल रही है। कोर्ट सूत्रों के अनुसार, इस मामले में दो आरोपियों को पटना हाईकोर्ट और एक आरोपी को दानापुर कोर्ट से जमानत मिल गई।
 

तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर पुलिस पर केस हो
पटना हाईकोर्ट के वकील प्रभात भारद्वाज ने बताया कि आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद तीन माह में चार्जशीट होना जरूरी है। चार्जशीट नहीं होने का मतलब है कि पुलिसिया जांच पूरी नहीं हुई। चार्जशीट नहीं होने पर आरोपियों को सीआरपीसी 167 के तहत जमानत मिल जाएगी। पुलिस पर भी लापरवाही का केस होना चाहिए।

पुलिस ने कहा था- दोनों के हाथ में गोदना था
नौबतपुर के थानेदार सम्राट दीपक ने कहा था कि कृष्णा जो जिंदा लौटा है और जो मारा गया, दोनों के हाथ में गोदना कर कृष्णा मांझी लिखा था। पर जांच में ऐसा नहीं पाया गया। यानी पुलिस खुद को बचाने के लिए यह बात कह रही थी। सिटी एसपी ने भी कहा कि जो कृष्णा जिंदा है, उसके हाथ में गोदना नहीं है।
 

पुलिस देख रही घटना का वीडियो फुटेज
कृष्णा के लौटने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस घटना के दिन का वीडियो फुटेज देखने में जुटी है, जिससे अब यह साफ हो जाए कि आखिर वह कृष्णा मांझी कौन था, जिसे उग्र भीड़ ने बच्चा चोर समझकर मार डाला। पुलिस के पास एम्स में इलाज कराने के उस कृष्णा का फोटो भी है।
 

कोर्ट में नहीं हो सका बयान, थानेदार को फटकार
कृष्णा मांझी के जिंदा लौटने के बाद नौबतपुर पुलिस हरकत में आई। मामले में एसएसपी ने थानेदार को कड़ी फटकार लगाई है। मामले के आईओ रंजीत कुमार हैं। वे तीन दिन की छुट्‌टी पर गए हैं। मामला उजागर होने के बाद थानेदार सम्राट दीपक कुमार खुद रानी तालाब थाने के निसरपुरा गांव के कृष्णा मांझी को लेकर उसका 164 का बयान दर्ज कराने दानापुर कोर्ट पहुंचे। देर हो जाने की वजह से बयान दर्ज नहीं हो सके। थानेदार ने बताया कि कृष्णा का बयान सोमवार को होगा।
 

कृष्णा ने कहा - मुझे क्या पता क्या हुआ यहां
जिंदा लौटे कृष्णा मांझी ने कहा कि मैं तो काम करने बाहर गया था। मुझे क्या पता कि मेरे बारे में यहां क्या हो गया। वहीं, सेंट्रल रेंज के आईजी संजय सिंह ने कहा कि सिटी एसपी वेस्ट कुमार अभिनव को जांच का आदेश दिया गया है। अगर जांच में थानेदार या आईओ की लापरवाही हुई होगी तो कार्रवाई होगी।
 

पुलिस की लापरवाही
1. मृतक के बारे में सही से जांच नहीं की।
2. नौबतपुर साइबर सेनानी वाट्सएप ग्रुप में मृतक का फोटो क्यों नहीं चलाया।
3. मृतक का डीएनए टेस्ट क्यों नहीं कराया।
4. अब अगर कोई आकर कहे कि मारा गया कृष्णा मेरा पिता है तो पुलिस वैज्ञानिक रूप से कैसे इसे सही मानेगी।
5. किरकिरी से बचने के लिए आनन-फानन में शव को सौंप कर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को निपटा दिया।
 


 

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