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रांची / विवेकानंद की प्रतिमा का मुख्यमंत्री ने किया अनावरण, बड़ा तालाब का नाम अब स्वामी विवेकानंद सरोवर

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 10:30 AM IST


रांची|बड़ा तालाब के बीच में स्थित टापू पर स्वामी विवेकानंद की 33 फुट ऊंची आदमकद प्रतिमा का पॉलिश का काम पूरा हो गया है। प्रतिमा लगाने के लिए बनाए गए मचान को भी हटा दिया गया है। - फोटो : संदीप नाग रांची|बड़ा तालाब के बीच में स्थित टापू पर स्वामी विवेकानंद की 33 फुट ऊंची आदमकद प्रतिमा का पॉलिश का काम पूरा हो गया है। प्रतिमा लगाने के लिए बनाए गए मचान को भी हटा दिया गया है। - फोटो : संदीप नाग
स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अनावरण किया। स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अनावरण किया।
yuva diwas vivekananda 33 feet high statue to be inaugrated by CM
yuva diwas vivekananda 33 feet high statue to be inaugrated by CM
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रांची|बड़ा तालाब के बीच में स्थित टापू पर स्वामी विवेकानंद की 33 फुट ऊंची आदमकद प्रतिमा का पॉलिश का काम पूरा हो गया है। प्रतिमा लगाने के लिए बनाए गए मचान को भी हटा दिया गया है। - फोटो : संदीप नागरांची|बड़ा तालाब के बीच में स्थित टापू पर स्वामी विवेकानंद की 33 फुट ऊंची आदमकद प्रतिमा का पॉलिश का काम पूरा हो गया है। प्रतिमा लगाने के लिए बनाए गए मचान को भी हटा दिया गया है। - फोटो : संदीप नाग
स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अनावरण किया।स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अनावरण किया।
yuva diwas vivekananda 33 feet high statue to be inaugrated by CM
yuva diwas vivekananda 33 feet high statue to be inaugrated by CM

  • कांसे की बनी इस प्रतिमा की असल ऊंचाई 33 फीट, बनाने में 17 करोड़ से ज्यादा आया खर्च
  • प्रतिमा को नोएडा की राम सुतार आर्ट क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने तैयार किया

रांची. युवा दिवस पर राजधानी के बड़े तालाब में स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को अनावरण किया। कांसे की बनी इस प्रतिमा की ऊंचाई 33 फीट है। विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा को बनाने में 17 करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च हुए हैं। इसे नोएडा की राम सुतार आर्ट क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बनाया है, जो पद्मभूषण मूर्तिकार राम वी सुतार की है।

 

विवेकानंद सरोवर में रात में भी होगी बोटिंग : सीएम 
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि स्वामी विवेकानंद सरोवर झारखंड का एक वैचारिक पर्यटन स्थल बनेगा। इसका उद्देश्य यह है कि यहां आने वालेे लोग स्वामीजी के विचारों को जानें और उसी के अनुरूप आचरण करें, तभी भारत विश्व गुरु बनेगा। देश-विदेश से यहां आने वाले पर्यटक रात तक बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। आकर्षक पाथ-वे और लाइटिंग लोगों को लुभाएंगे। मुख्यमंत्री राष्ट्रीय युवा दिवस पर शनिवार को बड़ा तालाब में स्वामीजी की 33 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने समरस समाज और भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना देखा था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सपनों का भारत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। देश में कोई बेघर, बेरोजगार, बे-दवा और बे-शिक्षा न रहे। कोई अभाव की जिंदगी न जीए। देश के वंचित, शोषित, पीड़ितों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम कर रहे हैं। 

 

गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना ही वास्तविक विकास
उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति ने हमारे देश को काफी पीछे कर दिया है। आज विकास की बाट जोह रहे शोषितों, वंचितों को उनका हक मिल रहा है। देश के करोड़ों बेघरों को घर मिल रहा है। गरीब महिलाओं को सम्मान के साथ जीने के लिए उज्जवला योजना के तहत गैस-चूल्हा हो या घर में शौचालय। बिना जाति देखे हर वर्ग के कमजोर लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। आज भारत की साख दुनिया में बढ़ी है। मोदी के नेतृत्व में हम विश्वगुरु बनने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना ही वास्तविक विकास है। 

 

सौंदर्यीकरण की खासियत 
52 एकड़ जमीन पर बना है स्वामी विवेकानंद सरोवर 
17 करोड़ रुपए खर्च हुए योजना पर, सिर्फ प्रतिमा बनाने पर तीन करोड़ रुपए 
60 फीट की ऊंचाई तक है प्रतिमा रांची झील की तलहटी से 
स्वामी जी की आदमकदम प्रतिमा बनाने में छह टन कांस्य का उपयोग किया गया 


फुट ब्रिज तीन माह में होगा पूरा 
रोटरी पार्क से प्रतिमा तक जाने के लिए फुट ब्रिज बना है। अब इस पर कंक्रीट की ढलाई होगी। लेकिन, ब्रिज के किनारे रेलिंग बनाने का काम फिलहाल नहीं होगा। इसे अगले 3 माह में पूरा किया जाएगा। बड़ा तालाब के चारों ओर पाथ-वे बनाने सहित सौंदर्यीकरण का कार्य नगर निगम करा रहा है। तालाब के चारों आेर पाथ-वे बनाया जाएगा। इस पर टाइल्स और बेंच लगाया जाएगा। लाइटिंग की जाएगी। तालाब के पानी को साफ करने के लिए एरिएशन सिस्टम लगाना है। सुरक्षा के लिए चारों ओर ग्रिल और सीसीटीवी लगाया जाएगा। ब्रिज के इंट्रेस के पास एक छोटा पार्क और कैफेटेरिया होगा। अभी पाथ वे 50% भी नहीं हुआ है। वर्ष 2017 में सीएम ने शिलान्यास किया था। पहले उर्मिला कंस्ट्रक्शन को और बाद में प्रोजेक्ट सापोरजी पल्लोनजी कंपनी को दे दिया गया। अब 13 करोड़ के प्रोजेक्ट का कॉस्ट बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गया है। 
 

 

देरी से प्रोजेक्ट का कॉस्ट 4 करोड़ बढ़ा
बड़ा तालाब के बीच में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगाने के प्रोजेक्ट में भी खेल हुआ। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया था। 12 जनवरी 2018 को प्रतिमा का अनावरण नहीं हो सका। इसके बाद उर्मिला कंस्ट्रक्शन से छीन कर प्रोजेक्ट सापोरजी पल्लोनजी कंपनी को दे दिया गया। अब 13 करोड़ के प्रोजेक्ट का कॉस्ट बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गया।

 

वॉटर लेवल से प्रतिमा की ऊंचाई 60 फीट

  • प्रोजेक्ट के इंजीनियरों ने बताया कि तालाब के वाॅटर लेवल से प्रतिमा की कुल ऊंचाई 60 फुट हो गई है।
  • प्रतिमा की ऊंचाई 33 फुट है और पैडेस्ट्रियन की ऊंचाई 16 फुट। इसके अलावा गोलंबर 11 फुट ऊंचा है।
  • पहले इस प्रोजेक्ट की लागत 13 करोड़ थी। बाद में प्रोजेक्ट का कॉस्ट बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गया है।
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