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हमें मिल कर हमें मिल कर

6 वर्ष पहले
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पटना. बिहार में पूर्ण शराबबंदी होगी। गुरुवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल से ही पूरे राज्य में मद्य निषेध अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशी शराब का दायरा ज्यादा है। इसलिए पहले चरण में 1 अप्रैल से देशी शराब पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
अगले चरण में विदेशी शराब पर भी रोक लगा दिया जाएगा। पूर्ण शराबबंदी मेरा संकल्प है। मुझे बिहार के लोगों और खास कर महिलाओं की ताकत पर पूरा भरोसा है। समाज के सहयोग से शुरू हुआ अभियान रंग लाएगा और बिहार से रंग वाले पेय का सफाया हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी पर काम रहा है। मीन मेख निकालने वाले निकालते रहेंगे। कोई कहता है कि देशी ही क्यों विदेशी भी बंद होनी चाहिए। हम लोगों को बताना चाहते है कि जल्दबाजी में काम ठीक नहीं होता है। आदमी औंधे मुंह गिर जाता है। आज तक मैंने जो संकल्प किया उससे कभी भी पीछे नहीं हटा।
खुलेंगे 10-10 बेड के नशामुक्ति केंद्र
राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में 1 अप्रैल से 10-10 बेड का नशामुक्ति केंद्र काम करना शुरू कर देंगे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर.के.महाजन को पहली मार्च तक इसकी पूरी तैयारी कर ली जाएगी। इस बाबत आवश्यक तैयारी कर लेने का आदेश दिया। प्रधान सचिव ने बताया कि मानव संसाधन, दवा और उपस्कर का इंतजाम कर लेने को कहा है। केंद्रों में तैनात किए जाने वाले प्रशिक्षकों के नाम जिला और प्रखंडस्तर से मांगे गए हैं।
कॉल सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी लागू होते ही राज्यस्तर पर कॉल सेंटर काम करने लगेगा। यहां लोग फोन करके अपने इलाके में अवैध शराब की बिक्री की शिकायत दर्ज कराएंगे। बिहार की आबादी 11 करोड़ है और मोबाइल फोन 6 करोड़ है। इसलिए शिकायतें तो आएंगी ही। हम लोगों को आश्वस्त करते हैं कि शिकायत पर कार्रवाई होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो कार्रवाई नहीं करने वाले पर हम कार्रवाई करेंगे।
पीने वाले को बहाना चाहिए
नीतीश ने कहा कि शराब पीने वाले को बहना चाहिए। कई लोग कहते है कि अगर इसको शराब नहीं मिलेगा तो यह पागला जायेगा। हम पूछते है कि क्या शराब दवा है कि इससे व्यक्ति ठीक जायेगा। विदेशों में भी मेडिकल रिजन से शराब दिया जाया जाता है। उस पर भी सरकार का ध्यान है।
देशी के बाद विदेशी भी होगी बंद
नीतीश ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से शराबबंदी को लेकर काम किया जा रहा है। मीन मेख निकालने वाले निकालते रहेंगे। कोई कहता है कि देशी ही क्यों विदेशी भी बंद होनी चाहिए। हम लोगों को बताना चाहते है कि देशी शराब के बाद विदेशी शराब की बिक्री पर भी रोक लगायी जायेगी। सब काम जल्दबाजी में ठीक नहीं होता है। आदमी औंधे मुंह गिर जाता है।
निजी एजेंसी को नहीं मिलेगा विदेशी शराब बेचने का काम
सीएम नीतीश ने कहा शराबबंदी की घोषणा के बाद लोगों ने कहा कि कई लोग बेरोजगार हो जायेंगे हम पता देना चाहते है कि बिहार में विदेशी शराब सरकार की ही कंपनी बेचेगी। इसको निजी हाथों में नहीं दिया जायेगा। शराब पीने वालों को 10 दिन का ही शराब मिलेगा। वह भी बड़े शहरों में ही मिलेगा। लेकिन यह नहीं होगा की दसों दिन लगातार शराब पीने को लोगों को मिलेगा। जहाँं पर विदेशी शराब बेची जायेंगी वहा पर सीसीटीवी भी लगेगा। सब कुछ मॉनिटरिंग की जायेगी।
चीनी मिलों को बनाना होगा एथेनॉल
सरकार ने चीनी मिलों को कह दिया है कि आप स्प्रिट नहीं बनाये। इसके बदले आप एथेनॉल बनाये। जिससे पेट्रोल और डीजल में दस प्रतिशत मिलाया जा सकता है। यह केंद्र सरकार का नियम भी है। यह तेल पेट्रोलियम कंपनी को भी लेनी चाहिए। जब स्प्रिट बनता है तो उसको अवैध शराब बनाने वाले शराब में डालते है। ऐसे में जब स्प्रिट नहीं मिलेगा तो अवैध कारोबार पर रोक लगेगी।
फोटो- शेखर