• Hindi News
  • Farmer\'s Daughter Sweety Boora World Number Two Boxer Exclusive Interview

हट्टे-कट्टे भी डरते हैं इनसे, जानें किसान की बेटी कैसे बनी वर्ल्ड क्लास बॉक्सर?

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हिसार. ओलिंपिक के लिए इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन ने फरवरी में क्वालिफाइंग राउंड रखा है। इसमें सफल होने वाले खिलाड़ी ही 5 अगस्त से शुरू हो रहे रियो ओलिंपिक के लिए भारत को रिप्रजेंट करेंगे। इसके लिए प्रबल दावेदार हैं वर्ल्ड नंबर 2 बॉक्सर स्वीटी बूरा। छोटे-से गांव घिराए के किसान की इस बेटी ने dainikbhaskar.com से EXCLUSIVE बातचीत में अपने संघर्ष की कहानी बताई।
आर्थिक रूप से कमजोर पिता ने नेगेटिव प्रेशर के बावजूद कैसे बनाया बॉक्सर...
छोटा किसान होने के कारण पिता महेंद्र सिंह की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बेटी बॉक्सर बनना चाहती थी। गांव के लोग और रिश्तेदार विरोध में थे। ऐसे में पिता ने बेटी का साथ दिया। गांव वाले पिता पर भी ताने मारते, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की और बेटी को हिसार बॉक्सिंग प्रैक्टिस के लिए भेजा। मेहनत जल्द रंग लाई। 2009 में बेटी ने 3 महीने के भीतर स्टेट लेवल पर गोल्ड मेडल जीत पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
किन्हें देती हैं सक्सेस का क्रेडिट?
- हेमलता सिंह बगड़वाल (कोच): जब भी नेशनल लेवल के लिए सिलेक्शन नहीं होता कहती- तुम्हारा लेवल बड़ा है, हारो मत।
- राज सिंह (कोच): गजब का कॉन्फिडेंस दिया। हमेशा कहते हैं तुम जो चाहो कर सकती हो। तुममे है दम।
- अनूप कुमार (कोच): नेशनल-इंटरनेशनल इवेंट्स के दौरान जबरदस्त सपोर्ट। हमेशा पॉजिटिव सलाह से कॉन्फिडेंस बढ़ाया।
- महेंद्र सिंह (पिता): हमेशा सपोर्ट किया। कोई कुछ भी कहे मेरा साथ दिया। उन्हीं की बदौलत आज मैं यहां तक पहुंच सकी।
- संजय कुमार (कोच): फिलहाल इनके अंडर में कर रही तैयारी। भिवानी साई सेंटर में हैं कोच।
12 KM डेली चलाती थी साइकिल
- 2009 में जब मैंने बॉक्सिंग ज्वॉइन किया तो उम्र सिर्फ 15 साल थी। उससे पहले कबड्डी खेलती थी।
- जाट सीनियर सेकंड्री स्कूल में पढ़ती थी, वहां से प्रैक्टिस सेंटर 6km था। प्रैक्टिस के लिए रोज 12km साइकिल चलाना पड़ता था।
- 2009 में पहले बॉक्सिंग ट्रॉयल में अपोनेंट सोनिया से काफी मार पड़ी। काफी समय से ट्रेनिंग ले रही सोनिया एकतरफा भारी पड़ रही थी।
- बाउट के अंतिम राउंड के दौरान भाई मंदीप के चिढ़ाने पर आया गुस्सा और एक ही पंच में कर दिया चित। हुआ जूनियर लेवल पर सिलेक्शन।
- ऑल इंडिया लेवल पर लगातार 5 बार चैम्पियन बनने का रिकॉर्ड। फिलहाल साई सेंटर में कर रही प्रैक्टिस। ओलिंपिक क्वालिफायर है निशाने पर।
आगे की स्लाइड्स में जानें, स्वीटी बूरा के संघर्ष की कहानी और उनके बारे में रोचक फैक्ट्स...