नंदा के नसीब में नहीं था प्यार, अधेड़ उम्र में की थी सगाई, पर नहीं हुई शादी

7 वर्ष पहले
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अपने जमाने की जानी-मानी अदाकारा नंदा की आज पुण्यतिथि है। 75 साल की उम्र में नंदा का निधन 25 मार्च, 2014 को हुआ था। बॉलीवुड में शुरू में नंदा की छवि 'छोटी बहन' की थी। लेकिन उन्‍होंने बाद में इसे बखूबी बदला। अपनी उम्र के बेहतर साल परिवार को देने वाली नंदा को अधेड़ उम्र में उस दौर के फिल्ममेकर मनमोहन देसाई से प्यार हो गया था। 1992 में तकरीबन 53 साल की उम्र में नंदा ने उनसे सगाई भी की थी। लेकिन उनके नसीब में शादी नहीं थी। अपनी लाइलाज बीमारी के चलते मनमोहन देसाई ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद नंदा अविवाहित ही रहीं।
'दीया और तूफान' से शुरुआत
नंदा के पिता विनायक दामोदर मराठी फिल्मों के अभिनेता थे। उनके घर वी. शांताराम का आना-जाना था। शांताराम ने अपनी फिल्म 'दीया और तूफान' में नंदा को दीये की भूमिका दी और फिल्म सफल रही। इसके बाद नंदा ने साउथ के सुपरस्टार राजेन्द्र कुमार अभिनीत फिल्म में छोटी बहन की भूमिका की। इस रोल के बाद उन्हें बॉलीवुड में 'छोटी बहन' माना जाने लगा।
करनी पड़ी मेहनत
नंदा को शुरुआती दौर में ज्यादातर फिल्मों में बहन के रोल ही मिले। नंदा लंबे समय तक एक ही छवि में बंधी रही। खुद को इस छवि से निकालने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। फिल्म 'जब जब फूल खिले' में उन्हें मुख्य भूमिका मिली। फिल्म हिट रही और नंदा अपनी 'छोटी बहन' की छवि से निकलने में कामयाब हो गई।
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