इस पाकिस्तानी एक्ट्रेस ने देवानंद संग किया था डेब्यू, गुमनामी में हुआ अंतिम संस्कार

6 वर्ष पहले
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महू(इंदौर). अभिनेत्री शीला रमानी (80) का बुधवार दोपहर निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार महू में किया गया। उन्होंने हिंदी फिल्मों के अलावा पाकिस्तानी फिल्मों में भी काम किया था। अंतिम समय में वे महू में गुमनामी में जीवन बिता रही थीं। शीला रमानी 50 के दशक में मिस शिमला रहीं। 1954 (62 साल पहले) में फिल्स टैक्सी ड्राइवर की कामयाबी के बाद वे 'लक्स सोप' के ऐड में नजर आने लगी। यह वह दौर था जब 'लक्स सोप' का ऐड पाना हर हीरोइन का सपना होता था।
उनके मामा शेख लतीफ पाकिस्तानी फिल्मों के कलाकार थे। मूलत: पाकिस्तान के सिंध में जन्मी शीला शुरू से ही फिल्मों में काम करना चाहती थीं। वे अपने मामा के जरिये हिंदुस्तानी फिल्मों में आई और भारत पहुंची। यहां उनकी मुलाकात फिल्म निर्माता व हीरो देवानंद के भाई चेतन आनंद से हुई। उन्हें 1954 में पहली फिल्म देवानंद के साथ 'टैक्सी ड्राइवर' में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उन्होंने मुख्य अभिनेत्री की भूमिका निभाई।
उन्होंने 1956 में पाकिस्तानी फिल्म अबाना में भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने हिंदुस्तानी फिल्मों जंगल किंग 1959, रिटर्न और मिस्टर सुपरमैन 1960 के अलावा तीन बत्ती-चार रास्ता, नौकरी, मीनार, रेलवे प्लेटफॉर्म, फंटूस, सुरंग और आनंद मठ जैसी फिल्मों में सेकंड हीरोइन के रूप में काम किया।
आगे की स्लाइड्स में देखिए अभिनेत्री शीला रमानी की फोटो।