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यह है रावण का मंदिर, पूजा के लिए करना होता है राम नाम का जाप, जाने क्यों

8 वर्ष पहले
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वैभव नगर स्थित रावण का मंदिर।
इंदौर. शहर में एक ऐसा भी मंदिर है जहां पर भगवान राम और हनुमानजी के साथ रावण, कुंभकरण और मेघनाथ की भी पूजा होती है। यहां प्रवेश सशर्त है। प्रवेश से पहले आपको 108 बार राम नाम लिखने की शर्त स्वीकार करनी पड़ती है। अपने तरह का यह अनोखा मंदिर वैभव नगर में है। बंगाली चौराहे से बायपास की ओर जाते समय बायीं ओर वैभव नगर में यह अनोखा मंदिर पड़ता है। यहां विभिन्न भगवान के साथ-साथ रामायणकालीन राक्षसों की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। राम का निराला धाम नामक इस मंदिर में भगवान के साथ राक्षसों को भी फूल चढ़ाए जाते हैं।

राम से जुड़ा हर पात्र पूज्य : मंदिर के संस्थापक, संचालक और पुजारी का कहना है कि राम से जुड़ा हर पात्र पूजनीय है। इसीलिए यहां भगवान के साथ राक्षसों की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। इस मंदिर की स्थापना 1990 में की गई थी और अब भी काम चल रहा है। वे कहते हैं कि जिसे हमने कभी देखा नहीं उसकी बुराई करने का हमें कोई अधिकार नहीं है। महापंडित और ज्ञानी होने के नाते रावण हमेशा पूजनीय रहेगा।

सशर्त ही मिलता है प्रवेश : इस मंदिर में आपको तभी प्रवेश मिलेगा जब आप 108 बार राम नाम लिखने की शर्त मानें। मुख्यद्वार सहित पूरे परिसर में प्रवेश संबंधी शर्त के चेतावनी बोर्ड बड़े-बड़े अक्षरों में लगे हैं। आप नेता हों या अभिनेता या सामान्य इंसान किसी को भी नियम से छूट नहीं है। निर्धारित फॉर्मेट में लाल पेन से श्रीराम नाम लिखना होता है। पुजारी खुद भी हनुमान प्रतिमा के सामने बैठकर लगातार रामचरित मानस पाठ करते हैं। मंदिर में भगवान राम के अलावा दशानन, कुंभकर्ण, विभीषण, मेघनाथ, मंदोदरी, कैकेयी, मंथरा, शूर्पणखा की भी प्रतिमाएं हैं।

लंका की तर्ज पर गुंबज, शनि का संदेश भी : लंका में विभीषण के निवास स्थान पर बनी गुंबज में अंदर-बाहर सब जगह राम नाम लिखा हुआ था। इसी की तर्ज पर यहां भी एक गुंबज बनाई गई है, जिसमें ऊपर-नीचे, अंदर-बाहर हर तरफ राम नाम लिखा है। इसके अलावा कई छोटे मंदिर भी बनाए गए हैं। इनकी गुंबज पर भी हर ओर राम नाम लिखा हुआ है। 108 बार राम नाम लिखने के लिए लगाए गए एक बोर्ड पर शनि महाराज का संदेश भी लिखा है। इस मंदिर में किसी तरह का चढ़ावा या प्रसाद लाने पर मनाही है। यहां न तो एक भी दानपेटी है न ही किसी को भगवान की अगरबत्ती लगाने या जल व प्रसाद चढ़ाने की अनुमति। यहां के पुजारी के मुताबिक जिनकी कोई मनोकामना है वे यहां आकर बस 108 बार राम नाम लिखें इतना काफी है।


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