फ्लोरिडा में अंधाधुंध फायरिंग की घटना, 20 लोगों को गोली मारे जाने की खबर

6 वर्ष पहले
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ऑरलैंडो (यूएस). फ्लोरिडा में 'पल्स' एलजीबीटी नाइट क्लब में रविवार को हुई फायरिंग में 53 लोग मारे गए। इस आतंकी हमले में 50 से ज्यादा जख्मी हैं। 30 लोग बंधक भी बनाए गए थे। पुलिस ने बाद में हमलावर को गोली मार दी। ये अमेरिका इतिहास में गोलीबारी की अब तक की सबसे बड़ी घटना है। इससे पहले 2007 में वर्जीनिया में गोलीबारी में 32 मौतें हुई थीं। वहीं, 9/11 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर अल कायदा के अटैक के बाद यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। 11 सितंबर 2001 के इस हमले में 3000 लोगों की मौत हुई थी। ISIS ने कहा है कि हमलावर उसी का आतंकी था। ऑरलैंडो पुलिस के मुताबिक, रविवार तड़के (लोकल टाइम) यह हमला हुआ। गनमैन की पहचान 29 साल के उमर मतीन के तौर पर हुई। वह अफगानिस्तान मूल का यूएस सिटिजन बताया जा रहा है। एक्सप्लोसिव्स से भरी जैकेट पहन कर घुसा था हमलावर...
फ्लोरिडा में हुआ क्या?
- यहां ऑरलैंडो में LGBT कम्युनिटी का पॉपुलर नाइट क्लब है 'पल्स'। LGBT कम्युनिटी इस क्लब में प्राइड मंथ सेलिब्रेट कर रही थी।
- यहां पार्टी चल रही थी जब शनिवार देर रात 2 बजे एक आतंकी घुसा और उसने धड़ाधड़ फायरिंग शुरू कर दी।
- सौ से ज्यादा लोग क्लब में मौजूद थे। उस वक्त वे अमेरिकी लैटिन धुनों पर नाच-गा रहे थे।
किसने किया हमला?
- हमलावर की पहचान उमर मतीन के तौर पर हुई है।
- 29 साल का हमलावर उमर अफगानिस्तान मूल का यूएस सिटिजन था।
- हमले से ठीक पहले उसने यूएस के इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल किया कि वह आईएसआईएस से जुड़ा है और हमला करने जा रहा है।
- मतीन के पिता सिद्दकी ने कहा, ''इस हमले का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। मतीन जब देखता था कि दो मेल एक-दूसरे को किस कर रहे हैं तो वह बहुत गुस्से में आ जाता था। वह उस वक्त बहुत गुस्से में था जब उसकी वाइफ और बच्चों के सामने दो मेल किस कर रहे थे।''
- हमलावर से अलग हो चुकी उसकी पत्नी ने कहा कि मतीन मेंटली स्टेबल नहीं था। वह बहुत गुस्सैल था और मारपीट करता था।
- आईएसआईएस समर्थक एक ग्रुप ने एक दिन पहले ही अमेरिका में 8000 लोगों को मारने की धमकी दी थी। कहा था कि वह फ्लाेरिडा में 600 लोगों की जान लेगा।
कैसे किया हमला?
- मतीन AR-15 असॉल्ट राइफल और एक्सप्लोसिव्स से भरी जैकेट पहनकर क्लब में घुसा।
- उसने शुरुआती फायरिंग के बाद 30 लोगों को बंधक बना लिया।
- तीन घंटे तक उसने लोगों को बंधक बनाए रखा।
कैसे मारा गया?
- शुरुआत में नौ पुलिस अफसर इस हमले से निपटने पहुंचे थे।
- सुबह पांच बजे फैसला किया गया कि SWAT टीम को क्लब के अंदर भेजा जाएगा।
- पुलिस ने पहले धमाका किया, जिससे हमलावर का ध्यान बंधकों से हटा। पुलिस ने 30 लोगों को सेफ निकाल लिया।
- हमलावर ने भी फायरिंग की जो एक पुलिस अफसर के सिर में लगी, लेकिन हेल्मेट पहने होने से वह बच गया।
- पुलिस के साथ मुठभेड़ में हमलावर उमर मतीन की मौत हो गई।
चश्मदीदों ने क्या कहा?
- चश्मदीदों ने पल्स फेसबुक पेज पर शूटिंग की घटना से जुड़ी इन्फॉर्मेशन शेयर की।
- एक यूजर जॉर्डन ने लिखा, ''मैं वहीं था जब रात 2 बजे क्लब में फायरिंग शुरू हुई। तब क्लब पूरा भरा हुआ था। शूटर असॉल्ट राइफल लिए हुए था। उसने अंदर कई लोगों को बंधक बना रखा था।''
किसने ली जिम्मेदारी?

- इस्लामिक स्टेट की मैगजीन अमक की तरफ से जारी बयान में इस हमले की जिम्मेदारी ली गई है।
- इसमें कहा गया है, ''अमेरिका के फ्लोरिडा स्टेट में ऑरलैंडो सिटी में गे नाइट क्लब को निशाना बनाकर किए गए हमले को आईएसआईएस ने अंजाम दिया था।''
FBI ने हमले को लेकर क्या कहा?
- एफबीआई के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि यह आतंकी हमला है।
- ''यह नहीं पता इसमें घरेलू आतंकी शामिल हैं या अंतरराष्ट्रीय। हमलावर अमेरिकी नागरिक है।''
- ''उसका नाम उमर मतीन बताया गया है। उसके माता-पिता अफगानिस्तान के हैं। वह फ्लोरिडा के पोर्ट सेंट लुइस का रहने वाला था।''
- ''उसके पास से असॉल्ट रायफल, हैंडगन और विस्फोटक जैसा संदिग्ध बेल्ट मिला है।''
अमेरिका से कैसे हुई चूक?
- मतीन का नाम 2013 और 2014 में अमेरिकी इन्वेस्टिगेटर्स की लिस्ट में आया था। शक था कि उसके रिश्ते इस्लामिक कट्टरपंथियों से हैं।
- मतीन ने अपने को-वर्कर्स के साथ बातचीत में आतंकियों के साथ रिश्तों को लेकर कमेंट्स किए थे।
- एफबीआई ने इस मामले में पूरी जांच की। गवाहों के बयान लिए गए और मतीन को सर्विलांस पर रखा गया।
- मतीन से भी दो बार पूछताछ हुई। लेकिन उसके खिलाफ कुछ सबूत नहीं मिला और बाद में उसे छोड़ दिया गया।
क्यों है ये बड़ा हमला?
- 2007 में वर्जीनिया में हुई गोलीबारी में 32 की मौत हुई थी।
- लेकिन LGBT क्लब पर हमले में 53 की मौत हुई है। यह अमेरिकी इतिहास में गोलीबारी की सबसे बड़ी घटना है।
- अल कायदा ने 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया था।
- उसके बाद अमेरिका में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ। आतंक की छोटी घटनाएं हुई हैं। लेकिन 9/11 के बाद ये पहला बड़ा हमला है।
- हमला इसलिए भी मायने रखता है, क्योंकि प्रेसिडेंट ओबामा लगातार गन कंट्रोल पॉलिसी लाने की वकालत कर रहे हैं।
24 घंटे में दूसरी घटना
- शहर में 24 घंटे के भीतर गोलीबारी की यह दूसरी घटना है।
- शुक्रवार को इस क्लब से महज चार मील दूर एक थिएटर में एक सनकी फैन ने स्टार सिंगर क्रिस्टीना ग्रिमी की हत्या कर दी थी।
- ग्रिमी उस वक्त प्रोग्राम खत्म कर फैन्स को ऑटोग्राफ दे रही थीं।
- इस घटना में हमलावर केविन जेम्स ने भी खुद को गोली मार ली थी।
पिछले साल अमेरिका में फायरिंग के 330 बड़े और 53 हजार छोटे मामले
- 2015 में अमेरिका में फायरिंग के 350 बड़े और 53030 छोटे मामले सामने आ चुके हैं।
- 96 बड़े मामले बार और क्लब में पार्टी के दौरान हुए।
- 83 मामलाें में गैंग ने फायरिंग की।
- 68 मामले घरेलू लड़ाई के बाद फायरिंग के हुए।
- 54 मामले ऐसे थे, जिनमें फायरिंग का कारण का पता नहीं चल पाया।
- 12 मामले लूट के हुए।
- 6 आतंकी हमले थे। 2 हमले आईएसआईएस ने किए।
क्या है वजह?

- एक सर्वे के मुताबिक, अमेरिका में 100 में से 88 लोगों के पास गन होती है।
- ओबामा का कहना है कि अभी वेबसाइट्स भी अमेरिका में आसानी से गन बेच रही हैं। उन्हें भी फेडरल लाइसेंसिंग के दायरे में लाने की जरूरत है।
- गन लाइसेंस हासिल करने वालों के बैकग्राउंड की जांच की जाती है, लेकिन इसमें उतनी सख्ती नहीं है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें : गन पॉलिसी पर क्या है ओबामा का स्टैंड?
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