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बैंकॉक में मिले भारत-पाकिस्तान के NSA, जारी किया ज्वाइंट स्टेटमेंट

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. पेरिस में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात के बाद बैंकॉक में रविवार को दोनों देशों के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर्स (एनएसए) की मुलाकात हुई। इस दौरान सुरक्षा और शांति के अलावा आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर और एलओसी सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद दोनों देशों ने एक ज्वॉइंट स्टेटमेंट भी जारी किया।
मीटिंग में क्या हुआ?
भारत के एनएसए अजीत डोभाल और पाकिस्तान के एनएसए नसीर खान जंजुआ के बीच मीटिंग के बाद दोनों देशों की ओर से साझा बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया, "एनएसए के बीच बातचीत आपसी रिश्तों और रचनात्मक माहौल में आयोजित की गई।" मीटिंग में दोनों देशों के फॉरेन सेक्रेटरी भी मौजूद थे। बता दें कि इसी साल अगस्त में भारत-पाक के बीच एनएसए लेवल की बातचीत आखिरी वक्त पर रद्द कर दी गई थी। दोनों पक्षों ने इसी तरह बातचीत जारी रखने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगले हफ्ते पाकिस्तान में हो रही हार्ट ऑफ एशिया बैठक में शामिल होने जा सकती हैं।
कांग्रेस ने की आलोचना

कांग्रेस ने रविवार को भारत और पाकिस्तान के एनएसए के बीच हुई मुलाकात की आलोचना की है। पार्टी के नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि यह बहुत बड़ा धोखा है। यह उन सभी बातों से धोखा है, जो अब तक यह सरकार पर्दे के पीछे या सबके सामने कर रही थी। अगर, आप इस सरकार के 18 महीने के कार्यकाल पर नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि पाकिस्तान को लेकर इस सरकार की कोई एक पॉलिसी नहीं है।
उमर अब्दुल्ला ने किया मुलाकात का स्वागत
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के एनएसए की मुलाकात का स्वागत किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "शायद दोनों देशों की राजधानियों और मीडिया की चकाचौंध से दूर ऐसी मुलाकात से कोई बेहतर नतीजा निकले।"

पेरिस में मोदी और नवाज की मुलाकात

- पेरिस में क्लाइमेट चेंज समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ की मुलाकात हुई थी।
- मोदी से मुलाकात के बाद पाकिस्तान के पीएम ने कहा था कि अच्छी बातचीत हुई।
- शरीफ ने कहा था, “बातचीत का दरवाजा खोलना चाहिए। अच्छी बात हुई। लेकिन इसे जाहिर नहीं करना चाहूंगा।”
- उन्होंने कहा कि मोदी बातचीत जारी रखने को लेकर सहमत।
- नवाज ने कहा था, “ कम वक्त में ज्यादा मुद्दों पर बातचीत संभव नहीं थी।”
जुलाई में उफा में भी मिले थे दोनों नेता

मोदी-नवाज के बीच पेरिस के पहले मुलाकात जुलाई में रूस के उफा में हुई थी। तब तय हुआ था कि दोनों देशों के एनएसए के बीच दिल्ली में अगस्त में बातचीत होगी। लेकिन पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को एजेंडे में शामिल करने पर अड़ गया। उसने दिल्ली में कश्मीरी अलगाववादियों से मुलाकात करने की भी शर्त रख दी। चार दिन के ड्रामा के बाद पाकिस्तान के एनएसए ने अपना दौरा रद्द कर दिया था।
उफा से लौटकर नवाज ने भारत के सामने ये रखी थीं शर्तें

भारत से बाचीत के लिए नवाज शरीफ ने अपना रवैया दो बार बदला। सितंबर में यूनाइटेड नेशन्स में दी गई अपनी स्पीच में नवाज ने बातचीत के लिए 4 शर्तें रखी थीं...
पहली - दोनों देशों को एक-दूसरे के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए। कहा- पाकिस्तान हथियारों की दौड़ में शामिल नहीं है।
दूसरी - सीमा पर लगातार सीजफायर तोड़ा जा रहा है। दोनों देशों को 2003 में एलओसी पर हुए सीजफायर संबंधी समझौते की इज्जत करनी चाहिए।
तीसरी - दोनों देश एक दूसरे को मिलिट्री कार्रवाई करने की धमकी देना बंद करें।
चौथी - कश्मीर से आर्मी हटाई जाए। सियाचिन मामले को सुलझाया जाए।
फिर माल्टा में लिया यू-टर्न
नवाज शरीफ ने बीते नवंबर में यू-टर्न ले लिया। उन्होंने माल्टा में कॉमनवेल्थ देशों की समिट में कहा कि पाकिस्तान अब भारत से बातचीत को राजी है। इसके लिए वह कोई शर्त भी नहीं रखना चाहता।
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