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मरीज को पॉलीथिन में लपेटकर पुलिस ने नाले में मरने को फेंका, पैर में पड़ चुके हैं कीड़े

5 वर्ष पहले
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रांची/घाटशिला. बेहतर इलाज के लिए मेडिकल सेंटर ले जाने के बजाय एक मरीज को पुलिस ने नाले में फेंक दिया। घटना झारखंड के घाटशिला की है। नाले में मरीज करीब 20 घंटे तक बारिश में भीगता रहा। इसके चलते उसे निमोनिया हो गया। पैर के जख्म में कीड़े पड़ गए, जिससे पैर काटने की नौबत आ गई है। हॉस्पिटल ने किया था रेफर, एम्बुलेंस में बैठे पुलिसवालों ने प्लास्टिक में लपेटकर फेंका...
- 4 सितंबर को सड़क पर दर्द से कराह रहे एक आदमी को इलाज के लिए झारखंड के पीएचसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां से उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
- इसके बाद एम्बुलेंस में बैठे पुलिसवालों ने उसे प्लास्टिक में लपेट कर नाले में फेंक दिया। वह 20 घंटे तक बारिश में भीगता रहा। उसे निमोनिया हो गया।
- पीड़ित कौन है और कहां से आया है, इसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

प्लास्टिक के अंदर हरकत देख गांववालों ने बचाया
- दरअसल, गांववालों ने नाले के पास एक प्लास्टिक के अंदर हरकत देख कर उसे खोला तो कंबल में लिपटे एक आदमी को देख हैरान रह गए। उसके शरीर में हरकत हो रही थी।
- उसे दर्द और बुखार से तड़पता देख गांववालों ने थाना और काशिदा के मुखिया पोल्टू सरदार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल से एम्बुलेंस मंगवाई और उसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
मरीज को इलाज के लिए पुलिस के जरिए बड़े हॉस्पिटल में भेजा गया था
- मेडिकल अफसर डॉक्टर शंकर टुडू ने कहा कि झारखंड के धालभूमगढ़ थाना से मरीज को घाटशिला हॉस्पिटल ले जाने के लिए कमान काट कर थाना के पुलिसकर्मियों के साथ एम्बुलेंस से भेजा गया था।
- इस बीच, उन लोगों ने उसे तामकपाल के पास फेंक दिया। बारिश में लगातार भीगने के कारण मरीज को निमोनिया हो गया है और पैर के जख्म सड़ गए हैं।

इधर मरीज को तड़पता छोड़ गए डॉक्टर, कहा-ड्यूटी हो गई खत्म
- झारखंड के ही चक्रधरपुर हॉस्पिटल में डॉक्टर ने ड्यूटी खत्म होने का हवाला देकर बेहोशी की हालत में एक लड़की का इलाज करने से इनकार कर दिया।
- जयपुर गांव का एक लड़का अपनी बहन को बाइक पर लेकर चक्रधरपुर आ रहा था। दुपट्टा बाइक के चक्के में फंस गया। बाइक स्पीड में थी।
- बेहोशी की हालत में उसे हॉस्पिटल लाया गया। तब डॉक्टर जीतलाल उसे देखने के बजाए यह कहकर चले गए कि मेरी ड्यूटी खत्म हो गई है।
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