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हिंदी का विश्वनाद आज से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद् घाटन

7 वर्ष पहले
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भोपाल. भारत में 32 साल बाद हो रहे 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन का भोपाल में गुरुवार सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। पीएम सुबह 9:35 बजे नई दिल्ली से भोपाल पहुचेंगे। प्रोग्राम में हिस्सा लेने के बाद वे दोपहर 12 बजे दिल्ली रवाना हो जाएंगे। बता दें कि विदेश मंत्रालय यह प्रोग्राम करा रहा है जो कि 10 से 12 सितंबर तक चलेगा। इसमें 39 देशों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। प्रोग्राम के आखिरी दिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और एक्टर अमिताभ बच्चन भी इसमें हिस्सा लेंगे। (यहां पढ़ें डिटेलः भारत में हुए दोनों हिंदी सम्मेलनों का हिस्सा बने थे महात्मा गांधी)

क्या है खास?
* बोलती गीता- श्लोक पर पेन रखते ही सुनें हिंदी भावार्थ
विश्व हिंदी सम्मेलन में बोलती श्रीमद भागवत गीता भी खूब चर्चा में है। इसे भोपाल के ही आदर्श प्रकाशन ने छापा है। इसे सुनने के लिए एक स्पेशल मशीन बनाई गई है। इसे टाॅकिंग पेन का नाम दिया गया है। गीता के जिस श्लोक पर आप यह पेन रखेंगे, आपको वह श्लोक और उसका हिंदी भावार्थ भी पढ़कर सुनाएगी।
* सॉफ्टवेयर - हिंदी व्याकरण की गलती पता चलेगी
महात्मा गांधी हिंदी यूनिवर्सिटी वर्धा एक एेसा साॅफ्टवेयर डेवलप कर रही है जो हिंदी में लिखते ही व्याकरण की गलती पकड़ लेगा। यूनिवर्सिटी ने वाक्यों का एनालिसिस करने वाला सॉफ्टवेयर भी तैयार किया है। वर्ड पैड पर हिंदी में वाक्य लिखते ही यह सॉफ्टवेयर बता देगा कि कौन सा शब्द संज्ञा, सर्वनाम व विशेषण है।
* 2 लाख का पुरस्कार: मध्य प्रदेश सरकार ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में हिंदी का प्रभावी उपयोग करने वाले व्यक्ति या संस्थाओं को हर साल 2 लाख रुपए तक का पुरस्कार देने का फैसला लिया है।
हिंदी सम्मेलन में क्या-क्या होगा?
सुबह 10 से 11.30 बजे -उद्घाटन समारोह
दोपहर 12 से 1.30 बजे - स्पेशल सत्र
>गिरमिटिया देशों में हिंदी (रोनाल्ड स्टूअर्ट मेक्ग्रेगर सभागार)
>विदेशों में हिंदी शिक्षण- समस्या और समाधान (अलेक्सेई पेत्रोविच वरान्निकोव सभागार)
>विदेशियों के लिए भारत में हिंदी अध्ययन की सुविधा (विद्यानिवास मिश्र सभागार)
>अन्य भाषा भाषी राज्यों में हिंदी (कवि प्रदीप सभागार)
दोपहर 3 से 4.30 बजे
>विदेश नीति में हिंदी (रोनाल्ड स्टूअर्ट मेक्ग्रेगर सभागार)
>प्रशासन में हिंदी (अलेक्सेई पेत्रोविच वरान्निकोव सभागार)
>विज्ञान क्षेत्र में हिंदी (विद्यानिवास मिश्र सभागार)
>संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में हिंदी (कवि प्रदीप सभागार)
शाम 5 बजे से 7 बजे - मानव संग्रहालय और जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण
शाम 7.30 बजे से 8.30 बजे- सांस्कृतिक कार्यक्रम

(यह भी पढ़ेंः डमी मोदीजी के साथ हुई रिहर्सल, सुषमा, शिवराज भी रहे मौजूद)

शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- तीन दिन के हिंदी महाकुंभ में 2500 से अधिक हिंदी-प्रेमी हिंदी को और आगे बढ़ाने की दिशा में चिंतन, मंथन करेंगे। हमारा हर्ष इस एक बात से और बढ़ जाता है कि हिंदी के अनन्य भक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का शुभारंभ कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के रूप में मात्र 16 माह की अवधि में ही उन्होंने हिंदी का गौरव बढ़ाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी का गौरव बढ़ाने का सबसे पहला प्रयास पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ में 1977 में हिंदी में भाषण देकर किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर अटलजी के प्रयास को आगे बढ़ाया। मुझे पूरा विश्वास है कि मोदीजी के नेतृत्व में ही हिंदी को संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता मिलेगी। (यहां पढेंः जापान में TV सीरियल देख सिखाई हिंदी, तैयार की रामायण की पूरी स्क्रिप्ट)
हिंदी सम्मेलन में कई नामी साहित्यकारों को नहीं बुलाए जाने के सवाल पर विदेश राज्य मंत्री जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह ने कहा कि कुछ साहित्यकार हिंदी सम्मलेन में सिर्फ शराब पीने आते थे। सम्‍मेलन का आयोजन सिंह का मंत्रालय ही करता है। सिंह से जब पूछा गया कि इस आयोजन में ज्यादातर साहित्यकारों की उपेक्षा की गई और आपने कई बड़े नामों को इसमें आमंत्रित नहीं किया तो इसके जवाब में उन्होंने यह बात कही। इस बयान का साहित्यकारों ने विरोध भी शुरू कर दिया है। हालांकि, बाद में वीके सिंह ने मीडिया से कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।