सामी को तो मिली इंडियन सिटिजनशिप, 300 पाकिस्तानी हिंदुओं को अब भी इंतजार

6 वर्ष पहले
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अमृतसर/जालंधर. पंजाब में रहने वाले पाकिस्तान के कई हिंदू और मुस्लिमों को भारत की सिटिजनशिप मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार को अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिलने के बाद इन लोगों ने कहा, 'जब सिंगर को सिटिजनशिप मिल सकती है तो हमें क्यों नहीं?'
पाकिस्तान से आए कौन लोग मांग कर रहे सिटिजनशिप...
- पाकिस्तान से भारत आए फलक चंद के मुताबिक 312 पाकिस्तानी हिंदू जालंधर और पठानकोट में रह रहे हैं। 220 से ज्यादा से अकेले जालंधर में रह रहे हैं।
- फलक चंद 1998 में भारत आए थे। उन्होंने एक भारतीय महिला से शादी कर ली। अब वे एक सर्जिकल फैक्ट्री में काम कर रहे हैं।
- फलक चंद के मुताबिक हम वीजा एक्सटेंशन चाहते हैं। हमारा पासपोर्ट कई साल पहले एक्सपायर्ड हो चुका है। मैंने 2005 में सिटिजनशिप के लिए अप्लाई किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
- पाकिस्तान से आए काला राम के मुताबिक, हम लोग क्यों अभी तक सिटिजनशिप का इंतजार कर रहे हैं? जब तक हमें भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी, हमारे सपने पूरे नहीं होंगे।
- अहमदिया कम्युनिटी की कई महिलाएं पंजाब के गुरदासपुर के कादियां में करीब 20 साल से रह रही हैं। इन महिलाओं ने भारतीय पुरुषों से शादी की है। इन महिलाओं के पास भारतीय नागरिकता नहीं है।
क्या कहना है सिटिजनशिप की मांग कर रही महिलाओं का?

- पाकिस्तान के फैसलाबाद की रहने वाली ताहिरा जहूर ने कहा- 2003 में मेरी शादी यहां के चौधरी मकबूल से हुई। मैं सारी फॉर्मेलिटीज पूरी कर चुकी हूं, लेकिन मुझे सिटिजनशिप नहीं मिल रही।
-जहूर के मुताबिक उन्हें अचरज इस बात है कि भारत सरकार ने अदनान सामी से ज्यादा प्यार दिखाया।
- मैं पिछले 12 साल से यहां रह रही हूं, लेकिन मुझे यहां से जाने की इजाजत नहीं है। यह एक तरह से घर में कैद करने जैसा है।
- ताहिरा के पति मकबूल के मुताबिक हम लोग नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन और यूएन से भी मदद की गुहार लगा चुके हैं।

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