सेमी हाईस्‍पीड ट्रेन का दूसरा ट्रायल आज, मथुरा-पलवल के बीच दौड़ेगी टैल्‍गो

6 वर्ष पहले
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मथुरा. स्‍पेन से लाई गई सेमी हाई स्‍पीड टैल्‍गो ट्रेन का दूसरा ट्रायल शनिवार को मथुरा से पलवल तक हुआ। पहले ट्रायल में ट्रेन ने अधिकतम 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार रखी, जबकि दूसरे ट्रायल में अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रतिघंटा थी। इस दौरान ट्रेन दो बार मथुरा से पलवल के लिए रवाना हुई और लौटकर वापस मथुरा आ गई। इसने 47 मिनट में 84 Km का सफर तय कि‍या। ट्रायल 26 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान अलग-अलग पैरामीटर्स पर ट्रेन का टेस्ट होगा इसके बाद मुंबई और दिल्ली के बीच भी इसे चलाया जाएगा। 250 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाई जाएगी स्पीड...
- टैल्गो ट्रेन के 3 ट्रायल होने हैं। पहला ट्रायल बरेली में 29 मई को हुआ। दूसरा ट्रायल मथुरा-पलवल के बीच हो रहा है।
- तीसरा और आखिरी ट्रायल दिल्‍ली और मुंबई के बीच अगस्त में होना है। तीसरे ट्रायल तक ट्रेन की स्‍पीड 250 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाई जाएगी।
रेल अधि‍कारी ने क्‍या कहा
- आगरा मंडल रेल प्रबंधक के पीआरओ भूपिंदर ढिल्लन ने बताया कि टैल्गो कोच का ट्रायल शनि‍वार सुबह 12.40 बजे शुरू हुआ।
- 53 मि‍नट बाद दोपहर 1.35 बजे यह पलवल पहुंच गई।
- इस दौरान 120 कि‍मी/घंटे की अधि‍कतम स्‍पीड से चलाया गया।
- पलवल में कुछ देर रुकने के बाद सामान्‍य स्‍पीड से करीब साढ़े तीन बजे मथुरा पहुंची।
- इसे यहां पहुंचने में 114 मि‍नट लगा।
- अब 3.55 बजे इसे मथुरा से पलवल के लि‍ए दूसरे राउंड पर ले जाया गया।
- इस दौरान इसकी अधि‍कतम स्‍पीड 130 कि‍मी/घंटे की रही।
- ट्रेन मथुरा से दोपहर बाद 3.55 बजे पलवल के पास रूंधी स्टेशन के लिए रवाना हुई। ट्रेन 4.42 बजे यहां पहुंच गई।
- मथुरा से पलवल (रूंधी) तक का सफर 47 मिनट में पूरा हो गया।
- जबकि पहले ट्रायल में ट्रेन को मथुरा से पलवल जाने में 55 मिनट का वक्त लगा था।
- इसे लोको पायलट एसके पाठक और सुनील शर्मा चला रहे हैं।
- उन्होंने बताया कि ट्रेन का ट्रायल अच्छा रहा।
- टेल्गो ट्रेन को खींचने के लिए बनारस से आए डीरेका का डब्ल्यूडीपी4 इंजन को लगाया गया है।
- यह इंजन आठ बोगियों के साथ 220 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है।
इससे पहले बरेली में हुआ था ट्रायल
- पहले ट्रायल में ट्रेन ने सेंसर ट्रायल के तौर पर बरेली के इज्‍जतनगर स्‍टेशन से सफर शुरू किया, जो 30 किमी दूर देवरनियां पर खत्‍म हुआ।
- सेंसर ट्रायल के दौरान इस स्‍पेशल ट्रेन में दो खास इंडियन इंजन ही लगाए गए थे।
- 28 मई 2016 को बरेली और मुरादाबाद के बीच पहले ट्रायल में इसकी अधि‍कतम स्‍पीड 115 kmph थी।
- ट्रायल के दौरान स्‍पेन से लाए गए ट्रेन के 5 कोचों में पैसेंजर्स के वजन बराबर रेत के बोरे रखे गए थे।
क्या है ट्रेन की खासियत...
- इस ट्रेन में हर पैसेंजर के लिए ऑडियो सिस्टम लगा है। हर सीट के पास वीडियो देखने के लिए मॉनिटर है।
- पैसेंजर्स को किताबें और मैगजीन पढ़ने के लिए हर सीट के पास इंडिविजुअल लाइट लगी है।
- हर सीट के नीचे पैसेंजर्स के पैरों को आराम देने के लिए फुटरेस्ट लगा है।
- पैसेंजर्स के कम्फर्ट के लिए इस ट्रेन में आरामदायक सीटें हैं।
इस ट्रेन के चलने से क्या होगा फायदा ?
- अभी दिल्ली और मुंबई के बीच राजधानी ट्रेन और अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों से 17 घंटे का समय लगता है।
- अगर स्पेन की हाईस्पीड ट्रेन दिल्ली-मुंबई रूट पर चलती है दोनों शहरों के बीच की दूरी 12 घंटे में पूरी हो जाएगी।
- साथ ही टैल्गो की लाइटर ट्रेन में एनर्जी लॉस 30% से भी कम होता है। इससे रेलवे का बिजली का बिल भी कम आएगा।
भारत में अभी कौन सी ट्रेन है सबसे तेज?

- अभी देश की सबसे तेज ट्रेन दिल्ली से आगरा के बीच चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस है। इसकी मैक्सिमम स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
- इसके बाद दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस का नंबर आता है।
जापान भारत में डेवलप करेगा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट
- मुंबई-अहमदाबाद के बीच 505 किमी के ट्रैक पर पहला हाई स्पीड रेल रूट बनेगा। इसके लिए जापान भारत को 50 साल के लिए 90 हजार करोड़ रुपए का लोन देगा।
- वहां 300 किमी/घंटे रफ्तार से चलेगी बुलेट ट्रेन। अभी दोनों स्टेशनों के बीच सफर में सात घंटे लगते हैं। हाई स्पीड ट्रेन चलने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर दो घंटे का रह जाएगा।
आगे की स्‍लाइड्स में देखि‍ए टैल्‍गो ट्रेन से संबंधि‍त फोटो...
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