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हिंदू महासभा बोली, भारत में रहना है तो छोड़ना होगा गौमांस, मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा शर्मनाक

6 वर्ष पहले
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लखनऊ. यूपी में गाय का मांस खाने के आरोप में हुई हत्‍या के बाद मामले ने सांप्रदायिक रूप ले लिया है। इस तालिबानी घटना का एक ओर जहां हिंदू संगठनों ने समर्थन किया है। वहीं मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इसे शर्मनाक बताया है। हिंदू महासभा का कहना है कि अब फैसला ऑन द स्‍पॉट होगा। भारत में रहना है तो गौमांस छोड़ना पड़ेगा। साथ ही कहा गया है, जब मुसलमानों को पता है कि भारत में हिंदू गाय को मां का दर्जा देते हैं तो फिर वो इसे क्‍यों खाते हैं? आगे से जो भी गाय का मांस खाता पकड़ा गया तो उसके साथ यही सलूक होगा।
फायरब्रांड नेता साध्‍वी प्राची का कहना है कि वो इस घटना का समर्थन करती हैं। उन्‍होंने कहा कि गाय काटने वाले, भारत मां को डायन कहने वाले और गंगा का अपमान करने वाले के लिए यही सही इंसाफ है। यह घटना हिंदू समाज में पनप रहे गुस्‍से का असर है, जब कानून कुछ नहीं कर पाया तो जनता को इंसाफ करना पड़ा। यह घटना मुसलमानों के लिए एक नजीर बनेगी। आगे बोलते हुए कहा कि हिंदू तो सहिष्णु होता है, जबकि मुस्लिम कट्टर होते हैं।
हिंदू महासभा ने कहा अब फैसला ऑन द स्पॉट ही होगा
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्‍ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी ने इस घटना का समर्थन करते हुए कहा कि अब फैसला ऑन द स्पॉट ही होगा। उन्‍होंने कहा कि अब जहां भी गाय का मांस काटते या खाते कोई दिखा तो फैसला ऑन द स्पॉट ही होगा। मुसलमान कानून का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इनको सबक सिखाने के लिए हिंदुओं को एकजुट होना पड़ेगा।
गाय का मांस खाने पर गांव वालों ने की हत्‍या
बता दें, यूपी के दादरी इलाके में बुधवार को एक 50 साल के एक मोहम्‍मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके 22 साल के बेटे को अधमरा करके छोड़ दिया गया। पुलिस के मुताबिक, गांव में इस बात की अफवाह फैल गई कि मोहम्मद अखलाक और परिवार वाले गाय का मांस खा रहे हैं। इसके बाद, गांववालों ने अखलाक के घर पर हमला कर दिया। इस मामले में मुख्य सचिव ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
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