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दिल्ली में बीएसएफ का चार्टर्ड प्लेन क्रैश, दो लोगों की मौत, 10 घायल

6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. बीएसएफ का चार्टर्ड प्लेन मंगलवार को दिल्ली से टेकऑफ करने के 5 मिनट बाद ही क्रैश हो गया। इसमें सवार सभी 10 लोगों की मौत हो गई। प्लेन दिल्ली से रांची जा रहा था। बताया जा रहा है कि इंजन स्टार्ट होते ही पायलट को तकनीकी खामी का पता चल गया था। उसने इस बारे में ग्राउंड क्रू को बताया भी था। फिर भी उसे प्लेन उड़ाने को कहा गया।
कैसे हुआ हादसा?

-प्लेन ने सुबह 9.45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरी।
-टेक ऑफ के तुरंत बाद पायलट ने एटीसी से कॉन्टैक्ट किया और तकनीकी गड़बड़ी की बात कही।
-उसने इमरजेंसी लैंडिंग कराने को कहा। तभी एटीसी से प्लेन का कॉन्टैक्ट टूट गया।
-इसके बाद पायलट ने प्लेन को इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मोड़ा।
-लेकिन सुबह 9.50 बजे प्लेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आउटर बाउंड्री वॉल से टकराया।
-बाद में यह रेल लाइन के पास एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर जा गिरा। उसमें आग लग गई।
-जहां हादसा हुआ, वह द्वारका सेक्टर-8 के करीब शहबाद मोहम्मदपुर इलाका कहलाता है।
-हादसे में बीएसएफ के 9 और एसएसबी के एक जवान की मौत हो गई।
पायलट ने कैसे बड़ा हादसा रोका?
- प्लेन के पायलट कैप्टन भगवती प्रसाद भट्ट ने आम लोगों की जान बचाने के लिए प्लेन को आबादी वाले इलाके से दूसरी तरफ यानी रेल लाइन की ओर मोड़ दिया था।
- कैप्टन भट्ट के पास 200 घंटे प्लेन उड़ाने का एक्सपीरियंस था।
- दिल्ली फायर सर्विस के एक अफसर के मुताबिक, जहां हादसा हुआ, वहां पास में पेट्रोलियम यूनिट और घनी आबादी वाला इलाका था।
- अफसर का कहना है कि पायलट ने अगर सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो और भी बड़ा हादसा हो सकता था।
6 महीने पहले हुई थी प्लेन की जांच

-सूत्रों के मुताबिक 6 महीने पहले ही इस सुपरकिंग चार्टर्ड प्लेन की पूरी जांच की गई थी।
-रूटीन सर्विसिंग से पहले उसकी 30 घंटे की उड़ान बाकी थी।
BSF के डीजी ने कहा- प्लेन पुराना था, लेकिन फिट था
- बीएसएफ के डीजी डीके पाठक ने dainikbhaskar.com को बताया- प्लेन के 5 हजार से भी कम फ्लाइंग आवर्स थे। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि प्लेन फिट नहीं था।
- तकनीकी खामी के बावजूद प्लेन को टेक ऑफ कराए जाने के सवाल पर पाठक ने जवाब देने से इनकार कर दिया।
अपडेट्स...
- सिविल एविएशन मिनिस्टर महेश शर्मा ने प्लेन में सवार सभी लोगों के मारे जाने की बात कन्फर्म की।
- शर्मा ने कहा कि डीजीसीए को जांच के आदेश दिए गए हैं।
- पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर हादसे पर अफसोस जताया।
- बताया जा रहा है कि जो प्लेन हादसे का शिकार हुआ, वह 30 साल पुराना है।
- मौके पर फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां पहुंचीं।
- हादसे के कारण रनवे नंबर 10 पर मलबा बिखरा पड़ा है। डेली फ्लाइट्स पर भी थोड़ा असर पड़ा है।
हादसे में इन लोगों की जान गई

- कैप्टन- भगवती प्रसाद भट्ट, को-पायलट- राजेश शिवरेन (एसएसबी के थे, बीएसएफ में डेपुटेशन पर आए थे), डिप्टी कमांडेंट- डी कुमार।
- बीएसएफ स्टाफ - राघवेंद कुमार, रवींद्र कुमार, एसएन शर्मा, छोटे लाल, डीपी चौहान, सुंदर सिंह, के रावत।
रांची क्यों जा रहा था बीएसएफ स्टाफ?

- जानकारी के मुताबिक, प्लेन में बीएसएफ के इंजीनियर थे जो एक हेलिकॉप्टर की रिपेयरिंग के लिए रांची जा रहे थे।
- रांची में उस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल राज्य में पीएम, राष्ट्रपति जैसी हस्तियों के दौरे के लिए किया जाता रहा है।
- कहा जा रहा है कि 27 दिसंबर को पीएम और 10 जनवरी को राष्ट्रपति रांची का दौरा करने वाले हैं। उससे पहले हेलिकॉप्टर की रिपेयरिंग कराई जानी है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
बीएसएफ के पास कितने प्लेन हैं?

- 1969 में बीएसएफ के एयर विंग की शुरुआत हुई थी।
- 1982 में सुपरकिंग एयरक्राफ्ट बीएसएफ में शामिल हुआ।
- ऐसे तीन प्लेन बीएसएफ के पास हैं। दो और प्लेन 1995 और 2011 में खरीदे गए थे।
- सुपरकिंग एयरक्राफ्ट में क्रू मेंबर समेत 11 लोग बैठ सकते हैं।
- यह 30 से 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ता है।
- इसकी एवरेज स्पीड 490 किमी/घंटा होती है।
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