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सड़क जाम,प्रदर्शन सड़क जाम,प्रदर्शन

5 वर्ष पहले
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पटना (बिहार). प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में प्रलयंकारी चक्रवात ने मंगलवार की रात व्यापक तबाही मचाई। 100 से 125 किमी की रफ्तार से चली हवा ने हजारों आशियाने उजाड़ दिए। 65 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। संख्या बढ़ने के आसार हैं। ढाई हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। चक्रवात के साथ ओले भी पड़े। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और पूरी स्थिति से गृह मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया।
शुक्रवार को तूफान प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करेंगे राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को तूफान प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करेंगे। पहले वह गुरुवार को आने वाले थे। उनके कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फोन पर बात की और संकट की घड़ी में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।
नेपाल सीमा पर उठा तूफान, तीन घंटे में मचाई तबाही
नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी के निकट मंगलवार शाम साढ़े सात बजे उठे तूफान ने दक्षिण-पूर्वी दिशा में बढ़ते हुए अगले तीन घंटे में कई जिलों को चपेट में ले लिया। पूर्णिया में सबसे ज्यादा इसका प्रभाव रहा। प्रभावित जिलों में बिजली आपूर्ति ठप है। 1454 बिजली के खंभे टूट गये और 162 ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए। सड़क व रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। मक्के, गेहूं, मूंगफली आम, लीची और केले की फसल नष्ट हो गई। अरबों की क्षति का अनुमान है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपए के मुआवजे का एलान किया है। राशि बुधवार को ही बांट दी गई।
मोदी ने की नीतीश से बातचीत
पूर्णिया का हवाई दौरा कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार शाम पटना लौट आए। सीएम ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि पूर्णिया में काफी क्षति हुई है। अधिकतर कच्चे घर गिर गए हैं। उधर, पीएम नरेंद्र मोदी ने देर शाम ट्वीट करके बताया कि उन्होंने इस प्राकृतिक हादसे को लेकर सीएम से बातचीत की है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सीएम को हर मुमकिन मदद करने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मारे जाने वाले लोगों के लिए दुख जाहिर किया है। मधेपुरा सांसद पप्पू यादव और सांसद रंजीता रंजन ने मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है।
100 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान
आंधी-तूफान में 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। आंधी में 15 हजार से ज्यादा घर और पांच हजार पेड़ के गिरने का अनुमान है। प्रशासन के आकलन के अनुसार, करीब 3 हजार जानवर भी मारे गए हैं। प्रशासन की ओर से पहले प्रभावित परिवारों के लोगों के बीच चेक वितरण का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में खाने की सामग्री पहुंचाने की पहल भी शुरू कर दी गई है। पटना सहित आस-पास से डॉक्टरों के दल को भी पूर्णिया बुला लिया गया है।
लोग खुद पेड़ काट कर सड़कों से हटा रहे हैं
मधेपुरा जिले में मुरलीगंज, बिहारीगंज और उदाकिशनगंज प्रखंड सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुए हैं। यहां के कई गांवों में सैकड़ों झोपड़ि‍यां उड़ गईं। कई जगहों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया है। बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मधेपुरा के डीएम ने कहा है कि अधिकारियों को आदेश दे दिया गया है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मुहैया कराई जाए। प्रशासन और स्थानीय लोग सड़कों पर गिरे पेड़ काटकर हटा रहे हैं।
लोकल साइक्लोनिक सिस्टम बना तबाही का कारण
पूर्णिया के ऊपर लोकल साइक्लोनिक सिस्टम बना था। इससे पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा जिले में तेज हवा के साथ बारिश हुई। बंगाल की खाड़ी में तापमान में बदलाव होने के कारण तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। आंधी-बारिश का केंद्र पूर्णिया था। पूर्णिया में 60 से 70 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। 20 मिनट की बारिश में 15 एमएम से ज्यादा पानी गिरा। मौसम केंद्र के निदेशक आर के गिरी के अनुसार, इसकी सूचना तीन घंटे पहले दी गई थी। प्री-मानसून के समय में ऐसा सिस्टम बनता है, लेकिन इस बार प्री-मानसून से पहले ही इस प्रकार के बदलाव वातारण में हो रहे हैं।
आगे की स्लाइड्स में देखें तूफ़ान से मची तबाही के फोटोज...
फोटो- ओम प्रकाश/नंदकिशोर सिंह

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