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महिलाओं के साथ अभद्रता तो हुई पर गैंगरेप के सबूत नहीं मिले: आईजी

6 वर्ष पहले
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स्वास्थ्य मंत्री विज बोले, हम दूसरे स्रोतों से भी करवा रहे हैं जांच

उपद्रव में महिलाओं से गैंगरेप मामले की जांच को कुराड़-हसनपुर पहुंची टीम

जाटआरक्षण आंदोलन की आड़ में कुछ उपद्रवियों द्वारा जीटी पर आगजनी लूटपाट की घटना के साथ ही महिलाओं के साथ खेतों में गैंगरेप का मामला सामने आने पर बुधवार को आईजी परमजीत सिंह अहलावत प्रिंसीपल सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह मामले की जांच की। घटना स्थल कुराड़-हसनपुर के आसपास ढाबा संचालकों और आसपास के लोगों बातचीत कर पुलिस टीम के साथ खेतों का मुआयना भी किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत कर दावा किया कि रेप या गैंगरेप का कोई मामला नहीं है। एेसी अफवाहें एक साजिश के तहत फैलाई जा रही हैं। आईजी ने यह तो माना कि महिलाओं के साथ अभद्रता (मारपीट) की गई पर गैंग रेप नहीं हुआ।

आईजी अहलावत ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। किसी भी मामले को दबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गैंपरेप जैसी वारदात हुई है तो दस में से कोई एक महिला या उसका परिजन कहीं कहीं शिकायत जरूर करता। अभी तक की गई जांच में पूरा मामला गलत मिला है।

जानबचाकर भागे, बस गालियां दी उपद्रवियों ने : अहमदाबादके उस जोड़े से दैनिक भास्कर ने फोन से संपर्क किया जो सोमवार की सुबह उपद्रवियों से जान बचाकर भागा था। युवक रवि ने बताया कि वह शिमला से हनीमून मनाकर घर लौट रहे थे। जब वह पानीपत पहुंचें तो जाम में फंस गए। इस दौरान एक व्यक्ति ने अपनी स्विफ्ट कार में उन्हें लिफ्ट दी। जब वह कार से हसनपुर के पास पहुंचे तो अचानक करीब 40 युवकों ने गाड़ियों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने प|ी को गालियां दीं और अश्लील कमेंट किए। इसके बाद वह जान बचाकर ढाबे पर पहुंचे।

^गैंग रेप की बात निराधार है। दो वरिष्ठ अधिकारियों से तथ्यों के मुताबिक जांच करवाई गई है। जिन लोगों के नाम दिए गए हैं, उन्होंने ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की है। -यशपालसिंघल, डीजीपी

चंडीगढ़ | जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सोनीपत जिले के मुरथल में महिला यात्रियों के साथ गैंगरेप और कपड़े फाड़ने की घटना को पुलिस प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। जबकि हैल्थ मिनिस्टर अनिल विज ने कहा है कि यह गंभीर मामला है। अगर इसमें कोई तथ्य सामने आते हैं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर, इस बारे में गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पी. के. दास ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें मीडिया से मिली है। हालांकि फौरी तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन फिर भी उन्होंने डीजीपी यशपाल सिंघल को रेगुलर जांच करने के आदेश दिए हैं।

^सोमवार सुबह 3 बजे कुछ लोग रोते शोर मचाते हुए भाग रहे थे। सभी को अंदर बुला लिया।कुछ देर बाद आईजी अहलावत सुरक्षा बलों के साथ पहुंचे। उनके साथ में रोडवेज की बसें थीं। वे सभी को इन बसों में सुरक्षित आगे ले गए। इनमें से किसी महिला ने यह शिकायत नहीं की कि उसके साथ रेप हुआ है। हां, सामान छिन जाने की शिकायत जरूर की है। -अमरीकसिंह, सुखदेव ढाबा के संचालक

^सोमवार अल सुबह दो से तीन बजे के बीच हमारे खेत में कुछ लोग घुसे थे। बेटे ने आवाज लगाई तो चार लोग आए। इनमें एक महिला थी। एक सरदार के सिर में चोट लगी थी। मैं आरएमपी हूं। घायल की ड्रेसिंग की। महिला ने किसी भी तरह की छेड़छाड़ से मना किया था। उनकी इनोवा गाड़ी के शीशे टूटे हुए थे। सुबह वे चले गए। -मास्टरओम सिंह, जीटी के पास के निवासी

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य जांच करते हुए कुराड़ के पास खेत में बने एक मकान पर भी जांच करने के लिए पहुंचीं। मकान मालिक के बेटे संदीप ने बताया कि उनके पास एक महिला सहित पांच लोग रुके थे। महिला करीब 40 साल की थी। सभी लोग ठीक थे। उन्होंने उनका फोटो भी खींचा और पता भी लिया।

{सुखदेव बजरंगबली ढाबे के पास पुलिस को जांच के दौरान महिलाओं के अन्त: वस्त्र मिले हैं। दावा किया जा रहा है कि एक महिला का भागते समय सूटकेस टूटने से ये गिर गए। ये तो फटे हैं और ही यूज्ड हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि जब सूटकेस टूटा तो उसमें से महिला के वस्त्र ही क्यों गिरे। सूटकेस में अमूमन बच्चों पुरुष सभी के कपड़े भी होते हैं। किसने देखा कि सूटकेस टूटने से कपड़े गिरे हैं। लेकिन आईजी ने इस मामले से अनभिज्ञता जताई।

{आईजी ने माना कि महिलाओं के साथ अभद्रता हुई है। किसी के सिर में चोट लगी है तो किसी का हाथ टूटा है। इस तथ्य को शिकायत होने पर भी स्वीकारा जा रहा है। अस्पताल में भी ऐसे मामले नहीं आए। ऐसे में ये कैसे कहा जा सकता है कि जिसकी गाड़ी जला दी गई हो, गैंगरेप हुआ हो वह अपनी बदनामी से बचने, जान बचाकर भागने के स्थान पर पुलिस से शिकायत के लिए कैसे रुकता।

दावा: आरोप आधारहीन मिले, जिनका नाम लिया गया उन्होंने कहा ऐसा कुछ हुआ ही नहीं