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उज्जैन जाना मुश्किल, 22 से 3 ट्रेनें रतलाम तक नहीं आएंगी

6 वर्ष पहले
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रतलाम। रेलवे ने रतलाम से इंदौर का सफर भले ही यात्रियों के लिए डेमू के फेरे बढ़ाकर आसान कर दिया हो पर उज्जैन का सफर कठिन कर दिया है। रतलाम-इंदौर गेज कन्वर्जन के कारण करीब ढाई साल पहले उज्जैन-नागदा, भोपाल से रतलाम तक बढ़ाई गई ट्रेनों को अब 22 जून से उनके पुराने गन्तव्य स्टेशन तक ही चलाया जाएगा।
इससे यह ट्रेनें अब रतलाम तक नहीं आएंगी। और न ही यहां से शुरू होंगी। इस तरह 6 ट्रेनें रतलाम से छीन ली गई हंै। इसका सबसे ज्यादा असर उज्जैन जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा क्योंकि ये ट्रेनंे उज्जैन से रतलाम आ रही थीं।
सुबह गुना गाड़ी के बाद शाम को डेमू ही
रतलाम से अब सुबह 10.20 बजे रतलाम- गुना-बीना के बाद उज्जैन जाने के लिए शाम 6.40 बजे मेमू ही उपलब्ध होगी। इसके अलावा अन्य गाड़ी से जाने पर यात्रियों को नागदा से गाड़ी बदलना पड़ेगी। अब तक उज्जैन जाने के लिए यात्रियों को दिनभर में तीन पैसेंजर गाड़ियां मिल जाती थीं।

ये पैसेजर ट्रेने अब रतलाम नहीं आएंगी
पहले अब
इंदौर-रतलाम इंदौर-नागदा
भोपाल-रतलाम भोपाल-उज्जैन
बीना-रतलाम बीना-नागदा
ये ट्रेनें रतलाम होकर जाएंगी
बीकानेर-चेन्नई एक्सप्रेस 21 जून को नागदा, वड़ोदरा, सूरत, जलगांव, भुसावल होकर जाएगी।
जयपुर-नागपुर एक्सप्रेस 19 जून को नागदा, वडोदरा, सूरत, जलगांव, भुसावल होकर जाएगी।
जयपुर-काेयंबटूर एक्सप्रेस 23 जून को नागदा, वड़ोदरा, सूरत, जलगांव होकर जाएगी।
जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस 22 व 24 जून को नागदा, वडोदरा, सूरत, जलगांव होकर जाएगी।
जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस 19 व 21 जून को नागदा, वड़ोदरा, सूरत जलगांव, भुसावल होकर जाएगी।
जयपुर सिकंदराबाद एक्सप्रेस 23 जून को नागदा वड़ोदरा, सूरत होकर जाएगी।
गोल्डन टेंपल की पेंट्री कार में बन रहा था खाना, पानी भी गंदा : रेलवे अफसरों ने बुधवार शाम 6.45 बजे अमृतसर से मुंबई जा रही गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस की पेंट्री कार की जांच की। जांच में पेंट्री कार में कई गड़बड़ियां मिली। पेंट्री कार में खाना बनाया जा रहा था। स्टाफ ने न यूनिफॉर्म पहनी थी और न हैंड ग्लब्स। अफसरों ने पानी के उपयोग के बारे में पूछा तो कर्मचारियों का कहना था आरओ प्लांट खराब है। पेंट्री कार में रेट लिस्ट भी नहीं थी। कर्मचारियों का कहना था पिन निकल जाने से रेटलिस्ट एक तरफ रख दी थी।
गंदगी के बीच बन रहा था खाना - जांच के दौरान यह बात भी सामने आई की पेंट्री कार में काफी गंदगी थी और उसी के बीच खाना बनाया जा रहा था। कोच के एक्जास्ट फेन के आसपास भी काफी गंदगी जमा थी।

राेज होती है जांच - सूत्रों के अनुसार रेलवे के अफसरों द्वारा रोज लंबी दूरी की ट्रेनों में पेंट्री कार की जांच की जाती है। इसके बाद जांच रिपोर्ट बनाकर रेलवे के वरिष्ठ अफसरों को भेजी जाती है।
इटारसी के सिग्नल सिस्टम में आग, नागदा से वडोदरा के रूट पर बढ़ा ट्रेनों का दबाव रेलवे ने रतलाम से इंदौर का सफर भले ही यात्रियों के लिए डेमू के फेरे बढ़ाकर आसान कर दिया हो पर उज्जैन का सफर कठिन कर दिया है।

रतलाम-इंदौर गेज कन्वर्जन के कारण करीब ढाई साल पहले उज्जैन-नागदा, भोपाल से रतलाम तक बढ़ाई गई ट्रेनों को अब 22 जून से उनके पुराने गन्तव्य स्टेशन तक ही चलाया जाएगा। इससे यह ट्रेनें अब रतलाम तक नहीं आएंगी। और न ही यहां से शुरू होंगी। इस तरह 6 ट्रेनें रतलाम से छीन ली गई हंै। इसका सबसे ज्यादा असर उज्जैन जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा क्योंकि ये ट्रेनंे उज्जैन से रतलाम आ रही थीं।

सुबह गुना गाड़ी के बाद शाम को डेमू ही

रतलाम से अब सुबह 10.20 बजे रतलाम- गुना-बीना के बाद उज्जैन जाने के लिए शाम 6.40 बजे मेमू ही उपलब्ध होगी। इसके अलावा अन्य गाड़ी से जाने पर यात्रियों को नागदा से गाड़ी बदलना पड़ेगी। अब तक उज्जैन जाने के लिए यात्रियों को दिनभर में तीन पैसेंजर गाड़ियां मिल जाती थीं।

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