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खरड़ में फ्लाईओवर निर्माण के दौरान दिन में चल रही कंस्ट्रक्शन, लापरवाही से कभी भी हो सकता है कोई बड़ा सड़क हादसा

बलौंगी-खानपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के तहत डीसी के आदेशों की अनदेखी करते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा दिन में किए...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:00 AM IST
बलौंगी-खानपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के तहत डीसी के आदेशों की अनदेखी करते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा दिन में किए जा रहे कई कार्य यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। यहां तक कि इस प्रकार की लापरवाही कभी भी किसी बड़ी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। जहां एक ओर कंपनी द्वारा पिल्लरों के मध्य बिछाए जा रहे लॉंचिंग गार्डरों के वेल्डिंग कार्य दिन में किए जा रहे हैं। जिन कार्योंं के दौरान कंपनी द्वारा सुरक्षा के तौर पर जाल बंधा होने के बावजूद वेल्डिंग की चिंगारियां हाईवे पर नीचे से गुजर रहे वाहन चालकों पर गिर रही है।

वहीं, इस फ्लाईओवर के कई हिस्सों पर प्रीकास्ट सेलेबस पर डाले गए लेंटर के बाद उस पर दिया जा रहा पानी नीचे बहने के कारण, इस पानी के छींटे नीचे से गुजर रहे वाहन चालकों पर गिर रहे हैं। यह पानी गिरने के कारण जहां एक ओर कार चालकों को परेशानी हो रही है, वहीं दो पहिया वाहन चालक नीचे से गुजरते समय भीग रहे हैं। अचानक ऊपर से पानी गिरने के कारण वाहन चालक असंतुलित हो रहे हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। उक्त सभी कार्य दिन के समय हो रहे हैं। जबकि, डीसी मोहाली ने प्रोजेक्ट शुरू होने से पूर्व ही आदेश दिए थे कि इस प्रोजेक्ट के तहत जिन कार्यों के कारण ट्रैफिक में रुकावट पड़े या वाहन चालक को परेशानी हो उन कार्योंं को रात के समय किया जाए अथवा उस समय किया जाए जब ट्रैफिक कम होता हो। लेकिन, कंपनी द्वारा इन आदेशों को दरकिनार करते हुए मनमानी की जा रही है, जो कभी भी किसी अनहोनी का कारण बन सकती है।

मुंडी खरड़ से बांसा वाली चुंगी तक चल रहा है गार्डर बिछाने व लेंटर डालने का काम : इन दिनों मुंडी खरड़ से लेकर बांसा वाली चुंगी तक लगभग सभी पिल्लरों पर पियर कैंपस लग चुके हैं व अधिकतर पियर कैंपस के मध्य लाउचिंग गार्डर भी बिछाए जा चुके हैं। जहां एक आरे इन लाउंचिंग गार्डरों को पियर कैंपस से ज्वाइंट करने का काम चल रहा है, वहीं कई पिल्लरों पर प्रीकास्ट स्लैब बिछाई जा चुकी है व उन पर लेंटर डाला जा रहा है। जहां हाल ही में कंक्रीट का लेंटर डाला गया है, पर अब लेंटर को पानी दिया जा रहा है। सुबह के समय व शाम के समय पानी दिए जाने के बाद यह पानी ऊपर से ओवरफ्लो होकर नीचे बहता है व नीचे से गुजर रहे वाहन चालकों पर गिरता है। वाहन चला रहे लोगों पर अचानक पानी गिरने से लोग बेकाबू हो जाते हैं, जो कभी भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसा ही दृश्य शनिवार को मुंडी खरड़ स्थित कोहाड़ी वाला मंदिर के निकट दिखने को मिला।

पुल से टपकते पानी और टैंकर द्वारा दिन के समय दिए जा रहे पानी का दृश्य।

14 दिन तक पानी देना जरूरी है, इसलिए लोग बरतें सावधानी : कंपनी मैनेजर