टूटी सड़कों को गमाडा कर रहा नजरअंदाज, फेज-1 में बुरा हाल
ग्रेटरमोहालीएरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की ओर से करोड़ों रुपयों की लागत से शहरभर में नई सड़कें बनवाई गई थीं, ताकि वाहनों पर से आने जाने वाले लोगों को सड़काें को लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या ना उठानी पड़े। पंजाब के सीएम डिप्टी सीएम की ड्रीम सिटी मोहाली को स्मार्ट सिटी कहा जाता है और मंत्रियों द्वारा वायदे भी किए जाते है कि मोहाली सिंगापुर या दुबई के तर्ज पर बनाया जाएगा। लेकिन अगर शहर की कुछ प्रमुख इलाकों की सड़कों का हाल देखें तो ऐसा लगता है जैसे किसी गांव में गए हो। शहर के इलाकों में से एक फेज-1 की सड़कों की हालत काफी खस्ता है, जिसकी ओर गमाडा के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। पंजाब के विभिन्न शहरों से मोहाली एंटर करने वाले मार्ग पर काफी बड़े-बड़े गड्ढे हैं। शहर के मेन एंट्री पॉइंट पर आने वाले लोगों का टूटी सड़कें स्वागत करती हैं। सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से बनाया जा रहा इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से फेज-1 को जाती सड़क पर कई गड्ढेे हंै। बता दें कि डिप्टी सीएम भी कई बार इस मार्ग पर से होकर गुजर चुके है, उसके बावजूद कुछ दिनाें बाद ही सड़कें टूट जाती है। सड़क के स्टार्टिंग से ही बड़े-बड़े गड्डे लोगों का स्वागत करते हैं। वाहनों पर से आने जाने वाले लोगों को भी विभिन्न प्रकार की समस्या से गुजरना पड़ रहा है।
टीम को भेजकर करवाएंगे जांच
^सड़कोंकी समय-समय पर रिपेयर उन्हें ठीक करवाने का जिम्मा इंजीनियर को दिया गया है। अगर सड़कों की हालत जर्जर है तो टीम को भेजेंगे। जहां जरूरत है, वहां नई सड़कें बनाई जाएगी। -एकेसिन्हा,सीएगमाडा
कई बार हो चुके हैं हादसे
जानकारीके मुताबिक गड्ढों के होने की वजह से यहां पर कई बार वाहनों के हादसे हो चुके हंै। सर्दियों में धुंध के कारण रात के समय विजिबिलिटी होने के चलते दूपहिया वाहन चालकों को गड्ढे नहीं दिखते हंै। गड्ढों पर से जाने के चलते कई बार दूपहिया वाहन चालक गिर चुके हैं। और भी कई हादसे हो चुके हंै। इसके अलावा जब शाम के समय रश होता है तो इस वजह से सड़क पर वाहनों का जमावड़ा भी लग जाता है। उसके बावजूद गमाडा के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
कई बार गमाडा को लिखे जा चुके हैं लेटर पर कार्रवाई नहीं हुई
पुडाके पूर्व एक्सईएन एक्सपर्ट एनएस कलसी ने बताया कि उन्होंने आज से करीब एक महीने पहले गमाडा के सीए को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने फेज-1 की मुख्य सड़क की टूटी-खस्ता हालत गड्ढों के बारे में शिकायत कर उन्हें ठीक करवाने की मांग की थी। गमाडा के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन भी दिया था कि अगले कुछ दिनों में सड़कें रिपेयर हो जाएंगी। लेकिन गमाडा के अधिकारियों के वे वादे अब तक वादे ही बने हुए हैं। अभी तक ना सड़कों नई बनाई गई है और ना ही गढ्डों को भरा गया है।