• Hindi News
  • Chandigarh Zilla
  • Mohali
  • नयागांव एरिया के 15 गांवों में फॉरेस्ट विभाग ने 15 साल के लिए फिर लगाया पीएलपीए
--Advertisement--

नयागांव एरिया के 15 गांवों में फॉरेस्ट विभाग ने 15 साल के लिए फिर लगाया पीएलपीए

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 02:05 AM IST

Mohali News - फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने नयागांव एरिया के 15 गांवों में फिर पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (पीएलपीए) 1900 की धारा 4 के तहत...

नयागांव एरिया के 15 गांवों में फॉरेस्ट विभाग ने 15 साल के लिए फिर लगाया पीएलपीए
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने नयागांव एरिया के 15 गांवों में फिर पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (पीएलपीए) 1900 की धारा 4 के तहत नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत इन 15 गांवों का जो एरिया डी-लिस्ट हुए खसरा नंबरों से बाहर है, उसमें पूरी तरह से निर्माण की मनाही होगी। फॉरेस्ट मिनिस्टर साधु सिंह धर्मसोद ने बताया कि फॉरेस्ट एरिया को बचाने के लिए हाईकोर्ट के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई है। नयागांव एरिया में पीएलपीए से डी-लिस्ट हुए खसरा नंबरों के आधार पर बिल्डर्स इन गांवों की ओर बढ़ रहे थे। इस नोटिफिकेशन के बाद जहां इस एरिया में अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी, वहीं भोले-भाले लोगों को ठगने वाले बिल्डर्स भी अब इस एरिया में नहीं आ सकेंगे।

15 साल का समय पूरा होने के बाद दोबारा किया नोटिफिकेशन: फॉरेस्ट एरिया के साथ जुड़े इन गांवों में 2003 में 15 वर्षों के लिए पीएलपीए लगाया गया था, जो गतदिवस पूरे हुए थे। अब दोबारा फॉरेस्ट विभाग ने इसका नोटिफिकेशन किया है, जिससे अगले 15 वर्षों के लिए ये 15 गांव पीएलपीए के तहत रहेंगे। कोई निर्माण कार्य पीएलपीए के खसरा नंबर में नहीं हो पाएगा और न ही नयागांव के नाडा व करोरां एरिया में नक्शे पास हो सकेंगे।

पीएलपीए हटने को लेकर किया जा रहा था गुमराह: पीएलपीए से भले ही इन गांवों के कुछ एरिया डी-लिस्ट हुए थे, लेकिन उसके बाद कई बिल्डर इस एरिया में पहुंचे और कईओं ने तो अवैध कॉलोनियां काट कर लोगों को प्लॉट बेच दिए। इस पर हाईकोर्ट के आदेशों पर गमाडा अौर ड्रेनेज विभाग ने कार्रवाई करते हुए बहुत से मकानों को गिराया था। बिल्डर पीएलपीए हटने का झांसा देकर लाेगों को प्लॉट बेच रहे थे। -लोगों ने किया विरोध-पेज-2

इन गांवों को एक्ट के तहत किया प्रतिबंधित

जो गांव पीएलपीए के नोटिफिकेशन के अंतर्गत आए हैं, उनमें नाडा, पड़छ, करोरां, माजरियां, स्यूंक, छोटी-बड़ी नग्गल, सिसवां, पल्लनपुर, दुलवां, बरूआना, राजपुरा, माजरी, सुल्तानपुर, माजरा, पड़ौल और गौचर शामिल हैं। इन गांवों का जो हिस्सा पीएलपीए से डी-लिस्ट किया गया है, उसके अतिरिक्त बाकी पूरे एरिया पर अब पीएलपीए लगा दिया गया है। इस एरिया में किसी प्रकार का कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता, बल्कि फॉरेस्ट एरिया के तौर पर इसे विकसित किया जाएगा।

वनमंत्री साधु सिंह

X
नयागांव एरिया के 15 गांवों में फॉरेस्ट विभाग ने 15 साल के लिए फिर लगाया पीएलपीए
Astrology

Recommended

Click to listen..