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बेकसूर युवकों को झूठे केस में फंसाने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ आप करेगी संघर्ष: छोटेपुर
पंजाबभर में कई पुलिस अधिकारी तरक्की पाने के लिए अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करके कई भोले-भाले बेकसूर युवकों को झूठे मामलों में फंसाने का खेल खेल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सोहाना थाने के तहत सामने आया है, जिसमें आम आदमी पार्टी पूरी तरह से पीड़ित युवकों के साथ है। पार्टी ऐसे पुलिस अफसरों के खिलाफ मुहिम चलाएगी, जो तरक्की पाने के लिए भोले-भाले बेकसूर युवकों को झूठे केसों में फंसाने के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं। यह बात आम आदमी पार्टी के पंजाब कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कही है। छोटेपुर शनिवार को सेक्टर-71 में स्थित आम आदि पार्टी के दफ्तर में पार्टी के कम्पेन का हिस्सा बनने आए थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनकी नाॅलेज में यह केस आया था। उन्होंने कहा कि उन्होंेने इस बारे मंे एसएचओ सोहाना राजीव कुमार से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन उसने उनका फोन नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि वे अब इस बारे में एसएसपी से मिलकर एसएचओ पर कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
क्याहै मामला : सोहानाथाना पुलिस ने शनिवार को गांव टंगोरी से ढाबे के पास से आठ युवकों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया था। जिनकी पहचान रोशन, गुरजंट, बिल्ला, टोनी, जरनैल, हरदीप, दलबीर मनी के रूप में हुई थी। पीड़ित युवकों ने बताया था कि उन्हें वहां से बंदूक की नोक पर उठाकर थाने ले जाया गया था। युवकों ने बताया कि उन्हें थाने लेजाकर बुरी तरह से पीटा गया था। उन्हें नंगा करके भी उनकी पिटाई की गई थी अाैर झूठी वारदातें कबूल करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। लेकिन जब उन्होंने ऐसी कोई वारदात नहीं मानी तो उन्हें देररात 12 बजे वापस घर भेज दिया गया।
एसएचओ ने सरपंच को झूठ बताया-दो-दो थप्पड़ मारकर छोड़ दिया है युवकों को
मामलेके बारे में जब गांव टंगोरी के सरपंच गुरप्रीत सिंह काला से बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि जब पुलिस ने बुधवार रात को उन्हें थाने से फोन किया था तो उनसे एसएचओ ने बात की थी। उनसे युवकों के करेक्टर के बारे में पूछा गया था तो उन्हें बता दिया गया था कि युवकों का कोई क्रिमिनल रिकाॅर्ड नहीं है। सभी युवक अच्छे परिवारों से संबंध रखते हैं। उसके बाद उनकी जिम्मेदारी पर युवकों को छोड़ दिया गया था। सरपंच काला ने बताया कि उन्होंने एसएचओ से पूछा था कि उन्होंने युवकों के साथ कोई मारपीट तो नहीं की तो एसएचओ ने बताया कि कोई ज्यादा मारपीट नहीं की। बस दो-दो थप्पड़ मारकर उन्हें छोड़ दिया गया है। हालांकि युवकों पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया था।
हथियारों के साथ पुलिस ने की थी रेड, एसएचओ बांधकर लाए थे रस्सी से
जबसोहाना थाना पुलिस ने गांव टंगोरी से जाकर युवकों को गिरफ्तार किया था तो वहां एक मीडिया कर्मी द्वारा वीडियो भी बनाया गया था, जिसमें साफ साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिस हथियारों के साथ कैसे खेतों में जाकर युवकों को गिरफ्तार कर रही है। इतना ही नहीं वीडियो में यह भी साफ है कि कैसे एसएचओ सोहाना ने एक युवक के हाथ रस्सी से बांधे हुए हैं और उसे पकड़ कर ले जाया जा रहा है। इसके अलावा एसएचओ वीडियो में साफ साफ बोलते हुए दिख रहे हैं कि वह युवकों की मार मार कर बुरी हालत कर देंगे। गिरफ्तारी के समय बनी हुई यह वीडियों सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुकी है। इन युवकों को गिरफ्तार करने के बाद थाने ले जाया गया और वहां उन पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल कर जबरन झूठी वारदातें कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया। यहां तक उन्हें कपड़े उताकर भी पीटा गया, लेकिन जब उन्होंने किसी भी वारदात में हाथ होने से इनकार किया और सरपंच ने भी उन्हें अच्छे करेक्टर का बताया तो पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा।
चाहे धरना देना पड़े, एसएचओ पर कार्रवाई करवाकर रहेंगे: सुच्चा सिंह
इसबारे में आम आदमी पार्टी के सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है, क्योंकि इसमें पुलिस अफसर वाहवाही लूटने के लिए पंजाब के भोले भाले युवकों को गलत तरीके से झूठे केस में फंसा रहेे हैं, जिस कारण उन युवकों की जिंदगी खराब हो जाती है। उन्होंने कहा कि वे टंगोरी के युवकों के साथ धक्का करने वाले एसएचओ सोहाना राजीव कुमार के खिलाफ कार्रवाई करवा कर ही दम लेंगे। फिर चाहे उन्हें इसके लिए धरना देना पड़े या फिर पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिलकर केस करना पड़े। उन्होंने कहा कि ऐसे कुछ पुलिस अफसरों के कारण जहां बेकसूर युवकों की जिंदगी बर्बाद हो रही है, वहीं पूरी पुलिस फोर्स भी बदनाम होती है।
एसएचओ राजीव कुमार ने भी माना- थोड़ी सख्ती से की थी पूछताछ
इसबारे में जब एसएचओ थाना सोहाना राजीव कुमार से बात की गई थी तो उन्होंने भी कहा कि युवकों को राउंडअप करके उनसे पूछताछ की गई थी। उन्होंने कहा कि युवकों के साथ कोई ज्यादा मारपीट नहीं की गई है। बल्कि उन्हें पूछताछ करके छोड़ दिया गया था। एसएचओ राजीव कुमार ने कहा कि टॉर्चर करने वाली कोई बात नहीं है लेकिन पूछताछ करने में थोड़ी सी सख्ती बरतनी ही पड़ती है। नहीं तो कोई भी पुलिस के सामने कुछ नहीं बोलता।
थाना सोहाना ने शक के आधार पर टंगोरी के कुछ युवकों को गिरफ्तार किया था। इस बात की जानकारी एसपी सिटी गगनजीत सिंह बैंस को भी थी। लेकिन फिर भी उन्होंने अपने एसएचओ को अवैध तरीके से रेड करने से नहीं रोका, बल्कि एसएचओ को रेड करने की परमिशन तक दे डाली। इस बारे में जब एसपी सिटी गगनजीत सिंह बैंस से बात की गई तो उनका कहना था कि यह बात उनकी नॉलेज में है कि युवकों काे गांव टंगोरी से शक के आधार पर उठाया गया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कुछ नहीं पता कि युवकों के साथ थाने में मारपीट भी की गई है। उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कि युवकों को टॉर्चर किया गया होगा। यह बात जरूर है कि पूछताछ करने में थोड़ी-बहुत सख्ती तो बरतनी ही पड़ती है।