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कब्जा रोकने के लिए महिला ने पुलिस बुलाई तो उसी को पहुंचाया थाने

बलौंगी में हाईवे किनारे एक महिला जरीना खान और उसके दो बेटे पिछले कई सालों से मिट्‌टी के बर्तन और गमले बनाकर गुजारा...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:10 AM IST
बलौंगी में हाईवे किनारे एक महिला जरीना खान और उसके दो बेटे पिछले कई सालों से मिट्‌टी के बर्तन और गमले बनाकर गुजारा कर रहे हैं। जिस जगह पर वो काम करते हैं, उसे लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने उस जगह पर स्टे ऑर्डर जारी कर रखे हैं। बुधवार सुबह बलौंगी की एकता कॉलोनी में रहने वाला कमलजीत सिंह और उसका बेटा करणदीप सिंह कुछ लोगों के साथ यहां पहुंचे और मिट्‌टी के बर्तन और सामान उठाकर फेंकने लगे। जब जरीना और उसके बेटों रिजवान व सलमान ने उन्हें रोकना चाहा तो उन लोगों ने यह कहते हुए महिला व उसके बेटों को धमकाया कि जमीन उनकी है और उनके पास इसकी रजिस्ट्री है। जब जरीना और उसके बेटों ने बताया कि जमीन पर कोर्ट ने स्टे लगा रखा है तो भी वो नहीं माने और बर्तन उठाकर फेंकते रहे। मामला बिगड़ता देख जरीना ने पुलिस की मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम और 181 हेल्पलाइन पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। इसके बाद बलौंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मदद के बजाय जरीना और उसके बेटों को शिकायत लेने की बात कहते हुए पुलिस थाने ले गई। जरीना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तीनों को शाम तक थाने में बिठाए रखा। पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और दूसरी पार्टी को रोकने के बजाय उलटा जरीना और उसके बेटों पर ही धारा 107/51 के तहत केस दर्ज कर लिया। इस दौरान उनकी जवान बेटी घर में अकेली थी। इसी बीच दूसरी पार्टी ने जमीन पर कब्जा करते हुए दीवार बना ली। जरीना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय जान-बूझकर जमीन पर दूसरी पार्टी का कब्जा करवाया है, जबकि जमीन पर कोर्ट ने स्टे लगा रखा है। उन्होंने कहा कि वे बलौंगी पुलिस की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। इस बारे में बलौंगी थाने के एसएचओ भगवंत सिंह रियाड़ का कहना है कि महिला झूठ बोल रही है। पुलिस ने उसके किराये के घर की जमीन पर कब्जा करवाया है। मामला पुलिस थाने में आया था। दूसरी पार्टी के पास जिस जमीन की रजिस्ट्री थी, वहीं दीवार बनाई गई है। पुलिस पर गलत तरीके से कब्जा करवाने का आरोप बिलकुल गलत है।

महिला और बेटों पर पुलिस ने दर्ज किया केस, पीछे से कब्जाधारकों ने बनाई दीवार


पीड़ित जरीना ने बताया कि यह जमीन लुिधयाना में रहने वाले एक परिवार की है। वही उनके पति और परिवार को इस जमीन पर बिठाकर गए थे। कुछ समय पहले बलौंगी के कमलजीत सिंह ने इस जमीन पर अपना हक जताया। जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उनके पति शमशाद खान ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद उनके पति ही लापता हो गए। वे कहां गए, इस बारे में कुछ पता नहीं चला। कोर्ट ने इस जमीन पर स्टे ऑर्डर दिए और कहा कि जब तक इस जमीन के बारे में फैसला नहीं होता, तब तक वो कमलजीत सिंह को 5 हजार रुपए प्रति महीना किराया देते रहें। वे ऐसा ही कर रहे थे और मामला कोर्ट में चल रहा था। बुधवार को कमलजीत सिंह कुछ लोगों के साथ आया और वो उनके बर्तन तोड़ने लगे। इस पर उन्होंने पुलिस को बुलाया तो पुलिस उन्हें ही उठाकर थाने ले गई और केस दर्ज कर दिया। उन्होंने बताया कि कमलजीत सिंह ने करीब एक हफ्ता पहले भी इस जमीन के पास ईंटें गिराई थीं। तब भी उन्होंने एसएसपी, एसएचओ को शिकायत दी थी, लेकिन तब भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी।


दूसरी तरफ इस मामले में कमलजीत सिंह का कहना है कि जिस जमीन को लेकर कोर्ट में मामला विचाराधीन है, वह जमीन उन्होंने छेड़ी ही नहीं। महिला झूठ बोल रही है। इस जमीन के साथ 10 मरले का प्लॉट है, जिसकी रजिस्ट्री उनके बेटे करणदीप सिंह के नाम पर है। पिछले साल ही चंडीगढ़ के चार लोगों से उन्होंने यह जमीन खरीदी थी। इसी 10 मरले के प्लॉट पर उन्होंने दीवार बनाई है। जिस जमीन पर स्टे है, उस पर कब्जा नहीं किया गया।

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