Hindi News »Chandigarh Zilla »Mohali» गमाडा में 5 महीनों से लटका काम अफसरों ने एक घंटे में कराया

गमाडा में 5 महीनों से लटका काम अफसरों ने एक घंटे में कराया

गमाडा की ओर से वीरवार को सीएम कम चेयरमैन गमाडा के निर्देशों पर जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय दरबार के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:10 AM IST

गमाडा की ओर से वीरवार को सीएम कम चेयरमैन गमाडा के निर्देशों पर जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय दरबार के पहले दिन आम लोगों की समस्याएं सुनी गई, जबकि शुक्रवार को बिल्डर्स की समस्याएं सुनी जाएंगी। लोगों की शिकायतें सुनकर अधिकारी हैरान थे कि जिस विंग में लोग काम करवाने आते हैं, उसके कर्मचारी न तो काम जल्दी करते हैं और न ही उन्हें अधिकारियों तक पहुंचने देते हैं। सबको जवाब दिया जाता है कि काम तो हमने ही करना है, साहब के तो साइन ही होने हैं। ऐसे ही दिल्ली से आए रोहण खन्ना पांच महीने से पूर्वा अमार्टमेंट के अपने प्लॉट का अलॉटमेंट लेटर लेना चाहते थे। उनका जो काम पांच महीनों में नहीं हुआ वो वीरवार को लगे दरबार में एक घंटे में कर दिया गया। जनता दरबार में सीए रवि भगत और एसीए राजेश धीमान के साथ अन्य अफसरों ने लोगों की परेशानियां सुनीं। हालांकि गमाडा के अफसरों के सामने सालों से परेशान लोग दुखड़ा रोते रहे, लेकिन अफसरों ने सभी को काम जल्द करवाने का अश्वासन देकर विदा किया और मौके पर एक भी टोकन होल्डर का काम नहीं हो पाया। इसके अलावा शहर में नीड बेस्ड पॉलिसी का बीड़ा उठाने वाली संस्था गमाडा निवासी कल्याणकारी महागठबंधन (गनकम) के अध्यक्ष इंजीनियर एनएस कलसी और महासचिव पीएल धामी ने अफसरों से नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी को एचएम के मकानों में भी लागू करने की अपील की।

लोगों को अफसरों तक पहुंचने ही नहीं देते कर्मचारी, अपने टेबल पर ही रोके रखते हैं फाइलें, अफसरों ने सुनीं लोगों की शिकायतें

90 ऐसी फाइलें, जो सालों से घूम रही थीं कर्मियों के टेबल पर... जनता दरबार में शहर के लोगों की करीब 90 ऐसी फाइलें पहुंचीं, जो कई सालों से गमाडा के कर्मचारियों के टेबल पर ही घूम रही थी। अपने अटके हुए काम करवाने के लिए ये लोग जनता दरबार में पहुंचे और टोकन लेकर बारी का इंतजार करने लगे। अफसरों ने उन्हें काम जल्द कराने का भरोसा दिलाकर भेज दिया।

17 साल से मकान नहीं किया ट्रांसफर, भेजा था सुसाइड नोट...फेज-10 के मकान नंबर-927 में रहनी वाली रजिंदर कौर 17 सालों से मकान अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए चक्कर काट रही हैं। उनके पति भूपिंदर सिंह ने तंग आकर गमाडा को सुसाइड नोट भेज दिया था। उनकी शिकायत पर अफसरों ने 7 दिन में रिपोर्ट मांगी।

15 दिनों में पॉलिसी लागू करने का अश्वासन

गनकम के अध्यक्ष अौर महासचिव ने गमाडा के सीए रवि भगत को एक पत्र सौंपकर शहर में एचएम के मकानों में नीड बेस्ड चेंज पॉलिसी लागू करने की मांग की। संस्था के सदस्यों से अफसरों से कहा कि कमेटी की ओर से लागू पॉलिसी दो सालों से एचएम के मकानों में लागू नहीं हुई है, जबकि शहर के अन्य एलआईजी और इडब्ल्यूएस मकानों में पॉलिसी को लागू कर दिया गया है। इस पर विचार करने के बाद सीनियर आर्किटेक्ट गमाडा ने गमकम के सदस्यों को अश्वासन दिया कि अगले 15 दिनों में इस पॉलिसी को लागू कर दिया जाएगा।

अलॉटमेंट लेटर देकर भेजा दिल्ली के रोहण को...

दिल्ली के रोहण खन्ना ने पूर्वा अपार्टमेंट में फ्लैट का अलॉटमेंट लेटर लेना था। इसके लिए वो पांच महीनों से आ रहे थे। अधिकारियों ने पूरी बात सुनकर रोहण खन्ना का का काम एक घंटे के अंदर पूरा कर उन्हें अलॉटमेंट लेटर देकर भेज दिया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Mohali

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×