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जॉइंट कमिश्नर ने मेयर को जो सुझाव भेजे, वो कमेटी मेंबर्स ने दिए ही नहीं...
नगरनिगम में पेड पार्किंग को लेकर जो राजनीति शुरू हुई है, उसका एक और पहलू सामने आया है। मेयर ने व्यापार मंडल और निगम कर्मचारियों को मिलाकर पेड पार्किंग को लेकर जो एडवाइजरी कमेटी बनाई थी, उसकी मीटिंग में ऐसे कोई सुझाव नहीं दिए गए, जो निगम की जॉइंट कमिश्नर ने मेयर कुलवंत सिंह और निगम कमिश्नर उमांशकर गुप्ता को लिखे पत्र में बताए। कमेटी में शामिल व्यापार मंडल के सदस्यों ने इस पत्र में बताए गए सुझावों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है। व्यापार मंडल के सदस्यों का तो यहां तक कहना है कि वे पहले भी पेड पार्किंग के खिलाफ थे और अब भी खिलाफ हैं। अगर नगर निगम शहर में पेड पार्किंग लागू करना ही चाहता है तो इसके लिए उनके कंधों का कतई इस्तेमाल किया जाए।
निगमकी पहली मीटिंग में ही उठा पेड पार्किंग का मुद्दा: नगरनिगम बनने के बाद मेयर कुलवंत सिंह की अगुआई में हुई पहली हाउस मीटिंग में ही कांग्रेसी और अकाली-भाजपा पार्षदों ने शहर से पेड पार्किंग खत्म करने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पेड पार्किंग को लेकर व्यापारियों की राय जानने के लिए 6 सदस्यीय एडवाइजरी कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें निगम के सुपरिंटेंडेंट मंदीप सिंह, जूनियर इंजीनियर अक्षर शामा, व्यापार मंडल के महासचिव सर्बजीत सिंह पारस, व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष फेज-5 मार्केट के गणेश सिंह, व्यापार मंडल के संगठन सचिव फेज-3बी2 मार्केट के अकविंदर सिंह गोसल और व्यापार मंडल के फाइनेंस सेक्रेटरी फेज-7 मार्केट के मुनीष चुघ शामिल थे।
6में से 3 सदस्य ही मौजूद थे मीटिंग में: पेडपार्किंग को लेकर 3 फरवरी को नगर निगम कार्यालय में एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों की जो बैठक तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर नयन भुल्लर ने ली थी, उसमें तीन सदस्य सर्बजीत सिंह पारस, गणेश सिंह और अकविंदर सिंह गोसल ही मौजूद थे। इन सभी ने ठोक कर पेड पार्किंग को खत्म करने की वकालत की थी और पेड पार्किंग के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया था। बल्कि 31 मार्च तक चलने वाली मौजूदा पेड पार्किंग की व्यवस्था में भी सुधार लाने की बात कही थी।
8 जॉइंटकमिश्नर: शहरकी आबादी कम होने के कारण मार्केट में पेड पार्किंग नहीं होनी चाहिए। यदि आगे चलानी है तो इसको फेज-1,2,6,9,10,11 में भी लागू किया जाए और इसे माडर्न पार्किंग की शकल दी जाए।
कमेटीसदस्य: पार्किंगको पूरी तरह से खत्म करने की बात कही थी।
4 जॉइंटकमिश्नर: एंट्रीपॉइंट्स पर स्लिप काट दी जाती है। परंतु एग्जिट पॉइंट पर चेक नहीं की जाती। जिस कारण पार्किंग में खड़े वाहनों की कोई सुरक्षा नहीं होती।
कमेटीसदस्य: इसप्रकार की बात उनके द्वारा नहीं कही गई है। यह बात जॉइंट कमिश्नर ने अपने मन से लिखी है।
7 जॉइंटकमिश्नर: सभीमार्केट्स में स्लिप काटने से पहले चेक नहीं किया जाता कि मार्केट में वाहन पार्क के लिए स्पेस है या नहीं। इसके लिए ठेकेदार को हिदायत दें कि वह सुनिश्चित करें कि तीन कारिंदे मार्केट में गाड़ी पार्क कराएं।
कमेटीसदस्य: ऐसीबात भी पूरी तरह से निराधार है।
3 जॉइंटकमिश्नर: एंट्रीपॉइंट्स पर टिकट काउंटर जरूरी है क्योंकि फेज 3बी2 की मार्केट मंे कई ऐसे एंट्री पॉइंट हैं, जहां पर कोई भी कर्मचारी नहीं खड़ा किया गया है और लोग इस बात का नाजायज फायदा उठाते हैं।
कमेटीसदस्य: ऐसीकोई बात कमेटी मंेबर्स ने की ही नहीं है।
6 जॉइंटकमिश्नर: पेडपार्किंग होने के चलते मार्केट्स के बैकसाइड पर लोग वाहन पार्क कर जाते हैं। जिस कारण रिहायशी एिरया में रहने वाले लोगांे को परेशानी होती है।
कमेटीसदस्य: यहबात भी नहीं कही गई है। पता नहीं सुझाव के तौर पर क्यांे लिखी गई है।
2 जॉइंटकमिश्नर: एंट्रीपॉइंट्स को रस्सियों के साथ कवर किया जाए, उसको ठीक प्रकार से कवर किया जाए, ताकि एक मॉडर्न पेड पार्किंग लगे।
कमेटीसदस्य: ऐसीकोई बात पेड पार्किंग को लेकर नहीं हुई। मौजूदा सिस्टम को ही ठीक करने के लिए कहा गया था।
5 जॉइंटकमिश्नर: जितनेभी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वो काम नहीं करते, वह मात्र दिखावे के लिए लगाए गए हैं। इसमें सुधार किया जाए।
कमेटीसदस्य: यहबात मौजूदा पार्किंग सिस्टम को लेकर की गई है, कि शहर में नया पार्किंग सिस्टम लागू करने के लिए।
1 जॉइंटकमिश्नर: सुझावदिया गया कि आम लोगों का कहना है कि मार्केट्स में पेड पार्किंग होने से वे रोज-रोज मार्केट नहीं सकते, जिस कारण दुकानदारों का नुकसान होता है।
कमेटीसदस्य: सभीमार्केट्स से पेड पार्किंग को खत्म करने की बात कही थी। ऐसी कोई बात नहीं हुई।
व्यापार मंडल के तीन सदस्यांे सर्बजीत सिंह पारस, गणेश सिंह और अकविंदर गोसल के साथ हुई बैठक मंे जो बात हुई, उसके आधार पर तीनों सदस्यों के अनुसार जो 8 सुझाव जॉइंट कमिश्नर ने तैयार किए हैं, उनसे कोई भी सदस्य समहत नहीं है। जॉइंट कमिशनर ने ये सुझाव निगम के मेयर कमिश्नर को भेजे हैं। इन सुझावों के अंत में कहा गया है कि पेड पार्किंग को लेकर मेयर और कमिश्नर के साथ भी कमेटी सदस्यों की एक बैठक की जानी चाहिए।
जॉइंट कमिश्नर की ओर से तैयार किए गए ये सुझाव अगर नगर निगम की बैठक में रखे गए तो व्यापार मंडल की ओर से इसका विरोध किया जाएगा। मेयर ने इन सुझावों को पार्षदों की राय लेने के लिए हाउस में रखने की बात कही थी, जबकि व्यापार मंडल ने इन सुझावों काे खारिज किया है और मेयर से इन्हें हाउस की बैठक मंे रखने की अपील की है। अगर ऐसा किया गया तो उसका विरोध करने की बात कही गई है।
पेड पार्किंग को लेकर लोगों की राय हाउस की अनुमति से ही काम किया जाएगा। यह किसी एक रिपोर्ट या किसी सुझाव के आधार पर नहीं की जाएगी।
-कुलवंतसिंह, मेयरनगर निगम
पार्किंग का मुद्दा बड़ा है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए। पार्षदों की एक कमेटी बनाकर इस पर विस्तार से सर्वे करवाया जाना चाहिए। उसके बाद ही इस बारे मंे फाइनल बात होनी चाहिए।
-कुलजीतसिंह बेदी, कांग्रेसीपार्षद
पार्किंग को लेकर पूरी तरह गुमराह करने वाली रिपोर्ट बनाई गई है। बैठक मंे कमेटी के सदस्यों से बात हुई थी, कि सदस्य लोगों की राय लेकर आए थे। शहर में पेड पार्किंग किसी भी हाल में नहीं लगनी चाहिए।
-सर्वजीतसिंह पारस, महासचिव व्यापार मंडल