वैलेंटाइन-डे पर युवाओं ने किया ब्लड डोनेट
जीरकपुरमें कुछ जगहों पर वैलेंटाइन-डे के दिन कुछ लोगों ने दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड डोनेट किया। सर्वसेवा समिति जीरकपुर की ओर से लोहगढ़ में ब्लड डोनेशन और बॉडी/ऑर्गन डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया। इसमें कई युवाओं ने जोश के साथ भाग लिया। हालांकि ब्लड डोनेशन कैंप का कार्यक्रम पहले से तय था और यह संयोग की बात थी कि इसी दिन वैलेंटाइन-डे भी। युवाओं ने वैलेंटाइन-डे मनाने की बजाय यहां ब्लड डोनेशन कैंप में ब्लड डोनेट किया।
सिमरनबेदी ने की बॉडी डोनेट: प्रीतकॉलोनी निवासी सिमरन बेदी ने रविवार को यहां लोहगढ़ में सर्वसेवा समिति की ओर से आयोजित ब्लड डोनेशन और बॉडी डोनेशन कैंप में अपनी बॉडी मरणोपरांत डोनेट करने के लिए फाॅर्म भर कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी की। सिमरन ने अपनी पूरी बॉडी ही डोनेट की है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने अपनी दोनों आंखें डोनेट कर दी थीं। सिमरन का कहना है कि हमें जीते जी तो लोगों का भला करना ही चाहिए, जीवन के बाद भी हमारा शरीर किसी के काम जाए, इससे बड़ी और क्या सेवा हो सकती है। मरने के बाद हमारे शरीर से किसी को जीवन मिले, यह सबसे बड़ा दान है। सिमरन को इसकी प्रेरणा एक ऐसी महिला से मिली, जो रिश्ते में उनकी नानी लगती हैं। उन्होंने भी अपनी पूरी बॉडी डोनेट की थी। जब सिमरन से पूछा गया कि परिवार के लोगों को उनके इस कदम से किसी प्रकार का एतराज तो नहीं, तो उन्होंने कहा कि यह मेरा अपना फैसला है। शरीर मेरा है, इसलिए इसके डोनेशन काे लेकर मेरा ही फैसला परिवार को मान्य है और परिवार इसके खिलाफ भी नहीं है। सिमरन के पति हरियाणा के एडीशनल जनरल एडवोकेट हैं। परिवार में और लोगों को भी ब्लड डोनेशन और बॉडी डोनेट करने के लिए वे प्रेरित करती हैं।
सिमरन बेदी