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रोड गाइड मैप न होने से छतबीड़ जू तक पहुंचने में भटक जाते हैं कई टूरिस्ट

जीरकपुर के नजदीक छतबीड़ जू देखने के लिए ट्राइसिटी और दूसरे शहरों से भी रोजाना लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन, जीरकपुर...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:15 AM IST
जीरकपुर के नजदीक छतबीड़ जू देखने के लिए ट्राइसिटी और दूसरे शहरों से भी रोजाना लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन, जीरकपुर में पहुंचने के बाद जू तक जाने के लिए टूरिस्ट को कई जगहों पर रूक्-रूक् कर लेागों से पूछना पड़ता है कि कहां किस सड़क से जाएं। जीरकपुर-पटियाला रोड की फोर लेनिंग से पहले यहां कई जगहों पर बोर्ड और रोड गाइड मैप लगे थे। लेकिन, फोरलेनिंग के दौरान सारे बोर्ड अौर गाइड मैप निकाल लिए गए। जो अब तक दौबारा नहीं लगे हैं। इससे उन लोगों को जू तक पहुंचने में परेशानी होती है, जो पहली बार यहां आते हैं। पटियाला रोड की फोरलेनिंग के बाद यहां काफी बदलाव आ गया है। इसलिए लोग भी रास्ता भटक जाते हैं।

जीरकपुर-पटियाला रोड पर जहां से छतबीड़ जू के लिए टी प्वाॅइंट है। वहां से आगे जू तक गांव छत का एरिया भी पड़ता है। इस एरिया में कहीं भी जानकारी न होने से लोग रास्ता भटक जाते हैं। छत गांव के पास दो चौराहे हैं। इन दोनों जगहों पर भी कई टूरिस्ट भटक जाते हंै। पटियाला रोड से जू तक कई बार रास्ता भटकने के बाद टूरिस्ट जू तक पहुंच पाते हैं।

वहीं, एक टूरिस्ट राजीव शर्मा ने बताया कि वह पहली बार जू देखने आए हैं। यहां पर पटियाला रोड तक तो किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है। लेकिन, छत गांव के पास से अंदर कहीं भी जानकारी नहीं मिली। इससे दो जगहों पर लोगांे से पूछकर उन्हें जाना पड़ा। एक सड़क पर उन्हें करीब एक किलाेमीटर आगे जाकर वापस भी लौटना पड़ा। अब अंबाला रोड से भी जू का रास्ता है। अभी उसी रास्ते से यहां आए हैं। लेकिन, कहीं भी सड़क पर इसकी जानकारी नहीं है। इसके लिए जू प्रशासन या जीरकपुर एमसी को जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाने चाहिए। जू देखने के लिए रोजाना हजारों लोग आते हैं। उनकी परेशानी का ध्यान रखा जाना चाहिए।

छतबीड़ को जाती रोड पर कोई भी बोर्ड न लगा होने से नहीं चलता रास्ते का पता।

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