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चाॅकलेट से बच्चों के दांत हो रहे खराब: डेंटिस्ट राजेश

5 वर्ष पहले
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आजबच्चों में दातों के खराब होने की समस्या बढ़ गई है। 5 साल की उम्र में ही बच्चों के दांत खराब होने लगे हैं। इसका एक बड़ा कारण मीठा है। चाॅकलेट अन्य चीजें खाने के बाद दांतों की प्रॉपर सफाई होने से बच्चों के दांत खराब हो रहे है। यह बात यहां जीरकपुर में एक्टिस स्कूल में पेडिएट्रिक डेंटिस्ट राजेश गुप्ता ने कही। गुप्ता डेंटल क्लीनिक की डाक्टर प्रीति ने यहां करीब 50 बच्चों के दांतों का चेकअप किया। डाॅक्टर राजेश ने बताया कि पांच साल की उम्र में ही बच्चों को दांतों की रूट कलाल, नकली दांत लगाने और फिलिंग करने जैसे उपचार करने से गुजरना पड़ता है। इस परेशानी से बचने के लिए पिडिएट्रिक डेंटिस्ट राजेश गुप्ता ने कहा कि बच्चों को कम उम्र में ज्यादा चाकलेट, चिप्स अन्य कई जंक फूड देने के कारण आज बच्चे इस बीमारी से गुजर रहे है। कई ढाई साल से लेकर पांच साल तक के बच्चों के दूध के दांत खराब हो रहे हैं। इस परेशानी से बचने के लिए बच्चों को इस तरह के खानपान से बचाएं। जिनके दांत खराब हो चुके हैं उस बच्चे का इनका इलाज समय पर कराएं। ऐसा करने पर दूध के दांत खराब होने के बाद आने वाले पक्के दांतों को भी नुकसान पहुंचा सकते है। पेडिएट्रिक डेंटिस्ट प्रीति गुप्ता ने बताया कि चाकलेट, चिप्स अन्य कुछ खाने की चीजें स्टिकी फूड में आती हैं। खाने की कुछ मात्रा दांतों पर चिपक जाती है। स्टिकी फूड से कीटाणु दातों को खराब करने का काम करते है। समय पर अगर इलाज कराया तो यह दूध के दांत से पक्के दांतों की रूट्स तक पहुंच जाते है। कई बार ऐसा भी हो जाता है कि कैंसर तक हो जाता है। इसलिए दांतों के खराब होने के बाद यहीं इसका असर बड़ी बीमारी में भी बदले समय पर इलाज कराएं। बच्चों को खराब खानपान से रोकें। उन्होंने कहा कि अगर बच्चा दांत के दर्द से परेशान रहता हो तो वह खाना भी ठीक से नहीं खा पाएगा।

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