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माइनिंग अफसर राजीव धीमान बोले-पुलिस नहीं दे रही साथ, डीसीपी का जवाब-हम कार्रवाई करते हैं

अमित शर्मा/रवीश कुमार झा | पंचकूला माइनिंग डिपार्टमेंट व पुिलस की लापरवाही की वजह से जिले के अलग-अलग एरिया में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:05 AM IST

माइनिंग अफसर राजीव धीमान बोले-पुलिस नहीं दे रही साथ, डीसीपी का जवाब-हम कार्रवाई करते हैं
अमित शर्मा/रवीश कुमार झा | पंचकूला

माइनिंग डिपार्टमेंट व पुिलस की लापरवाही की वजह से जिले के अलग-अलग एरिया में खनन माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। पंचकूला में माइनिंग माफिया खूब कमाई कर रहे हैं। नदी और सरकारी जमीन के अलावा परमिशन वाली साइट पर भी अवैध माइनिंग जारी है। इसे रोकने के लिए बनाई टास्क फोर्स, माइनिंग डिपार्टमेंट और पुलिस अफसर ऑफिस में बैठे-बैठे प्लानिंग करते हैं। इसके अलावा एक-दूसरे पर जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रायपुररानी, बरवाला, बतौड़, रिहौड़, खेड़ी गांव, खेतपुराली, शामटू, रत्तेवाली, भानू, पिंजौर, चंडीमंदिर और कालका एरिया में दिन-रात अवैध माइनिंग जारी है। यहां नदियों के अलावा सरकारी जमीन से रेत, मिट्‌टी, बजरी और पत्थर निकाले जा रहे हैं। दिन और रात अवैध माइनिंग होती है। इसे रोकने वाला कोई भी नहीं है।

मिट्‌टी, बजरी और पत्थर लेकर यहीं से निकलते हैं ट्रैक्टर-ट्रॉली

टास्क फोर्स भी बनी है

अवैध माइनिंग के पीछे कहीं न कहीं प्रशासन के अफसर भी जिम्मेदार हैं। टास्क फोर्स बनाई गई है। इसमें डीसी, डीसीपी, एसडीएम, एडीसी, आरओ पॉल्यूशन, डीएफओ, आरटीए सेक्रेटरी शामिल हैं। इनको अवैध माइनिंग रोकने की जिम्मेदारी दी है। अफसर फील्ड में ही नहीं उतरते।

माइनिंग डिपार्टमेंट और पुिलस की लापरवाही की वजह से जिले के अलग-अलग एरिया में खनन माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। पंचकूला में माइनिंग माफिया खूब कमाई कर रहे हैं।

मंत्री को भी दी जा चुकी है शिकायत

जिन साइट्स पर माइनिंग का लाइसेंस मिला है, वहां परमिशन से ज्यादा एरिया को खोद दिया गया है। इसके अलावा खेड़ी, मौली, रिहौड़, बतौड़ गांव समेत कई साइट्स पर पहले एक-एक चौकीदार रखने की बात सामने आई थी। बाद में इसके लिए मनाही कर दी गई। यहां सीसीटी कैमरे लगाने का प्रपोजल था, जिस पर ध्यान ही नहीं दिया गया। इस बारे में गौतम सिंह की ओर मंत्री नायब सैनी को भी शिकायत भेजी गई है। अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।

तालमेल की कमी

माइनिंग अफसर दावा है कि पिछले एक साल में पुलिस को माइनिंग को लेकर 60 से ज्यादा बार शिकायत की गई है। पुलिस ने रिप्लाई ही नहीं दिया। वहीं पुलिस अफसरों का कहना है कि जिन एरिया की शिकायत दी गई थी, उसकी लोकेशन के बारे में बताया ही नहीं गया। कहां नाका लगाया जाना है, इसके बारे में भी नहीं बताया गया है।

60 शिकायतों में से कुछ पर ही मिला रिप्लाई...

2017-18 में जिले के अलग-अलग एरिया में हो रहे अवैध माइनिंग को लेकर 60 से ज्यादा बार शिकायत की गई है। हैरानी की बात यह है कि पुिलस की ओर से रिप्लाई ही नहीं दिया जाता कि मामले में क्या कार्रवाई की गई है या की जा रही है। 60 शिकायतों में से मुश्किल से करीब 10 से 15 शिकायतों पर पुिलस की ओर से रिप्लाई दी गई है। ऐसे में हमें ये भी नहीं पता होता है कि किन-किन शिकायतों पर कार्रवाई हुई है या नहीं। इसके अलावा 5 मार्च को भी शिकायत दी गई थी। -राजीव धीमान, माइनिंग ऑफिसर

हम कार्रवाई कर रहे हैं

माइनिंग डिपार्टमेंट के पास आंकड़ा शायद ठीक नहीं है करंट मामलों में भी मौके पर जाकर चेक किया गया था। चेकिंग के बाद कंसर्न पुलिस थाने व पुलिस चौकी को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए थे। पुलिस अवैध माइनिंग रोकने को लेकर कार्रवाई कर रही है। -मनबीर सिंह, डीसीपी

कमेटी को अलर्ट किया है

जिले में हो रही अवैध माइनिंग को लेकर टास्क फोर्स कमेटी की मीटिंग में सभी कमेटी के सदस्यों को अलर्ट रहते हुए कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इसकी रिपोर्ट भी ली जाती है। अवैध माइनिंग रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है। -मुकुल कुमार, डीसी

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