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पिछली बार डॉक्यूमेंटेशन व फीडबैक में पंचकूला पिछड़ गया था, अबकी बार अच्छे रैंक का इंतजार

पंचकूला में स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए आई केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम बुधवार की शाम को शहर का सर्वे करने...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:15 AM IST
पिछली बार डॉक्यूमेंटेशन व फीडबैक में पंचकूला पिछड़ गया था, अबकी बार अच्छे रैंक का इंतजार
पंचकूला में स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए आई केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम बुधवार की शाम को शहर का सर्वे करने के बाद वापस लौट गई। यह तीन सदस्यीय टीम रविवार की शाम को पंचकूला पहुंची थी। इन तीन दिनों में शहर में सफाई को बढ़ावा देने के लिए हो रहे प्रयासों के डॉक्यूमेंट्स चेक करने के साथ शहर में घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। टीम मेंबर्स ने शहर के विभिन्न सेक्टरों सहित पिंजौर व कालका में जाकर स्वच्छता पर रेजिडेंट्स की फीडबैक भी ली।

इस दौरान शहर की मार्केट, पब्लिक टॉयलेट्स, डिवाइडिंग रोड्स व सेक्टरों की इंटरनल रोड्स पर सफाई व्यवस्था को चेक किया गया। रेजिडेंट्स से बीते एक साल में सफाई व्यवस्था में हुए सुधार या सफाई रखने की आदत में आए बदलाव पर फीडबैक ली गई। सूखा व गीला कचरा अलग करने व सॉलिड वेस्ट को ठिकाने के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी ली गई।

केंद्रीय मंत्रालय से आई टीम के एक मेंबर ने सेक्टर 14 स्थित ऑफिस में बैठकर निगम अफसरों से स्वच्छता के लिए हो रहे प्रयासों से संबंधित डाॅक्यूमेंट्स लिए। निगम अफसरों की ओर से करीब दस हजार से ज्यादा पेज की फोटो कॉपियां टीम मेंबर को उपलब्ध कराई गई। इसमें सेनिटेशन स्टाफ की अटेंडेंस, विभिन्न सेक्टरों से कचरा एकत्र कर डम्पिंग ग्राउंड तक पहुंचाने वाली गाड़ियों की लॉग बुक, ई कार्ट खरीदने का वर्क ऑर्डर, किचन व गार्डन वेस्ट से खाद बनाने के लिए दो सेक्टरों में लगाई गई मशीन का वर्क ऑर्डर और फोटोग्राफ, विभिन्न पार्कों में गीले कचरे से खाद बनाने के लिए बनाए गए गड्‌ढों की फोटोग्राफ, पार्क डेवलपमेंट कमेटियों के कॉन्टेक्ट नंबर्स शामिल थे। टीम के दो मेंबर्स ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में जाकर सफाई की वास्तविकता चैक की। शहर के रेजिडेंट्स से रूबरू होकर फीडबैक ली। फिल्ड में घूम रही इस टीम को मंत्रालय से ऑनलाइन निर्देश मिल रहे थे। इसके बाद निर्देशों के आधार पर संबंधित एरिये में जाकर वेबसाइट पर फोटो अपलोड की जा रही थी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में 4041 शहरों में सर्वे होना है। अब तक करीब 2,000 शहरों में सर्वे हो चुका है।

निगम कमिश्नर ने स्वच्छता अभियान से संबंधी कागजात टीम काे सौंपे


स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 का एग्जाम 4,000 मार्क्स का हैं जिसे तीन भागों में बांटा गया है। इनमें से 1400 मार्क्स फीडबैक के हैं जोकि टीम मेंबर्स की ओर से रेजिडेंट्स से बातचीत के बाद दिए जाने हैं। इसके अलावा 1400 मार्क्स नगर निगम के डॉक्यूमेंट्स के आधार पर और 1200 मार्क्स शहर नीट एंड क्लीन दिखने पर मिलने हैं।

सिटी रिपाेर्टर | पंचकूला

पंचकूला में स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए आई केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम बुधवार की शाम को शहर का सर्वे करने के बाद वापस लौट गई। यह तीन सदस्यीय टीम रविवार की शाम को पंचकूला पहुंची थी। इन तीन दिनों में शहर में सफाई को बढ़ावा देने के लिए हो रहे प्रयासों के डॉक्यूमेंट्स चेक करने के साथ शहर में घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया। टीम मेंबर्स ने शहर के विभिन्न सेक्टरों सहित पिंजौर व कालका में जाकर स्वच्छता पर रेजिडेंट्स की फीडबैक भी ली।

इस दौरान शहर की मार्केट, पब्लिक टॉयलेट्स, डिवाइडिंग रोड्स व सेक्टरों की इंटरनल रोड्स पर सफाई व्यवस्था को चेक किया गया। रेजिडेंट्स से बीते एक साल में सफाई व्यवस्था में हुए सुधार या सफाई रखने की आदत में आए बदलाव पर फीडबैक ली गई। सूखा व गीला कचरा अलग करने व सॉलिड वेस्ट को ठिकाने के लिए हो रहे प्रयासों की जानकारी ली गई।

केंद्रीय मंत्रालय से आई टीम के एक मेंबर ने सेक्टर 14 स्थित ऑफिस में बैठकर निगम अफसरों से स्वच्छता के लिए हो रहे प्रयासों से संबंधित डाॅक्यूमेंट्स लिए। निगम अफसरों की ओर से करीब दस हजार से ज्यादा पेज की फोटो कॉपियां टीम मेंबर को उपलब्ध कराई गई। इसमें सेनिटेशन स्टाफ की अटेंडेंस, विभिन्न सेक्टरों से कचरा एकत्र कर डम्पिंग ग्राउंड तक पहुंचाने वाली गाड़ियों की लॉग बुक, ई कार्ट खरीदने का वर्क ऑर्डर, किचन व गार्डन वेस्ट से खाद बनाने के लिए दो सेक्टरों में लगाई गई मशीन का वर्क ऑर्डर और फोटोग्राफ, विभिन्न पार्कों में गीले कचरे से खाद बनाने के लिए बनाए गए गड्‌ढों की फोटोग्राफ, पार्क डेवलपमेंट कमेटियों के कॉन्टेक्ट नंबर्स शामिल थे। टीम के दो मेंबर्स ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में जाकर सफाई की वास्तविकता चैक की। शहर के रेजिडेंट्स से रूबरू होकर फीडबैक ली। फिल्ड में घूम रही इस टीम को मंत्रालय से ऑनलाइन निर्देश मिल रहे थे। इसके बाद निर्देशों के आधार पर संबंधित एरिये में जाकर वेबसाइट पर फोटो अपलोड की जा रही थी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में 4041 शहरों में सर्वे होना है। अब तक करीब 2,000 शहरों में सर्वे हो चुका है।


खुले में शौच जाने वालों व सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैंकने वालों के 500-500 रुपये के चालान हो रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में पंचकूला को 211वां रैंक मिला था। पिछले बार डॉक्यूमेंटेशन और फीडबैक में पंचकूला पिछड़ गया था। रेजिडेंट्स से टीम को स्वच्छता पर नैगेटिव रिपोर्ट मिलने के कारण काफी कम मार्क्स दिए गए थे। इस बार पंचकूला ने सेनिटेशन व्यवस्था में सुधार के साथ शहर के लोगों को भी फीडबैक के बारे में अवेयर किया था। निगम अफसरों को पूरी उम्मीद है कि पंचकूला इस बार 4041 शहरों में से टॉप 100 में जरूर आएगा। इसके लिए पंचकूला एमसी के अफसरों सहित कर्मचारियों ने बीते तीन माह में काफी काम किया है।


पंचकूला में बीते साल के मुकाबले इस साल सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। सफाई कर्मियों की तादाद बढ़ाई गई है। शहरवासियों को गीला कचरा यानि किचन व गार्डन वेस्ट डालने के लिए ग्रीन कलर और सूखा कचरा यानि सॉलिड वेस्ट डालने के लिए ब्ल्यू कलर का डस्टबीन बांटे जा रहे हैं। लोगों को घर से ही सूखे व गीले कचरे को अलग करने की आदत डाली जा रही है। गारबेज कलेक्शन के लिए ई-कार्ट खरीदी गई हैं। ये ई कार्ट साइज में छोटी होने के कारण तंग गलियों में भी आसानी से आ-जा सकती है। इसमें गीला व सूखा कचरा डालने के लिए अलग अलग बीन बने हैं। गीले कचरे से घर के नजदीक ही खाद बनाने के लिए सेक्टर 7 और 21 में मशीनें लगाई गई हैं। इसके अलावा करीब एक दर्जन जगह पर कचरे से खाद बनाने के लिए गड्‌ढे भी किए गए हैं। रोड्स की रीकारपेटिंग का काम हो चुका है। आवारा कुत्तों की आबादी कम करने के लिए स्ट्रलाइजेशन का काम चल रहा है।

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