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ट्रैफिक पर नहीं, चालान पर ज्यादा ध्यान

5 वर्ष पहले
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पिंजौरमें प्रतिदिन बढ़ती जाम की समस्या को लेकर अब पुलिस प्रशासन भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहा। पिछले करीब 16 वर्षों से जाम की समस्या दिन प्रतिदिन कम होने की जगह ओर बढ़ती नजर रही है। हालांकि पुलिस द्वारा पिंजौर में ट्रैफिक की समस्या को लेकर गंभीर होने का दावा किया जाता है लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नजर नहीं दिखाई दे रहा। हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस द्वारा पिंजौर में जाम की समस्या को हल करने की जगह हाईवे 22 पर एचएमटी के सामने चालान काटने में व्यस्त दिखाई दे रही है।

बुधवार को कुछ ऐसा ही नजारा सुबह करीब 11 बजे देखने को उस समय मिला जब जीरकपुर शिमला हाईवे 22 पर एचएमटी के सामने एक सडक़ हादसे में एक आदमी की जान चली गई और उसके कुछ देर बाद ही वहंा पर पुलिस ने नाका लगाकर चालान काटने शुरू कर दिए। लगभग पुलिस के एक दर्जन लोग वहंा मौके पर नजर आए जबकि उसी दौरान में पिंजौर के मेन बाजार में हजारो वाहन लंबी कतार में रुक-रुककर कछुआ चाल परेशान होते नजर आए उस समय टी प्यांट पर ही करीब दो से तीन लोग ड्यूटी पर तैनात थे, मेन बाजार में कोई भी ड्यूटी पर नहीं दिखाई दिया।

इस दौरान एडीसी की गाड़ी भी जाम में सायरन बजाती फंसी नजर आई। अब तो हालात यह हो चुके हैं, कि पिंजौर मेन बाजार में ट्रैफिक की समस्या केवल उस समय ही ठीक होगी जब मुख्यमंत्री या राज्यपाल का आगमन होगा। इसके अलावा प्रतिदिन हजारों लोगों की परेशानी के लिए कोई हल नहीं है। एचएमटी के पास पहली बार पुलिस के लगे नाके पर ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी मुनीष सहगल ने बताया कि यह नाका लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है बहुत से वाहन चालक ट्रैफिक के नियमों की पालना नहीं करते। स्थानीय जरनैल सिंह, रणजीत सिंह, रामेश चोपड़ा आदि ने कहा कि पुलिस द्वारा हाईवे पर तो नाका लगाकर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में चालान काटे जाते हैं परन्तु पिंजौर मेन बाजार में अवैध पार्किंग और टी-पॉइंट पर अवैध पार्किंग पर ट्रैफिक नियमों को अनदेखा किया जा रहा है जिसका नुकसान प्रतिदिन वहां से निकलने वाले हजारो वाहनो को भुगतना पड़ता है। लोगों ने कहा कि अगर पिंजौर मेन बाजार में पुलिस अवैध पार्किंग को लेकर गंभीरता दिखाए तो समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। जब भी पिंजौर से किसी वीआईपी या मुख्यमंत्री का आना जाना होता है उस समय भी तो पुलिस अपनी पूरी गंभीरता दिखाती है और रोड पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रहती है।

हाईवे पर चालान काटती पुलिस।

हाईवे पर रोजाना ही ट्रैफिक प्रभावित होता है लेकिन पुलिस नजरअंदाज करती है।

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